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मानव तस्करी: मजदूरी के लिए गुजरात ले जाए जा रहे थे छह नाबालिग, ट्रेन में इस हाल में मिले; दो आरोपी गिरफ्तार
Sat, 28 Mar 2026 08:59 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sat, 28 Mar 2026 08:59 PM IST
सार
आगरा में आरपीएफ ने मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया। गैंग के सदस्य छह नाबालिगों को मजदूरी के लिए गुजरात ले जा रहे थे। चेकिंग के दाैरान आरपीएफ ने नाबालिगों को मुक्त कराकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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पुलिस ने मुक्त कराए बच्चे।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा में फोर्ट स्टेशन पर आरपीएफ की टीम ने ट्रेन में संदिग्ध स्थिति में यात्रा कर रहे छह नाबालिग बच्चों को मानव तस्करी के जाल से बचाया है। बच्चों से पूछताछ के बाद सामने आया कि उन्हें गुजरात से बाल मजदूरी करने के लिए ले जाया जा रहा था। इसके बदले उन्हें पैसे और यात्रा का खर्च भी दिया जा रहा था। आरपीएफ कीर टीम ने दो मानव तस्करों को गिरफ्तार कर लिया, जिनके खिलाफ एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
आगरा फोर्ट आरपीएफ के इंस्पेक्टर प्रियव्रत दहिया ने बताया कि उनकी टीम एक महीने से इसकी निगरानी कर रही थी। कुछ ट्रेनों में मानव तस्करी होने की सूचनाएं मिल रहीं थी। शनिवार को आरपीएफ की टीम ऑपरेशन आहट' के तहत ट्रेन संख्या 15269 (साबरमती जनसाधारण एक्सप्रेस) के सामान्य कोच की चेकिंग कर रही थी। टीम को छह नाबालिग बच्चे संदिग्ध अवस्था में बैठे हुए मिले। जब इनसे पूछताछ की गई, तो बच्चों ने बताया कि उन्हें गुजरात ले जाया जा रहा था, जहां वे बाल मजदूरी करेंगे। इस दौरान उनके साथ यात्रा कर रहे दो संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई, जिनके नाम चूमन कुमार और कमलेश्वर यादव थे।
दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे बच्चों को पैसे का प्रलोभन देकर गुजरात में मजदूरी करने के लिए ले जा रहे थे। आरपीएफ ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कर लिया। इसके बाद बच्चों को चाइल्ड लाइन के केस वर्कर सनी कुमार के हवाले किया गया। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपी चूमन कुमार (28 वर्ष), निवासी मथरवा, टोला चकरपेता, थाना फेनहारा, जिला पूर्वी चम्पारण, बिहार और कमलेश्वर यादव (35 वर्ष), निवासी बूढनर महुआबा, थाना चिरैया, जिला पूर्वी चम्पारण, बिहार हैं। आरोपियों के खिलाफ एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना में मामला दर्ज किया गया है। छह नाबालिग बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा।
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आगरा फोर्ट आरपीएफ के इंस्पेक्टर प्रियव्रत दहिया ने बताया कि उनकी टीम एक महीने से इसकी निगरानी कर रही थी। कुछ ट्रेनों में मानव तस्करी होने की सूचनाएं मिल रहीं थी। शनिवार को आरपीएफ की टीम ऑपरेशन आहट' के तहत ट्रेन संख्या 15269 (साबरमती जनसाधारण एक्सप्रेस) के सामान्य कोच की चेकिंग कर रही थी। टीम को छह नाबालिग बच्चे संदिग्ध अवस्था में बैठे हुए मिले। जब इनसे पूछताछ की गई, तो बच्चों ने बताया कि उन्हें गुजरात ले जाया जा रहा था, जहां वे बाल मजदूरी करेंगे। इस दौरान उनके साथ यात्रा कर रहे दो संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई, जिनके नाम चूमन कुमार और कमलेश्वर यादव थे।
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दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे बच्चों को पैसे का प्रलोभन देकर गुजरात में मजदूरी करने के लिए ले जा रहे थे। आरपीएफ ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कर लिया। इसके बाद बच्चों को चाइल्ड लाइन के केस वर्कर सनी कुमार के हवाले किया गया। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपी चूमन कुमार (28 वर्ष), निवासी मथरवा, टोला चकरपेता, थाना फेनहारा, जिला पूर्वी चम्पारण, बिहार और कमलेश्वर यादव (35 वर्ष), निवासी बूढनर महुआबा, थाना चिरैया, जिला पूर्वी चम्पारण, बिहार हैं। आरोपियों के खिलाफ एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना में मामला दर्ज किया गया है। छह नाबालिग बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा।
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