{"_id":"5a7c7a774f1c1b2a788b4aef","slug":"indian-railway-tte-saved-a-life-of-passenger","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चलती ट्रेन में यात्री को पड़ा हार्ट अटैक, टीटीई की इस करामात ने बचा ली जान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चलती ट्रेन में यात्री को पड़ा हार्ट अटैक, टीटीई की इस करामात ने बचा ली जान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 09 Feb 2018 11:18 AM IST
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heart attack
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आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर तैनात टीटीई आफताब अहमद ने हृदयाघात से पीड़ित यात्री की जान बचाई। स्टेशन पर ट्रेन के रुकते ही यात्री को प्लेटफार्म पर लाया गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें उखड़ने लगी थीं।
इस पर टीटीई ने यात्री को सीपीआर (मुंह से सांस देना) देकर उनकी धड़कन को दोबारा शुरू किया। तब तक एंबुलेंस भी पहुंच गई थी। इसके बाद यात्री को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत खतरे से बाहर है।
वाकया गुरुवार सुबह का है। ग्वालियर से आगरा आ रही कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस के कोच एस-3 में ग्वालियर के शमीम (48) सफर कर रहे थे। आगरा के पास पहुंचने पर अचानक उनकी हालत बिगड़ने लगी। दिल के मरीज शमीम ने इसकी जानकारी कोच में सफर कर रहे अन्य यात्रियों को दी।
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इसके बाद रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। कंट्रोल से कैंट स्टेशन पर मैसेज पहुंचा तो टीटीई आफताब अहमद ने रेलवे अस्पताल की मेडिकल टीम को सूचना भेज दी। तकरीबन दस मिनट के बाद ट्रेन कैंट स्टेशन पर पहुंच गई।
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इस पर टीटीई ने यात्री को सीपीआर (मुंह से सांस देना) देकर उनकी धड़कन को दोबारा शुरू किया। तब तक एंबुलेंस भी पहुंच गई थी। इसके बाद यात्री को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत खतरे से बाहर है।
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वाकया गुरुवार सुबह का है। ग्वालियर से आगरा आ रही कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस के कोच एस-3 में ग्वालियर के शमीम (48) सफर कर रहे थे। आगरा के पास पहुंचने पर अचानक उनकी हालत बिगड़ने लगी। दिल के मरीज शमीम ने इसकी जानकारी कोच में सफर कर रहे अन्य यात्रियों को दी।
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इसके बाद रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। कंट्रोल से कैंट स्टेशन पर मैसेज पहुंचा तो टीटीई आफताब अहमद ने रेलवे अस्पताल की मेडिकल टीम को सूचना भेज दी। तकरीबन दस मिनट के बाद ट्रेन कैंट स्टेशन पर पहुंच गई।
तब तक मेडिकल टीम स्टेशन पर नहीं पहुंच सकी थी। स्टेशन पर मौजूद रेल स्टाफ ने कोच से बीमार यात्री को प्लेटफार्म पर लाए। इसी बीच शमीम को दिल का दौरा पड़ चुका था और उनकी हालत गंभीर थी। सांसें उखड़ने लगी थीं।
ये देखकर टीटीई आफताब अहमद ने तुरंत ही मरीज को मुंह से सांस देना और थपथपाना शुरू कर दिया। तकरीबन दस मिनट तक सीपीआर देने से मरीज की धड़कन सामान्य हुई। इस पर स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने राहत की सांस ली। इसके बाद मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आगरा मंडल के वाणिज्य प्रबंधक डा. संचित त्यागी ने बताया कि टीटीई ने अपने प्रयासों से यात्री की जान बचाकर सराहनीय कार्य किया है। उन्हें पुरस्कृत करने को इलाहाबाद मुख्यालय के अधिकारियों से कहा गया है।
ये देखकर टीटीई आफताब अहमद ने तुरंत ही मरीज को मुंह से सांस देना और थपथपाना शुरू कर दिया। तकरीबन दस मिनट तक सीपीआर देने से मरीज की धड़कन सामान्य हुई। इस पर स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने राहत की सांस ली। इसके बाद मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आगरा मंडल के वाणिज्य प्रबंधक डा. संचित त्यागी ने बताया कि टीटीई ने अपने प्रयासों से यात्री की जान बचाकर सराहनीय कार्य किया है। उन्हें पुरस्कृत करने को इलाहाबाद मुख्यालय के अधिकारियों से कहा गया है।