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18 साल तलाक के लिए लड़े, अब 1 वजह ने मिला दिए पति-पत्नी के दिल
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Mon, 11 Dec 2017 06:52 AM IST
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husband wife
- फोटो : amar ujala
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आगरा शहर के खंदारी की बबीता और शिमला का सुभाष सात जन्मों का बंधन तोड़कर अलग-अलग जिंदगी बसर करने का फैसला ले चुके थे। दोनों ने तलाक लेने की ठान ली थी। इसके वास्ते 18 साल से अदालत के चक्कर काट रहे थे।
हजार तकलीफें सहन की लेकिन रिश्ता तोड़कर अलग दुनिया बसाने की जिद नहीं छूटी। सुप्राीम कोर्ट तक गया मामला। केस के दौरान उनकी बेटी बड़ी हो गई। अब बेटी की खातिर दोनों ने गिले शिकवे भुला दिए और फिर से एक छत के नीचे रहने का फैसला लिया। राष्ट्रीय लोक अदालत में दोनों का पुनर्मिलन देख हर किसी को सुखद अहसास हुआ।
दोनों की शादी 12 दिसंबर 1994 को हुई थी। थोड़े दिन बाद ही अनबन हो गई। बबीता को सुभाष से शिकायतें थी और सुभाष को बबीता से। रिश्ते-नातेदारों ने समझाया, पंचायतें की, लेकिन बात नहीं बनी। नौबत यहां तक आई कि 1999 में तलाक के लिए कोर्ट में केस दायर कर दिया गया। इसकी अर्जी सुभाष ने शिमला की कोर्ट में दी थी।
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हजार तकलीफें सहन की लेकिन रिश्ता तोड़कर अलग दुनिया बसाने की जिद नहीं छूटी। सुप्राीम कोर्ट तक गया मामला। केस के दौरान उनकी बेटी बड़ी हो गई। अब बेटी की खातिर दोनों ने गिले शिकवे भुला दिए और फिर से एक छत के नीचे रहने का फैसला लिया। राष्ट्रीय लोक अदालत में दोनों का पुनर्मिलन देख हर किसी को सुखद अहसास हुआ।
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दोनों की शादी 12 दिसंबर 1994 को हुई थी। थोड़े दिन बाद ही अनबन हो गई। बबीता को सुभाष से शिकायतें थी और सुभाष को बबीता से। रिश्ते-नातेदारों ने समझाया, पंचायतें की, लेकिन बात नहीं बनी। नौबत यहां तक आई कि 1999 में तलाक के लिए कोर्ट में केस दायर कर दिया गया। इसकी अर्जी सुभाष ने शिमला की कोर्ट में दी थी।
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इसके खिलाफ बबीता सुप्रीम कोर्ट केस ट्रांसफर कराने के लिए गई। उसकी जीत हुई और केस की सुनवाई आगरा पहुंच गई। तब से यह मामला चल रहा था। दोनों तारीख पर आते, एक -दूसरे को देखते लेकिन दिल की दूरियां मिट नहीं पा रहीं थी।
केस चलता गया, वक्त बीतता रहा, दोनों की बेटी दामिनी 18 साल की हो गई। अब उसी की खातिर दोनों ने फिर से साथ रहने का फैसला लिया। फैमिली कोर्ट में उनके मुकदमे का निस्तारण हो गया। दोनों ने कहा कि अब उन्हें कोई शिकायत नहीं।
केस चलता गया, वक्त बीतता रहा, दोनों की बेटी दामिनी 18 साल की हो गई। अब उसी की खातिर दोनों ने फिर से साथ रहने का फैसला लिया। फैमिली कोर्ट में उनके मुकदमे का निस्तारण हो गया। दोनों ने कहा कि अब उन्हें कोई शिकायत नहीं।