{"_id":"6116afd48ebc3ee05145c7f5","slug":"hope-demu-not-found-but-emu-has-woken-up-kasganj-news-agr503597470","type":"story","status":"publish","title_hn":"उम्मीद- डेमू न मिली, लेकिन ईएमयू की जाग गई है आस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उम्मीद- डेमू न मिली, लेकिन ईएमयू की जाग गई है आस
विज्ञापन
कासगंज का इलैक्ट्रिक रेलवे ट्रैक
- फोटो : KASGANJ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। कासगंज से बाया बरेली, पीलीभीत तक अब इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें जल्द रफ्तार भरने लगेंगी। इलेक्ट्रिक कार्य पूरा होने के साथ ही इलेक्ट्रिक लोको मेंटीनेंस शेड भी बने हैं और डेमू मेंटीनेंस शेड को ईएमयू मेंटीनेंस शेड के रूप में परिवर्तित किया गया है। जिससे अब कासगंज ट्रैक को इलेक्ट्रिक इंजन की ट्रेनें मिलने के साथ-साथ ईएमयू मिलने की आस जाग गई है।
कासगंज से बरेली तक रेल लाइन विद्युतीकरण का कार्य पहले ही हो चुका है, लेकिन इस पर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेने रफ्तार नहीं भर रहीं थीं। कासगंज से पीलीभीत की ओर सीधी जाने वाली ट्रेनों के इंजन को बरेली में बदलना पड़ता क्योंकि बरेली से पीलीभीत ट्रैक इलेक्ट्रिक नहीं था। इंजन बदलने में काफी समय व्यर्थ जाता इसलिए लिंक न होने के कारण कासगंज से बरेली तक इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें नहीं चलाई गईं।
अब पीलीभीत ट्रैक भी विद्युतीकृत हो चुका है। कासगंज से पीलीभीत तक पूरे ट्रैक के विद्युतीकरण का काम पूरा हो गया है। इज्जतनगर मंडल में डीजल इंजन की मरम्मत के लिए बने शेड को इलेक्ट्रिक इंजन मरम्मत के लिए परिवर्तित किया गया है। वहीं डेमू शेड को ईएमयू शेड में बदला गया है। जिससे अब उम्मीद है कि कासगंज से बरेली और पीलीभीत तक सीधे ईएमयू जल्द मिल जाएगी। क्योंकि अब तक विद्युतीकरण का कार्य लटका होने के कारण ईएमयू का संचालन नहीं हो पा रहा था। इज्जतनगर मंडल में बने इस ईएमयू की मरम्मत और रखरखाव के लिए बनाए गए शेड का मंडल रेल प्रबधंक आशुतोष पंथ ने शुभारंभ किया है।
विज्ञापन
ईएमयू इलेक्ट्रिक मल्टीपल इकाई ट्रेन होती है। जिसमें यात्री डिब्बे लगे होते हैं और दोनों ओर इलेक्ट्रिक इंजन होता है। इसके अलावा डेमू डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल इकाई होती है। जो ऑन बोर्ड डीजल इंजन द्वारा संचालित होती है। इसमें डिब्बों को बिजली देने के लिए एक अल्टरनेटर भी लगा होता है।
कासगंज-पीलीभीत खंड का रेल लाइन विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। डीजल शेड, डेमू शेड के काम में भी विद्युतीकरण का काम हुआ है। इससे उम्मीद है कि कासगंज से पीलीभीत तक ईएमयू का संचालन जल्द हो सकेगा- कृष्ण मोहन विश्वकर्मा, प्रबंधक आरबीएनएल
विज्ञापन
कासगंज से बरेली तक रेल लाइन विद्युतीकरण का कार्य पहले ही हो चुका है, लेकिन इस पर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेने रफ्तार नहीं भर रहीं थीं। कासगंज से पीलीभीत की ओर सीधी जाने वाली ट्रेनों के इंजन को बरेली में बदलना पड़ता क्योंकि बरेली से पीलीभीत ट्रैक इलेक्ट्रिक नहीं था। इंजन बदलने में काफी समय व्यर्थ जाता इसलिए लिंक न होने के कारण कासगंज से बरेली तक इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें नहीं चलाई गईं।
विज्ञापन
अब पीलीभीत ट्रैक भी विद्युतीकृत हो चुका है। कासगंज से पीलीभीत तक पूरे ट्रैक के विद्युतीकरण का काम पूरा हो गया है। इज्जतनगर मंडल में डीजल इंजन की मरम्मत के लिए बने शेड को इलेक्ट्रिक इंजन मरम्मत के लिए परिवर्तित किया गया है। वहीं डेमू शेड को ईएमयू शेड में बदला गया है। जिससे अब उम्मीद है कि कासगंज से बरेली और पीलीभीत तक सीधे ईएमयू जल्द मिल जाएगी। क्योंकि अब तक विद्युतीकरण का कार्य लटका होने के कारण ईएमयू का संचालन नहीं हो पा रहा था। इज्जतनगर मंडल में बने इस ईएमयू की मरम्मत और रखरखाव के लिए बनाए गए शेड का मंडल रेल प्रबधंक आशुतोष पंथ ने शुभारंभ किया है।
विज्ञापन
ईएमयू इलेक्ट्रिक मल्टीपल इकाई ट्रेन होती है। जिसमें यात्री डिब्बे लगे होते हैं और दोनों ओर इलेक्ट्रिक इंजन होता है। इसके अलावा डेमू डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल इकाई होती है। जो ऑन बोर्ड डीजल इंजन द्वारा संचालित होती है। इसमें डिब्बों को बिजली देने के लिए एक अल्टरनेटर भी लगा होता है।
कासगंज-पीलीभीत खंड का रेल लाइन विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। डीजल शेड, डेमू शेड के काम में भी विद्युतीकरण का काम हुआ है। इससे उम्मीद है कि कासगंज से पीलीभीत तक ईएमयू का संचालन जल्द हो सकेगा- कृष्ण मोहन विश्वकर्मा, प्रबंधक आरबीएनएल