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Agra: गोबरा गोशाला संचालन फर्जीवाड़े में शुरू हुई जांच, परिवहन आयुक्त के निरीक्षण में खुली थी पोल
Tue, 27 May 2025 09:56 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 27 May 2025 09:56 AM IST
सार
परिवहन आयुक्त ने गोबरा गोशाला का निरीक्षण किया, तो यहां हो रही फर्जीवाड़े की पोल खुल गई। इस मामले में चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है, जो पूरे प्रकरण की जांच करेगी।
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गोशाला
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा में गोबरा गोशाला संचालन में फर्जीवाड़ा की जांच शुरू हो गई है। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने सीडीओ प्रतिभा सिंह की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है। तीन दिन में कमेटी रिपोर्ट देगी।
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परिवहन आयुक्त बीएन सिंह के निरीक्षण में शनिवार को एनजीओ का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ था। अछनेरा स्थित गोबरा गांव में गोशाला है। यहां 587 गोवंश हैं। प्रति गोवंश 50 रुपये भुगतान किया जाता है। एनजीओ शिवम फाउंडेशन से संचालन का एक साल का करार हुआ था। ग्राम सभा की अनुमति के बिना सचिव ने एनजीओ का करार पांच साल कर दिया था।
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डीएम ने बताया कि जांच कमेटी में एडीएम वित्त एवं राजस्व, मुख्य कोषाधिकारी और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी भी हैं। प्रधान, एडीओ व बीडीओ पर भी ग्रामीणों ने आरोप लगाए हैं।
निलंबित हो चुका है ग्राम विकास अधिकारी
अगस्त 2023 में गोबरा गोशाला में दो गाय भूख-प्यास से तड़प कर मर गई थीं। गाय का पोस्टमार्टम नहीं कराया। मामले में सहायक विकास अधिकारी पंचायत से लेकर ग्राम प्रधान भूरी सिंह सहित आठ लोगों की लापरवाही और गैर जिम्मेदार रवैया सामने आया था। तत्कालीन सीडीओ ए मनिकन्डन ने ग्राम विकास अधिकारी गौरव कुमार को निलंबित किया था। प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज करने के लिए नोटिस भेजा था।
अगस्त 2023 में गोबरा गोशाला में दो गाय भूख-प्यास से तड़प कर मर गई थीं। गाय का पोस्टमार्टम नहीं कराया। मामले में सहायक विकास अधिकारी पंचायत से लेकर ग्राम प्रधान भूरी सिंह सहित आठ लोगों की लापरवाही और गैर जिम्मेदार रवैया सामने आया था। तत्कालीन सीडीओ ए मनिकन्डन ने ग्राम विकास अधिकारी गौरव कुमार को निलंबित किया था। प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज करने के लिए नोटिस भेजा था।