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यूपी बोर्ड रिजल्टः विशेषज्ञों की सलाह, परिणाम को ही न मानें आखिरी मंजिल
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 09 Jun 2017 12:03 PM IST
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा का परिणाम आज जारी होगा। कुछ परीक्षार्थी टॉपर्स तो कुछ सम्मान सहित पास होने वालों की सूची में शामिल होंगे। कुछ असफल भी हो सकते हैं।
यहां देखें रिजल्ट - https://goo.gl/jN7nvE
विशेषज्ञों की परीक्षार्थियों के लिए सलाह है कि वह हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परिणाम को ही मंजिल न माने। यदि परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं तो आत्मविश्वास पैदा करें। यह ठान लें कि आगे अच्छा करना है।
मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र के मनोवैज्ञानिक रामसेवक का कहना है कि परीक्षार्थी को खुद का परिणाम ही देखना चाहिए और अपना मूल्यांकन करना चाहिए। दूसरे परीक्षार्थियों के अंकों से तुलना नहीं करना चाहिए। किसी के अंक देखकर हताश होने के बाद यह संकल्प लेना चाहिए कि आगे की परीक्षाओं में खुद को साबित करना है। हीन भावना मन में नहीं लानी चाहिए।
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अभिभावकों को भी चाहिए कि वह कम अंक आने पर या असफल होने पर भी बच्चों के साथ लचीला व्यवहार करें। उनका मनोबल बढ़ाएं, हतोत्साहित न करें। अभिभावक बच्चों की काउंसलिंग मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र पर करा सकते हैं। मंडलीय मनोवैज्ञानिक रामसेवक से उनके मोबाइल नंबर 9457003812 पर संपर्क कर सकते हैं। मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक डा. प्रदीप कुमार का कहना है कि मंजिल पास-फेल होने से ही तय नहीं होती है। असफलता यह सिद्ध करती है कि प्रयास पूरे मन से नहीं किया गया। आगे खुद को साबित करने का प्रयास करना चाहिए।
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यहां देखें रिजल्ट - https://goo.gl/jN7nvE
विशेषज्ञों की परीक्षार्थियों के लिए सलाह है कि वह हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परिणाम को ही मंजिल न माने। यदि परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं तो आत्मविश्वास पैदा करें। यह ठान लें कि आगे अच्छा करना है।
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मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र के मनोवैज्ञानिक रामसेवक का कहना है कि परीक्षार्थी को खुद का परिणाम ही देखना चाहिए और अपना मूल्यांकन करना चाहिए। दूसरे परीक्षार्थियों के अंकों से तुलना नहीं करना चाहिए। किसी के अंक देखकर हताश होने के बाद यह संकल्प लेना चाहिए कि आगे की परीक्षाओं में खुद को साबित करना है। हीन भावना मन में नहीं लानी चाहिए।
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अभिभावकों को भी चाहिए कि वह कम अंक आने पर या असफल होने पर भी बच्चों के साथ लचीला व्यवहार करें। उनका मनोबल बढ़ाएं, हतोत्साहित न करें। अभिभावक बच्चों की काउंसलिंग मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र पर करा सकते हैं। मंडलीय मनोवैज्ञानिक रामसेवक से उनके मोबाइल नंबर 9457003812 पर संपर्क कर सकते हैं। मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक डा. प्रदीप कुमार का कहना है कि मंजिल पास-फेल होने से ही तय नहीं होती है। असफलता यह सिद्ध करती है कि प्रयास पूरे मन से नहीं किया गया। आगे खुद को साबित करने का प्रयास करना चाहिए।