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टोक्यो ओलंपिक-2020 में दो अंकों में पदक जीतकर लाएंगे भारतीय खिलाड़ी: आईओए अध्यक्ष
Sun, 21 Jul 2019 08:35 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 21 Jul 2019 08:35 AM IST
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इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र ध्रुव बत्रा
- फोटो : अमर उजाला
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इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र ध्रुव बत्रा का कहना है कि सन 2020 में जापान के टोक्यो में होने वाले ओलंपिक गेम्स में भारतीय खिलाड़ी दो अंकों में मेडल लाएंगे। डॉ. बत्रा एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) की आम सभा के अंतिम दिन शनिवार को आगरा पहुंचे।
होटल होली डे इन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि भारत में खेलों में काफी तेजी सुधार हो रहा है। खेलों में जो कमियां थीं, उन्हें लगातार दूर किया जा रहा है। पूरी तरह से सुधार होने में थोड़ा समय और लगेगा।
उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों की प्रतिभा को तराशने का काम शुरू हो चुका है। खिलाड़ियों को मजबूत प्लेटफॉर्म देने के लिए एएफआई को भी मेहनत करनी पड़ेगी। डॉ. बत्रा का कहना था कि देश में 94 प्रतिशत प्रायोजक क्रिकेट को मिल रहे हैं। छह प्रतिशत में अन्य खेल शामिल हैं। फेडरेशन कोशिश कर रहा है कि क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों को भी अच्छी स्पॉन्सरशिप मिल सके।
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सन 2022 में बर्मिंघम में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों से शूटिंग को बाहर करने पर डॉ. बत्रा का कहना है कि एसोसिएशन यह फैसला अकेले नहीं ले सकता है। इसलिए इस मुद्दे पर सरकार और आईओए मिलकर बातचीत करेंगे। इसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। उनका कहना था कि हमारी कोशिश रहेगी कि शूटिंग को राष्टमंडल खेलों में शामिल कर लिया जाए।
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होटल होली डे इन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि भारत में खेलों में काफी तेजी सुधार हो रहा है। खेलों में जो कमियां थीं, उन्हें लगातार दूर किया जा रहा है। पूरी तरह से सुधार होने में थोड़ा समय और लगेगा।
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उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों की प्रतिभा को तराशने का काम शुरू हो चुका है। खिलाड़ियों को मजबूत प्लेटफॉर्म देने के लिए एएफआई को भी मेहनत करनी पड़ेगी। डॉ. बत्रा का कहना था कि देश में 94 प्रतिशत प्रायोजक क्रिकेट को मिल रहे हैं। छह प्रतिशत में अन्य खेल शामिल हैं। फेडरेशन कोशिश कर रहा है कि क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों को भी अच्छी स्पॉन्सरशिप मिल सके।
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सन 2022 में बर्मिंघम में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों से शूटिंग को बाहर करने पर डॉ. बत्रा का कहना है कि एसोसिएशन यह फैसला अकेले नहीं ले सकता है। इसलिए इस मुद्दे पर सरकार और आईओए मिलकर बातचीत करेंगे। इसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। उनका कहना था कि हमारी कोशिश रहेगी कि शूटिंग को राष्टमंडल खेलों में शामिल कर लिया जाए।