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शिक्षक को आयकर विभाग से मिला डेढ़ करोड़ का नोटिस
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17एमएनपी-26- ठगी का शिकार हुए अतुल अग्रिहोत्री। दिल्ली के ध्यानार्थ...
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। शहर के मोहल्ला दक्षिणी छपट्टी निवासी निजी स्कूल के शिक्षक को आयकर विभाग से डेढ़ करोड़ का नोटिस मिला है। उसने दिल्ली के द्वारिका थाने में जाकर एक बीपीओ कंपनी पर धोखाधड़ी कर खाता खुलवाने का आरोप लगाया। उधर आयकर विभाग के नोटिस की समय सीमा समाप्त समाप्त होने को है। इसके चलते शिक्षक परेशान है।
कोतवाली क्षेत्र के दक्षिणी छपट्टी मोहल्ला निवासी अतुल अग्निहोत्री शहर के होली पब्लिक स्कूल में करीब दस वर्ष से शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। शिक्षक के अनुसार वर्ष 2011 में वह दिल्ली के द्वारिका सेक्टर सात स्थित एक बीपीओ कंपनी में नौकरी के लिए गए थे। वहां 10 हजार की सैलरी बताने के साथ ही काम पर लगा लिया गया। इस बीच करीब पांच दिन बाद काम न कर पाने पर अतुल से कहा कि वह कन्नौज में एक मोबाइल की दुकान खोल ले। उस दुकान पर बैठने के लिए उसे 20 हजार प्रतिमाह दिए जाएंगे। सैलरी खाते में डाले जाने की बात कहते हुए उससे पैन कार्ड, आधार आदि कागजात लिए गए और एक बैंक में उसका खाला भी खुलवा दिया गया। कई महीने बीतने के बाद भी न तो माल आया न ही उसे सैलरी मिली।
अतुल ने दिल्ली जाकर जानकारी ली, लेकिन वहां कोई बीपीओ नहीं मिला। इसके बाद अतुल वापस घर आ गया था। दिसंबर 2019 में उसे आयकर विभाग से टैक्स के तौर पर डेढ़ करोड़ जमा किए जाने का नोटिस मिला।
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एक साल में हुआ 31 करोड़ का लेनदेन
अतुल के नाम से खुलवाए गए खाते से वर्ष 2011-12 में करीब 31 करोड़ का लेनदेन किया गया। वहीं वर्ष 2012-13 में करीब नौ करोड़ का लेनदेन हुआ। पीड़ित के अनुसार धोखाधड़ी करके उससे कई चेक पर हस्ताक्षर भी कराए गए थे।
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कोतवाली क्षेत्र के दक्षिणी छपट्टी मोहल्ला निवासी अतुल अग्निहोत्री शहर के होली पब्लिक स्कूल में करीब दस वर्ष से शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। शिक्षक के अनुसार वर्ष 2011 में वह दिल्ली के द्वारिका सेक्टर सात स्थित एक बीपीओ कंपनी में नौकरी के लिए गए थे। वहां 10 हजार की सैलरी बताने के साथ ही काम पर लगा लिया गया। इस बीच करीब पांच दिन बाद काम न कर पाने पर अतुल से कहा कि वह कन्नौज में एक मोबाइल की दुकान खोल ले। उस दुकान पर बैठने के लिए उसे 20 हजार प्रतिमाह दिए जाएंगे। सैलरी खाते में डाले जाने की बात कहते हुए उससे पैन कार्ड, आधार आदि कागजात लिए गए और एक बैंक में उसका खाला भी खुलवा दिया गया। कई महीने बीतने के बाद भी न तो माल आया न ही उसे सैलरी मिली।
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अतुल ने दिल्ली जाकर जानकारी ली, लेकिन वहां कोई बीपीओ नहीं मिला। इसके बाद अतुल वापस घर आ गया था। दिसंबर 2019 में उसे आयकर विभाग से टैक्स के तौर पर डेढ़ करोड़ जमा किए जाने का नोटिस मिला।
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एक साल में हुआ 31 करोड़ का लेनदेन
अतुल के नाम से खुलवाए गए खाते से वर्ष 2011-12 में करीब 31 करोड़ का लेनदेन किया गया। वहीं वर्ष 2012-13 में करीब नौ करोड़ का लेनदेन हुआ। पीड़ित के अनुसार धोखाधड़ी करके उससे कई चेक पर हस्ताक्षर भी कराए गए थे।