एटा: भूमाफिया ने सरकारी जमीन करा ली अपने नाम, फर्जीवाड़े में तहसीलदार समेत आठ दोषी
- ग्राम समाज की 25 करोड़ रुपये की जमीन भू-माफियाओं ने फर्जी तरीके से कराई अपने नाम
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एटा जिले की जलेसर तहसील के गांव चुरथरा में भू-माफिया ने अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी तरीके से ग्राम समाज की 25 करोड़ रुपये की 7.69 (करीब 30 बीघा) हेक्टेयर भूमि को अपने नाम अभिलेखों में दर्ज करा लिया। जांच के बाद अधिकारियों सहित दोषी भू-माफिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। तत्कालीन तहसीलदार पर कार्रवाई के लिए राजस्व परिषद को पत्र लिखा गया है।
गांव चुरथरा निवासी अंकुर शुक्ला ने जिलाधिकारी डॉ. विभा चहल से शिकायत की थी कि भू-माफिया ने चकबंदी अध्यक्ष की मिलीभगत से जमीन को अपने नाम दर्ज करवा लिया है। शिकायत पर जिलाधिकारी ने जांच के लिए अपर जिलाधिकारी विवेक कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई।
कमेटी ने जांच रिपोर्ट में कहा है कि तत्कालीन तहसीलदार आनंद सिंह ने अपने क्षेत्राधिकार से अलग जाकर ग्राम समाज की भूमि को क्षति पहुंचाई। वहीं चकबंदी अधिकारी आरडी शर्मा, सहायक चकबंदी अधिकारी अवागढ़ अजय कुमार तथा अमर सिंह, चकबंदी लेखपाल जवाहर लाल, सहायक चकबंदी अधिकारी पीतम सिंह को नियम विरुद्ध चक संयोजन का दोषी बताते हुए उनके खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की।
जांच में तत्कालीन रजिस्ट्रार कानूनगो राजकुमार यादव (सेवानिवृत्त) व उनके व्यक्तिगत कंप्यूटर ऑपरेटर ब्रजेश कुमार को भी भू-माफिया का सहयोग करने पर दोषी माना गया है। जबकि गांव चुरथरा निवासी राकेश, राम भरोसे, अवधेश कुमार और हबीब खां निवासी मोहनपुर थाना अवागढ़, मैना देवी निवासी फिरोजाबाद को भूमि अपने नाम कराने का आरोपी पाया गया।
जिले में कई गांव में है सरकारी जमीनों पर कब्जे
जिले में 50 से अधिक ऐसे गांव हैं जहां ग्राम पंचायतों की जमीन पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। सदर तहसील और जलेसर तहसील में उप जिलाधिकारियों द्वारा इनमें से कई गांवों में अवैध कब्जों को हटवाकर जमीन को राज्य सरकार में निहित किया गया है।
जिले में पहली बार ऐसा हुआ जब लगभग 25 करोड़ की जमीन के मामले में अधिकारियों को दोषी पाया गया है। जिले की तीनों तहसीलों में जांच कराई जाए तो बड़ी संख्या में ऐसे मामले मिलेंगे जहां लेखपाल, कानूनगो स्तर के अधिकारियों द्वारा भू माफियाओं को जमीनों पर कब्जे कराए गए हैं।