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कैलाश महादेव के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, लाखों भक्तों ने किया जलाभिषेक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Mon, 13 Aug 2018 08:02 PM IST
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कैलाश मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में श्रावण मास के तीसरे सोमवार को प्राचीन कैलाश महादेव पर वार्षिक मेला आयोजित किया गया। ब्रह्म मुहूर्त से मंदिर में भगवान भोले के भक्त उमड़ने लगे। लाखों की संख्या पहुंचे भक्तों ने जल, गंगाजल आदि से भगवान का अभिषेक किया।
शहर में श्रावण मास के चारों सो सोमवार को शहर के प्रमुख चार शिवालयों पर मेले का आयोजन किया जाता है। पहले सोमवार को श्री राजेश्वर महादेव, दूसरे सोमवार को बल्केश्वर महादेव और तीसरे सोमवार को कैलाश महादेव का मेला लगता है और चौथे सोमवार को पृथ्वीनाथ मंदिर में मेले का आयोजन किया जाता है।
इसी श्रंखला में तीसरे सोमवार को मेले का आयोजन किया गया। मेले का उद्घाटन रविवार शाम को हुआ था। सोमवार सुबह तीन बजे भगवान भोले नाथ का श्रृंगार किया और मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के खोल दिए गए। हर हर महादेव और बम भोले के जयकारे के साथ ही अभिषेक प्रारंभ हो गए। बड़ी संख्या में पहुंचे कावड़ियों ने पहले अभिषेक किया।
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शहर में श्रावण मास के चारों सो सोमवार को शहर के प्रमुख चार शिवालयों पर मेले का आयोजन किया जाता है। पहले सोमवार को श्री राजेश्वर महादेव, दूसरे सोमवार को बल्केश्वर महादेव और तीसरे सोमवार को कैलाश महादेव का मेला लगता है और चौथे सोमवार को पृथ्वीनाथ मंदिर में मेले का आयोजन किया जाता है।
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इसी श्रंखला में तीसरे सोमवार को मेले का आयोजन किया गया। मेले का उद्घाटन रविवार शाम को हुआ था। सोमवार सुबह तीन बजे भगवान भोले नाथ का श्रृंगार किया और मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के खोल दिए गए। हर हर महादेव और बम भोले के जयकारे के साथ ही अभिषेक प्रारंभ हो गए। बड़ी संख्या में पहुंचे कावड़ियों ने पहले अभिषेक किया।
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भगवान भोले का किया जलाभिषेक
कैलाश मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद भक्तों की भीड़ मंदिर में उमड़ने लगी। भक्तों ने जल, गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, इत्र आदि से भगवान का अभिषेक किया। उन्हें शक्कर, बेल पत्र, धतूरा, पुष्प तिल आदि अर्पित किए। सुबह से देर शाम तक अभिषेक का दौर चला।
रात को दस बजे भगवान का श्रृंगार कर महाआरती की गई। मंदिर के कपाट रात करीब 12 बजे तक खुले रहे उसके बाद कपाट बंद किए गए। मंदिर की व्यवस्था मंदिर के महंत महेश गिरी, सतीश चंद गोस्वामी, चंद्रकांत गिरी, गौरव गिरी, निर्देश तिवारी, विनोद गिरी, केशव गिरी, जगदीश गिरी, दिलीप गिरी, निर्मल गिरी आदि ने संभाली।
कैलाश महादेव के मेले के चलते गुरुद्वारा का गुरु का ताल से यातायात व्यवस्था में परिवर्तन कर दिया गया था। पैदल ही लोग मंदिर की ओर बढ़ रहे थे। कैलाश मंदिर वाले मार्ग पर अपार जनसमूह था।
हाईवे के दोनों ओर मेला सजा था। बड़े-बड़े झूले, बच्चों के लिए छोटे झूले और मनोरंजन के तमाम साधन थे। खान पान के स्टाल लगे थे। खिलौने और घर की जरूरत के सामान की दुकानें खुली थीं। इन पर भीड़ रही।
रात को दस बजे भगवान का श्रृंगार कर महाआरती की गई। मंदिर के कपाट रात करीब 12 बजे तक खुले रहे उसके बाद कपाट बंद किए गए। मंदिर की व्यवस्था मंदिर के महंत महेश गिरी, सतीश चंद गोस्वामी, चंद्रकांत गिरी, गौरव गिरी, निर्देश तिवारी, विनोद गिरी, केशव गिरी, जगदीश गिरी, दिलीप गिरी, निर्मल गिरी आदि ने संभाली।
कैलाश महादेव के मेले के चलते गुरुद्वारा का गुरु का ताल से यातायात व्यवस्था में परिवर्तन कर दिया गया था। पैदल ही लोग मंदिर की ओर बढ़ रहे थे। कैलाश मंदिर वाले मार्ग पर अपार जनसमूह था।
हाईवे के दोनों ओर मेला सजा था। बड़े-बड़े झूले, बच्चों के लिए छोटे झूले और मनोरंजन के तमाम साधन थे। खान पान के स्टाल लगे थे। खिलौने और घर की जरूरत के सामान की दुकानें खुली थीं। इन पर भीड़ रही।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
कैलाश मंदिर मेला में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
कैलाश मेले में भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार डीएफएमडी लगाया गया था। कतारबद्ध तरीके से भक्तों को प्रवेश दिया जा रहा था। यमुना के घाटों को ओर पुलिस तैनात रही। भक्तों को स्नान के लिए फव्वारों की व्यवस्था की गई थी ताकि कोई यमुना नदी में न जाए। वहां भी पुलिस बल तैनात किया गया था।
भंडारों में उमड़ी भक्तों की भीड़
कैलाश महादेव मेले में भंडारों का आयोजन किया गया। जगह-जगह प्याऊ लगी थीं। पूड़ी, सब्जी और मिठाई के भंडारे थे। हर वर्ष श्री कैलाश उत्सव भंडारा समिति की ओर से लगने वाले तीन दिवसीय भंडारे में भक्तों की भीड़ उमड़ी।
कैलाश महादेव के अलावा शहर के अन्य प्रमुख शिवालयों में भी सुबह से देर रात तक भक्तों की भीड़ रही। राजेश्वर महादेव, मनकामेश्वर, रावली, पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में भी अभिषेक के कार्यक्रम चले।
बल्केश्वर महादेव में भोले बाबा अद्भुत श्रृंगार किया गया था। फूल बंगला भी सजा। नौबस्ता लोहामंडी स्थित में महाअभिषेक का कार्यक्रम हुआ। शहर की कालोनियों और मुहल्लों स्थित मंदिरों में भी भगवान का जलाभिषेक किया गया।
भंडारों में उमड़ी भक्तों की भीड़
कैलाश महादेव मेले में भंडारों का आयोजन किया गया। जगह-जगह प्याऊ लगी थीं। पूड़ी, सब्जी और मिठाई के भंडारे थे। हर वर्ष श्री कैलाश उत्सव भंडारा समिति की ओर से लगने वाले तीन दिवसीय भंडारे में भक्तों की भीड़ उमड़ी।
कैलाश महादेव के अलावा शहर के अन्य प्रमुख शिवालयों में भी सुबह से देर रात तक भक्तों की भीड़ रही। राजेश्वर महादेव, मनकामेश्वर, रावली, पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में भी अभिषेक के कार्यक्रम चले।
बल्केश्वर महादेव में भोले बाबा अद्भुत श्रृंगार किया गया था। फूल बंगला भी सजा। नौबस्ता लोहामंडी स्थित में महाअभिषेक का कार्यक्रम हुआ। शहर की कालोनियों और मुहल्लों स्थित मंदिरों में भी भगवान का जलाभिषेक किया गया।