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चुनावों में कोरोना से मृतक शिक्षक व कर्मियों को मिले एक कारोड़ का मुआवजा
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कासगंज। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने चुनाव के दौरान मृतक हुए शिक्षक व कर्मियों को एक करोड़ का मुुआवजा दिए जाने की मांग की है। इससे पीड़ित के परिजनों को राहत मिल सकें।
जिलाध्यक्ष जितेंद्र पाल सिंह ने कहा कि कोरोना काल में शिक्षक व कर्मियों ने मतदान व मतगणना का प्रशिक्षण। चुनाव में अपनी जान जोखिम में डालकर चुनावों को संपन्न कराया। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक व कर्मी कोरोना पॉजिटिव हो गए और उनकी मौत हो गईं। लेकिन उनके परिजनों को अभी तक राहत नहीं दी गई हैँ। जिससे शिक्षकों में रोष है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से संगठन के द्वारा मांग की गई हैं सभी के मृतक शिक्षक व कर्मियों के परिजनों को एक करोड़ की अनुग्रह राशि दी जाए। पिछले वर्ष कोरोना से लड़ाई को प्रदेश के शिक्षक व कर्मियों के वेतन से लगभग 76 करोड़ रुपया एकत्रित किया था। वहीं महंगाई भत्ता भी प्रदेश सरकार पर फ्रीज हैं। यदि सरकार मृतकों के परिजनों को मुआवजा नहीं दे पा रही हैं तो फ्रीज धनराशि व वेतन कटौती से प्राप्त धनराशि से बेसिक शिक्षा कोष बनाकर उससे शिक्षकों को मुआवजा दिया जाए। मांग करने वालों में जिला संयोजक अखंड प्रताप, श्याम बिहारी कुशवाहा, अरविंद पाल सिंह, धर्मेंद्र यादव, कैलाश कश्यप, मनोज कुमार, संतोष राठौर, राजीव शाक्य, चैतन्य कुमार, राजीव राठौर, सुषमा शाक्य, अनीता सक्सेना, रेनू गुप्ता, गुलजार हुसैन आदि शामिल हैं।
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जिलाध्यक्ष जितेंद्र पाल सिंह ने कहा कि कोरोना काल में शिक्षक व कर्मियों ने मतदान व मतगणना का प्रशिक्षण। चुनाव में अपनी जान जोखिम में डालकर चुनावों को संपन्न कराया। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक व कर्मी कोरोना पॉजिटिव हो गए और उनकी मौत हो गईं। लेकिन उनके परिजनों को अभी तक राहत नहीं दी गई हैँ। जिससे शिक्षकों में रोष है।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से संगठन के द्वारा मांग की गई हैं सभी के मृतक शिक्षक व कर्मियों के परिजनों को एक करोड़ की अनुग्रह राशि दी जाए। पिछले वर्ष कोरोना से लड़ाई को प्रदेश के शिक्षक व कर्मियों के वेतन से लगभग 76 करोड़ रुपया एकत्रित किया था। वहीं महंगाई भत्ता भी प्रदेश सरकार पर फ्रीज हैं। यदि सरकार मृतकों के परिजनों को मुआवजा नहीं दे पा रही हैं तो फ्रीज धनराशि व वेतन कटौती से प्राप्त धनराशि से बेसिक शिक्षा कोष बनाकर उससे शिक्षकों को मुआवजा दिया जाए। मांग करने वालों में जिला संयोजक अखंड प्रताप, श्याम बिहारी कुशवाहा, अरविंद पाल सिंह, धर्मेंद्र यादव, कैलाश कश्यप, मनोज कुमार, संतोष राठौर, राजीव शाक्य, चैतन्य कुमार, राजीव राठौर, सुषमा शाक्य, अनीता सक्सेना, रेनू गुप्ता, गुलजार हुसैन आदि शामिल हैं।
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