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अंधेरगर्दी : चंबल ही नहीं, यमुना का सीना चीर रहे खनन माफिया, अवैध खनन कैमरे में कैद

Mon, 27 Jul 2020 12:22 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Mon, 27 Jul 2020 12:22 AM IST
सार

  • मेहताब बाग के पास रात होते ही लग जाती हैं ट्रैक्टर-ट्रॉलियां
  • एत्माद्दौला में किया जा रहा भंडारण, बारिश में ऊंचे दाम पर बेचते हैं माफिया

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Illegal Mining In Yamuna River Crime News
यमुना नदी में खनन करते लोग कैमरे में हुए कैद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंबल ही नहीं, यमुना में अवैध खनन हो रहा है। वह भी शहर के अंदर। मेहताब बाग से थोड़ा आगे चलते ही पचपुरा गांव के पास रात होते ही एक-एक कर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के आने का सिलसिला शुरू हो जाता है। रात दो से सुबह चार बजे तक खनन होता है।
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यहां से रेत ले जाकर एत्माद्दौला में भंडारण किया जाता है। अमर उजाला टीम ने शनिवार की रात दो से रविवार सुबह चार बजे तक अवैध खनन को कैमरे में कैद किया।

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रात को दस बजे नो एंट्री खुलते ही यमुना किनारा रोड पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और ट्रकों की आवाजाही शुरू हो गई। मेहताब बाग से आगे यमुना के किनारे पर हलचल शुरू हो गई। एक एक कर लोग आने लगे। रात के 12 बजे सड़कों पर ट्रैफिक न के बराबर रह गया। तब पचपुरा की तरफ से ट्रैक्टर ट्रॉलियां यमुना किनारे पर आ लगीं। पहले एक आई और फिर एक और आ गई।
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अनदेखी : दो बजते ही शुरू हो गया खनन, पुलिस का पता नहीं
खनन शुरू हुआ रात दो बजे, यह सुबह चार बजे तक चला। आठ-दस लोग रेत निकाल रहे थे, एक ट्रॉली भरती तो दूसरी आ जाती। यहां से वे उसे एत्माद्दौला की तरफ ले जा रहे थे।

एक चालक से ग्राहक बनकर पूछा कि रेत चाहिए तो जवाब मिला, एत्माद्दौला आ जाओ, वहां प्रति बुग्गी और प्रति टॉली की दर से मिलता है। बुग्गी 500, ट्रॉली 800 से 900 में पड़ेगी। मेहताब बाग से खनन करके एत्माद्दौला तक रेत ले जाने के दौरान कहीं पुलिस चेकिंग नहीं कर रही थी। रात 12 से सुबह चार बजे तक खनन माफिया के गुर्गे सक्रिय रहते हैं। इस दौरान कोई चेकिंग नहीं हुई।

पांच से सात बजे तक होती है बिक्री
एत्माद्दौला के लोगों ने बताया कि यहां गोदामों में रेत का स्टॉक किया जाता है। सुबह पांच बजे से इसे बेचा जाता है। सात बजे तक लोग खरीदकर ले जाते हैं।

सिकंदरा में भी है अड्डा
खनन का दूसरा बड़ा अड्डा सिकंदरा है। यहां बाईंपुर में बड़े पैमाने पर अवैध खनन होता है। पास के गांवों में 20 -25 जेसीबी हैं जो इसमें लगाई जाती हैं। फिलहाल यहां से शिकायतें नहीं आ रही हैं। पिछले साल यहां छापा भी लगा था।

दुस्साहस : पुलिस पर हो चुका है हमला
बाह, खेरागढ़ और पिनाहट में खनन माफिया के गुर्गे पुलिस पर हमले कर चुके हैं। सिपाही और दरोगा पर गोली तक चलाई है। इसके बावजूद पुलिस खनन माफिया पर कार्रवाई में ढिलाई बरत रही है। अवैध खनन के मुकदमों में नामजद 20 से अधिक आरोपी फरार हैं।
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