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बारिश के चलते मंटोला में ढहा तीन मंजिला मकान, जूता कारीगर, पत्नी और बच्ची की मौत
Thu, 20 Aug 2020 09:18 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 20 Aug 2020 09:18 AM IST
सार
मंटोला के ढोलीखार की घटना, नौ घंटे के रेस्क्यू के बाद हटाया जा सका मलबा
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मकान ढहने के बाद राहत और बचाव कार्य करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मंटोला के ढोलीखार में बुधवार सुबह साढ़े छह बजे 100 साल पुराना तीन मंजिला जर्जर मकान भरभराकर ढह गया। इसमें रह रहे जूता कारीगर मोहम्मद वकीलउद्दीन (40), उनकी पत्नी समा ताज और एक साल की बेटी आयत मलबे में दब गए।
घटना से मोहल्ले में अफरातफरी मच गई। सूचना पर पुलिस और नगर निगम की टीम पहुंच गई। नौ घंटे बाद मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकाला गया, तब तक सभी की मौत हो चुकी थी। हादसा बारिश की वजह से हुआ।
ढोलीखार की तंग गली में मोहम्मद सईद का तीन मंजिला सौ साल पुराना मकान है। सईद के पांच बेटे शकील, अकील, भोलू, शरीफ और वकील (वकीलउद्दीन) मकान में रहते थे। परिजनों ने बताया कि दो साल से वकील अपनी पत्नी समा ताज के साथ अकेला ही मकान में रह रहा था। बाकी भाई दूसरे मकान में चले गए थे।
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घटना से मोहल्ले में अफरातफरी मच गई। सूचना पर पुलिस और नगर निगम की टीम पहुंच गई। नौ घंटे बाद मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकाला गया, तब तक सभी की मौत हो चुकी थी। हादसा बारिश की वजह से हुआ।
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ढोलीखार की तंग गली में मोहम्मद सईद का तीन मंजिला सौ साल पुराना मकान है। सईद के पांच बेटे शकील, अकील, भोलू, शरीफ और वकील (वकीलउद्दीन) मकान में रहते थे। परिजनों ने बताया कि दो साल से वकील अपनी पत्नी समा ताज के साथ अकेला ही मकान में रह रहा था। बाकी भाई दूसरे मकान में चले गए थे।
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वकील की एक साल की बेटी आयत भी थी। तीसरी मंजिल पर उसका बड़ा भाई शकील जूता कारखाना चलाता था। बुधवार सुबह साढ़े छह बजे मकान भरभराकर गिर गया, जिससे मलबे में वकील उसकी पत्नी और बच्ची दब गए। उनकी आवाज तक बाहर नहीं आ सकी। हादसे के बाद मोहल्ले में अफरातफरी मच गई। समा ताज के मायके नाई की मंडी से परिजन आ गए।
इसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस और नगर निगम की टीम ने मलबा हटाने के प्रयास शुरू किए। संकरी गली होने की वजह से जेसीबी अंदर नहीं जा सकी। बाद में छोटी जेसीबी मंगवाकर 12 मजदूरों की मदद से मलबा हटाया गया।
शाम तकरीबन साढ़े चार बजे वकील, समा और आयत निकले। उन्हें अस्पताल ले गए, जहां तीनों को मृत घोषित कर दिया गया। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। सीओ छत्ता उदयराज सिंह ने बताया कि मकान जर्जर हो गया था। जिससे वह गिर गया।
इसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस और नगर निगम की टीम ने मलबा हटाने के प्रयास शुरू किए। संकरी गली होने की वजह से जेसीबी अंदर नहीं जा सकी। बाद में छोटी जेसीबी मंगवाकर 12 मजदूरों की मदद से मलबा हटाया गया।
शाम तकरीबन साढ़े चार बजे वकील, समा और आयत निकले। उन्हें अस्पताल ले गए, जहां तीनों को मृत घोषित कर दिया गया। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। सीओ छत्ता उदयराज सिंह ने बताया कि मकान जर्जर हो गया था। जिससे वह गिर गया।