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मोहर्रमः यहां रखा जाता है फूलों का ताजिया, मुगलकाल से हुई थी शुरुआत, जानिए खासियत
Sat, 07 Sep 2019 10:39 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 07 Sep 2019 10:39 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में मोहर्रम की सात तारीख यानी शनिवार को इमामबाड़ों में ताजिये रखे जाएंगे। शहर में करीब दो हजार ताजिये रखे जाते हैं, लेकिन पुराने शहर के पाय चौकी, कटरा दबकैय्यान इमामबाड़े में रखे जाने वाला फूलों का ताजिया 317 साल से रखा जा रहा है।
इस बार भी घास, दाल, रुई के साथ बना फूलों का ताजिया तैयार हो चुका है। इसे रखने वाले हाजी चौधरी सरफराज खां ने बताया कि मुगलकाल में इसकी परंपरा शुरू हुई। आज दसवीं पीढ़ी इस परंपरा को आगे बढ़ा रही है।
इसी ताजिये को जुलूस के लिए सबसे पहले उठाया जाता है। मोहर्रम की सात से 10 तारीख तक ताजिए पर करीब चार-पांच सौ किलो तक फूल चढ़ाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता चौधरी सईद खां, इसके पहले चौधरी नस्सन खां ताजिये को रखते थे।
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इस बार भी घास, दाल, रुई के साथ बना फूलों का ताजिया तैयार हो चुका है। इसे रखने वाले हाजी चौधरी सरफराज खां ने बताया कि मुगलकाल में इसकी परंपरा शुरू हुई। आज दसवीं पीढ़ी इस परंपरा को आगे बढ़ा रही है।
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इसी ताजिये को जुलूस के लिए सबसे पहले उठाया जाता है। मोहर्रम की सात से 10 तारीख तक ताजिए पर करीब चार-पांच सौ किलो तक फूल चढ़ाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता चौधरी सईद खां, इसके पहले चौधरी नस्सन खां ताजिये को रखते थे।
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मोहर्रम की दस तारीख को होंगे सुपुर्द-ए-खाक
कारीगर अशफाक की कई पीढ़ियां इसी ताजिये को बनाती रही हैं। शनिवार को इमामबाड़ा कटरा दबैकयान में इसे रखा जाएगा। शाम को फूल चढ़ाए जाएंगे। इसके बाद से फातिहा और जियारत का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
मोहर्रम की दस तारीख को ताजियों को करबला में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। भारतीय मुस्लिम विकास परिषद के अध्यक्ष समी आगाई ने गलियों में रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।
मोहर्रम की सातवीं का जुलूस आज
शिया समुदाय की ओर से मोहर्रम की सातवीं तारीख शनिवार को पुराना इमामबाड़ा, गांधी चौक से जुलूस निकाला जाएगा। अंजुमन ए पंजेतनी के ताहिर जैदी ने बताया कि जुलूस में शामिल युवा, बच्चे और बुजुर्ग छुरियों और कमां का मातम करेंगे।
जुलूस शाहगंज के विभिन्न मार्गों से होकर इमामबाड़े में पहुंचकर समाप्त होगा। इस दौरान कई अंजुमनें मातम करेंगी। इसके अलावा मंटोला में शाम को मोहर्रम की सातवीं पर अखाड़ों का प्रदर्शन होगा।
मोहर्रम की दस तारीख को ताजियों को करबला में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। भारतीय मुस्लिम विकास परिषद के अध्यक्ष समी आगाई ने गलियों में रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।
मोहर्रम की सातवीं का जुलूस आज
शिया समुदाय की ओर से मोहर्रम की सातवीं तारीख शनिवार को पुराना इमामबाड़ा, गांधी चौक से जुलूस निकाला जाएगा। अंजुमन ए पंजेतनी के ताहिर जैदी ने बताया कि जुलूस में शामिल युवा, बच्चे और बुजुर्ग छुरियों और कमां का मातम करेंगे।
जुलूस शाहगंज के विभिन्न मार्गों से होकर इमामबाड़े में पहुंचकर समाप्त होगा। इस दौरान कई अंजुमनें मातम करेंगी। इसके अलावा मंटोला में शाम को मोहर्रम की सातवीं पर अखाड़ों का प्रदर्शन होगा।