Agra: दो महीने में बंद हो गई हो-हो बस सेवा, कंपनी ब्लैक लिस्टेड; पर्यटकों की सुविधा के लिए की गई थी शुरू
पर्यटक नहीं मिलने से मार्च में बस सेवा बंद हो गई थी। जनवरी में हरी झंडी दिखाई गई थी। अब मेट्रो के समन्वय से चलाने की कवायद की जा रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में जिस होप ऑन, होप ऑफ बस सेवा का मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने दो महीने पहले हरी झंडी दिखाकर शुरुआत की, वह दो महीने में ही फ्लॉप हो गई। मार्च से हो-हो बस सेवा बंद पड़ी है। मंगलवार को मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने आगरा-मथुरा इलेक्टि्क बस सेवा की समीक्षा की, तो यह खुलासा हुआ। जिसके बाद कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश मंडलायुक्त ने दिए हैं।
बंद हो चुकी हो-हो बस सेवा को दोबारा चलाने के लिए मेट्रो के समन्वय से कवायद होगी। पर्यटन सीजन में एक ही बस से ताजमहल, आगरा फोर्ट, फतेहपुर सीकरी, सिकंदरा सहित अन्य स्मारकों में पर्यटकों को घुमाने के लिए यह बस सेवा शुरू की गई थी। लेकिन, पर्यटक नहीं मिलने से बस सेवा पहले घाटे में गई और फिर इसे बंद करना पड़ा।
20 यात्री शेल्टर बनाने के निर्देश
आगरा-मथुरा सिटी ट्रांसपोर्ट के तहत 100 ई-बस संचालित हैं। हो-हो बस सेवा फेल होने के बाद मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने अब ई-बसों में एटीएम मशीनों से क्यूआर कोड से टिकट बुकिंग के लिए वन यूपी वन कार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा आठ से नौ हजार कार्ड हर माह आगरा व तीन हजार कार्ड मथुरा में बनाए जाएं।
फतेहाबाद व एमजी रोड पर 20 यात्री शेल्टर बनाने के निर्देश दिए थे। इनमें 12 शेल्टर तैयार हो चुके हैं। बाकी शेल्टर बनाने से कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए। ऐसे में अनुबंधित कंपनी को भी ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने दिए हैं। कैंट रेलवे स्टेशन की पार्किंग में बसों को खड़े करने की जगह नहीं मिलने पर चर्चा की गई। ई-बस सेवा घाटे में चलने पर परिचालकों पर 10.58 लाख रुपये का जुर्माना लगा है।
3.47 लाख वाहनों ने तोड़े नियम, चालान महज 11 हजार
मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने स्मार्ट सिटी की समीक्षा की। इसमें 43 जंक्शन पर 442 स्मार्ट कैमरों के डेटा, जिसमें 20 जंक्शन ब्लिंक मोड व 2 निष्प्रोज्य मिले। ब्लिंक मोड जंक्शनों का मंडलायुक्त ने एसीपी ट्रैफिक को निरीक्षण कर सुधार के निर्देश दिए। बाकी 267 जंक्शन पर 1076 कैमरे कार्य कर रहे हैं।
इंटीग्रेटिड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) की समीक्षा में पला चला कि अप्रैल के पहले सप्ताह में 3.47 लाख वाहनों ने नियम तोड़े। लेकिन सिर्फ 11 हजार वाहनों के चालान हुए हैं। दुपिहया वाहनों पर तीन सवारी, ओवरस्पीड और 15 साल पुराने वाहन व प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं होने पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि आईसीसीसी डैशबोर्ड पर सीसीटीवी सर्विलांस, प्रदूषण सूचकांक, स्मार्ट पार्किंग, प्रोपर्टी टैक्स, पब्लिक टॉयलेट आदि की शिकायतों का डेटा उपलब्ध हो रहा है। मेरा आगरा एप को 10 हजार से अधिक लोगों ने डाउनलोड किया है। मंडलायुक्त ने कहा कि 100 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का सत्यापन कराया जाए। स्मार्ट सिटी के 75 प्रतिशत प्रोजेक्ट पूर्ण हो चुके हैं।
लाइब्रेरी व इनडोर स्टेडियम की बनेगी डीपीआर
स्मार्ट सिटी की समीक्षा के बाद मंडलायुक्त के समक्ष सदर बाजार स्थित क्वींस मैरी लाइब्रेरी और इनडोर स्टेडियम का प्रस्ताव रखा गया। जिसे मंडलायुक्त ने अनुमोदित करते हुए जल्द विस्तृत कार्य योजना (डीपीआर) बनाने के निर्देश दिए हैं।