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Agra News: जगनेर में तीन घंटे तक तड़पती रही प्रसूता, सड़क पर दिया बच्चे को जन्म
Fri, 08 May 2026 02:25 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 08 May 2026 02:25 AM IST
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जगनेर। कस्बे में बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य सेवाओं की बेहद शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। यहां एक गर्भवती महिला तीन घंटे तक प्रसव पीड़ा से सड़क पर तड़पती रही, लेकिन आपातकालीन नंबर पर सूचना देने के बावजूद एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। अंततः मजबूरी में महिला ने सड़क पर ही असुरक्षित तरीके से बच्चे को जन्म दिया।
जगनेर क्षेत्र की निवासी एक गर्भवती महिला बृहस्पतिवार को बाजार आई थी। अचानक उसे तीव्र प्रसव पीड़ा होने लगी और वह सड़क पर ही गिरकर तड़पने लगी। स्थानीय लोगों ने मानवता दिखाते हुए तत्काल एंबुलेंस को फोन किया और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सूचित किया। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि सूचना देने के तीन घंटे बाद तक भी कोई सरकारी मदद नहीं पहुंची। दर्द से बेहाल महिला की स्थिति देख आसपास की महिलाओं ने उसे घेरे में लिया, जहां उसने असुरक्षित तरीके से बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के दौरान काफी मात्रा में रक्तस्राव होने से सड़क खून से लथपथ हो गई। बताया गया है कि जन्मा बच्चा ‘प्री-मैच्योर’ (करीब 6 माह का) है।
इस पूरे मामले में सीएचसी अधीक्षक डॉ. यादवेंद्र सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि जब इमरजेंसी कॉल आई थी, उस समय केंद्र की कोई भी एम्बुलेंस अस्पताल में मौजूद नहीं थी। उन्होंने बच्चे के प्री-मैच्योर होने की पुष्टि की है। हालांकि, इस घटना ने स्थानीय स्वास्थ्य तंत्र और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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जगनेर क्षेत्र की निवासी एक गर्भवती महिला बृहस्पतिवार को बाजार आई थी। अचानक उसे तीव्र प्रसव पीड़ा होने लगी और वह सड़क पर ही गिरकर तड़पने लगी। स्थानीय लोगों ने मानवता दिखाते हुए तत्काल एंबुलेंस को फोन किया और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सूचित किया। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि सूचना देने के तीन घंटे बाद तक भी कोई सरकारी मदद नहीं पहुंची। दर्द से बेहाल महिला की स्थिति देख आसपास की महिलाओं ने उसे घेरे में लिया, जहां उसने असुरक्षित तरीके से बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के दौरान काफी मात्रा में रक्तस्राव होने से सड़क खून से लथपथ हो गई। बताया गया है कि जन्मा बच्चा ‘प्री-मैच्योर’ (करीब 6 माह का) है।
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इस पूरे मामले में सीएचसी अधीक्षक डॉ. यादवेंद्र सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि जब इमरजेंसी कॉल आई थी, उस समय केंद्र की कोई भी एम्बुलेंस अस्पताल में मौजूद नहीं थी। उन्होंने बच्चे के प्री-मैच्योर होने की पुष्टि की है। हालांकि, इस घटना ने स्थानीय स्वास्थ्य तंत्र और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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