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आखिरकार मथुरा छोड़ ही गए आईपीएस नितिन तिवारी, अागरा तबादला
ब्यूरो/अमर उजाला मथुरा
Updated Fri, 21 Jul 2017 08:19 PM IST
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नितिन तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा में ज्वाइनिंग के बाद से ही लंबी छुट्टी पर चल रहे आईपीएस नितिन तिवारी का स्थानांतरण कर दिया गया है। चर्चा है कि वे मथुरा आना ही नहीं चाहते थे। जब उनकी तैनाती की गई थी तभी उन्होंने इंकार कर दिया था। लेकिन शासन के आदेश पर वे ज्वाइन करने पहुंच थे, लेकिन तुरंत ही लंबी छुट्टी पर चले गए। अब शासन ने उनका स्थानांतरण आगरा जीआरपी में कर दिया है।
बता दें कि वीआईपी जिले मथुरा से अधिकारियों का मोह भंग होने लगा है। अफसर मथुरा में आने को तैयार ही नहीं हैं। जो यहां काम कर भी रहे हैं उन्होंने दूसरे जनपदों में स्थानांतरण मांगना शुरू कर दिया है। दो सराफों की हत्या कर चार करोड़ का सोना लूट की घटना के बाद से मथुरा अफसरों के लिए चुनौती बना हुआ है।
खुद मुख्यमंत्री कह चुके हैं कि मथुरा पुलिस अपराधियों से मिली हुई थी। मथुरा में बढ़ती वारदातों के बाद शासन ने विनोद मिश्रा को 7 जुलाई को हटा दिया था। 8 जुलाई को नितिन तिवारी ज्वाइन करने के लिए मथुरा आ गए थे। लेकिन दो-तीन दिन बाद ही छुट्टी पर चले गए थे। बताया जाता है कि वह तभी से अपना स्थानांतरण कराने में लगे थे।
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बताया जाता है कि इसी बीच उनके पिता बीमार हो गए थे। इसके बाद फिर उन्होंने छुट्टी बढ़वा ली थी। शुक्रवार को शासन ने उन्हें मथुरा से हटाकर आगरा जीआरपी का एसएसपी बना दिया है। उनके स्थान पर स्वप्निल ममगैन को मथुरा का एसएसपी बनाया गया है।
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बता दें कि वीआईपी जिले मथुरा से अधिकारियों का मोह भंग होने लगा है। अफसर मथुरा में आने को तैयार ही नहीं हैं। जो यहां काम कर भी रहे हैं उन्होंने दूसरे जनपदों में स्थानांतरण मांगना शुरू कर दिया है। दो सराफों की हत्या कर चार करोड़ का सोना लूट की घटना के बाद से मथुरा अफसरों के लिए चुनौती बना हुआ है।
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खुद मुख्यमंत्री कह चुके हैं कि मथुरा पुलिस अपराधियों से मिली हुई थी। मथुरा में बढ़ती वारदातों के बाद शासन ने विनोद मिश्रा को 7 जुलाई को हटा दिया था। 8 जुलाई को नितिन तिवारी ज्वाइन करने के लिए मथुरा आ गए थे। लेकिन दो-तीन दिन बाद ही छुट्टी पर चले गए थे। बताया जाता है कि वह तभी से अपना स्थानांतरण कराने में लगे थे।
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बताया जाता है कि इसी बीच उनके पिता बीमार हो गए थे। इसके बाद फिर उन्होंने छुट्टी बढ़वा ली थी। शुक्रवार को शासन ने उन्हें मथुरा से हटाकर आगरा जीआरपी का एसएसपी बना दिया है। उनके स्थान पर स्वप्निल ममगैन को मथुरा का एसएसपी बनाया गया है।
मंत्री, विधायकों के घर वालों से दुखी है मशीनरी
netaji
मथुरा में सरकारी मशीनरी इस समय मंत्री और विधायकों के घर वालों से दुखी है। मंत्री और विधायकों के भाई-बेटे अफसरों पर लगातार दबाव बनाकर अपने काम करवा रहे हैं। इससे भी अधिकारी परेशान हैं। इतना ही नहीं मंत्री और विधायकों के भाई व बेटे अफसरों से चाहते हैं कि उन्हें वीआईपी की तरह ही तवज्जो मिले। अगर कोई अधिकारी इनका फोन नहीं उठाता है तो अगले दिन अभद्रता कर दी जाती है।