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रतन कुंड में मकानों में आई दरार, घर छोड़ रहे लोग
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मथुरा। चौबिया पाड़ा स्थित रतनकुंड में गिरने लगे फटे हुए मकान।
- फोटो : MATHURA
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मथुरा। शहर के बीच रतन कुंड में मकानों में दरारें आने का क्रम जारी है। अब तक यहां 15 मकानों में दरार आ गई हैं। इनमें से दो लोगों के मकान गिर गए हैं। दहशत में आए लोग यहां से जाने को मजबूर हैं। दो लोगों ने घर छोड़ दिया है।
चौबिया पाड़ा से जुड़े वार्ड 68 के रतन कुुंड क्षेत्र में नालियों से पानी रिसने से मकानों में दरार आ रही हैं। विगत एक सप्ताह पूर्व मकानों के फटने की संख्या लगभग छह थी, अब मकान फटने वालों की संख्या बढ़कर करीब 15 हो गई है।
इनमें से कलुआ चतुर्वेदी और मकान चतुर्वेदी के मकान गिर गए हैं। मकानों के फटने की गति को देखकर कुछ लोग मकान छोड़कर यहां से चले गए हैं। जगदीश चौबे और सतीश चतुर्वेदी घर खाली करके चले हैं। इनके मकान फटे हैं उनमें मनोज चतुर्वेदी, जगदीश चतुर्वेदी, नरेंद्र चतुर्वेदी, सुरेंद्र चतुर्वेदी, सतीश चतुर्वेदी, सुरेश चतुर्वेदी, बल्देव प्रसाद, महेंद्र चतुर्वेदी शामिल हैं।
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जगदीश चौबे, सतीश चतुर्वेदी घर खाली करवा रहे हैं। उधर, क्षेत्र के पार्षद रीतेश चतुर्वेदी ने प्रभावित लोगों के लिए मुआवजे की मांग की है। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।
निगम ने नालियों की नहीं कराई मरम्मत
मकानों के गिरने का कारण नालियों का मरम्मत कार्य नहीं कराया जाना है। दरअसल यह नालियां करीब 30 वर्ष पूर्व बनी थीं। तब से इनका कोई मरम्मत कार्य नहीं कराया गया है। इसके चलते घरों से निकला नालियों का पानी मकानों की नींव में ही जा रहा था। नगर निगम के मुख्य अभियंता पीके मित्तल ने बताया कि उन्हें जैसे ही सूचना मिली मरम्मत कार्य प्रारंभ करा दिया गया है।
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चौबिया पाड़ा से जुड़े वार्ड 68 के रतन कुुंड क्षेत्र में नालियों से पानी रिसने से मकानों में दरार आ रही हैं। विगत एक सप्ताह पूर्व मकानों के फटने की संख्या लगभग छह थी, अब मकान फटने वालों की संख्या बढ़कर करीब 15 हो गई है।
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इनमें से कलुआ चतुर्वेदी और मकान चतुर्वेदी के मकान गिर गए हैं। मकानों के फटने की गति को देखकर कुछ लोग मकान छोड़कर यहां से चले गए हैं। जगदीश चौबे और सतीश चतुर्वेदी घर खाली करके चले हैं। इनके मकान फटे हैं उनमें मनोज चतुर्वेदी, जगदीश चतुर्वेदी, नरेंद्र चतुर्वेदी, सुरेंद्र चतुर्वेदी, सतीश चतुर्वेदी, सुरेश चतुर्वेदी, बल्देव प्रसाद, महेंद्र चतुर्वेदी शामिल हैं।
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जगदीश चौबे, सतीश चतुर्वेदी घर खाली करवा रहे हैं। उधर, क्षेत्र के पार्षद रीतेश चतुर्वेदी ने प्रभावित लोगों के लिए मुआवजे की मांग की है। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।
निगम ने नालियों की नहीं कराई मरम्मत
मकानों के गिरने का कारण नालियों का मरम्मत कार्य नहीं कराया जाना है। दरअसल यह नालियां करीब 30 वर्ष पूर्व बनी थीं। तब से इनका कोई मरम्मत कार्य नहीं कराया गया है। इसके चलते घरों से निकला नालियों का पानी मकानों की नींव में ही जा रहा था। नगर निगम के मुख्य अभियंता पीके मित्तल ने बताया कि उन्हें जैसे ही सूचना मिली मरम्मत कार्य प्रारंभ करा दिया गया है।