फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Information Received From RTI Three Girls Missing EveryDay In Up 50 Districts Crime News

यूपी: हर रोज गायब होती हैं तीन बेटियां, 50 जिलों से आरटीआई के जवाब में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Sat, 27 Nov 2021 12:04 AM IST
Abhishek Saxena अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Sat, 27 Nov 2021 12:04 AM IST
सार

हर रोज तीन लड़कियां गायब होने चिंता की बात है। सामाजिक कार्यकर्ता का कहना है कि या तो लड़कियां प्रेम जाल में फंसाई जा रही हैं या फिर इन्हें देह व्यापार में धकेला जा रहा है।

विज्ञापन
Information Received From RTI Three Girls Missing EveryDay In Up 50 Districts Crime News
demo pic

विस्तार

सरकारें भले ही बेटियों की सुरक्षा के लाख दावे करें लेकिन बेटियां आज भी असुरक्षित हैं। उत्तर प्रदेश से हर रोज तीन बेटियां लापता हो रही हैं। यह सनसनीखेज खुलासा सूचना का अधिकार (आरटीआई) से मिली जानकारी में हुआ है। 50 जिलों से मिले आरटीआई के जवाब में उत्तर प्रदेश पुलिस ने बताया कि पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश से कुल 1,763 बच्चे लापता हुए। जिसमें 1,166 लड़कियां हैं। 1,080 लड़कियां 12-18 वर्ष की आयु की हैं। कुल लापता लड़कियों में से 966 लड़कियों को बरामद कर लिया गया है। दो सौ लड़कियां आज भी लापता हैं।

विज्ञापन


तीन सौ परिवारों को है बच्चों का इंतजार
आगरा के आरटीआई एवं चाइल्ड राइट एक्टिविस्ट नरेश पारस ने वर्ष 2020 में लापता बच्चों की जानकारी उत्तर प्रदेश पुलिस से मांगी थी जिसमें 50 जिलों से जवाब मिला। कुल 1,763 बच्चे लापता हुए। जिसमें 597 लड़के और 1,166 लड़कियां हैं। अब तक 1,461 बच्चों को बरामद किया गया है। 302 बच्चे अभी लापता हैं। जिसमें 102 लड़के और दो सौ लड़कियां हैं। 50 जिलों का विश्लेषण करने पर ज्ञात होता है कि उत्तर प्रदेश से हर रोज लगभग पांच बच्चे लापता हो रहे हैं। कुछ जिलों की पुलिस ने आरटीआई का जबाव देने से सीधे इंकार कर दिया है।
विज्ञापन

चिंता का विषय
नरेश पारस ने लापता बच्चों पर चिंता जताते हुए कहा कि आखिर बच्चे कहां जा रहे हैं। हर रोज पांच बच्चों का लापता होना चिंता का विषय है। लापता बच्चा चार माह तक बरामद न होने पर विवेचना मानव तस्करी निरोधक शाखा में स्थानांतरित करने का प्रावधान है। उसके बावजूद भी लापता बच्चों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। लड़कियों की संख्या और अधिक चिंतित करती है। 12-18 वर्ष की लड़कियां ज्यादा गायब हो रहीं हैं। या तो लड़कियां प्रेमजाल में फंस रही हैं या फिर उनको देह व्यापार में धकेला जा रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

हर जिले में करवाई जाए जनसुनवाई
नरेश पारस ने कहा कि हर जिले में पुलिस मुख्यालय पर लापता बच्चों की जन सुनवाई कराई जाए। जिसमें थाने के विवेचक और परिजनों को बुलाकर केस की समीक्षा की जाए। चार महीने तक बच्चा न मिलने पर मानव तस्करी निरोधक थाने से विवेचना कराई जाए। यह थाने हर जनपद में खोले गए हैं।

ये हैं पांच शीर्ष जिले
मेरठ - 113
गाजियाबाद - 92
सीतापुर - 90
मैनपुरी - 86
कानपुर नगर - 80
मथुरा सामूहिक दुष्कर्म कांड: आठ दिन पहले हुई थी पीड़िता के पिता की मौत, वारदात से सदमे में परिवार
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed