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हिंदी किसी के ताज की मोहताज नहीं है
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करहल। मोहल्ला तपा की नगरिया में प्रेमचंद्र शाक्य प्रेम के आवास पर रविवार की शाम काव्य गोष्ठी हुई। महाराम सिंह ने काव्य पाठ करते हुए, हिंदी किसी के ताज की मोहताज नहीं है.. कविता पढ़ी।
काव्य गोष्ठी में पदम सिंह ने हर नन्हा सा फूल चमन की शोभा है, हरिओम सिंह विमल ने स्वार्थ में इतना हुआ अंधा विमल कौन इसको कल कहेगा आदमी। राजवीर सिंह ने तम को हटा के चमके निर्बाध हो गगन में। सतीश समर्थ ने नन्हें मुन्ने प्यारे बच्चे दीपक ये उजियारे हैं। राजेंद्र सिंह रजत ने आंखों में अश्रु भरकर वह हमसे पूछती है कविता पढ़ी।
राजवीर सिंह करहल ने सुन करुण वेदना की पुकार, दिल मचल मचल जाता है। वीनेश कुमार ने वक्त काटते हरखू, होरी समय बिताए पन्नी में। उदयवीर सिंह उदय ने निशा को उजाला नहीं दे सको यदि, दिवस का अंधेरा मिटालो बहुत है कविता सुनाई। ताहिर चांद ने चौराहे पर खड़ीं बेटियां सहमीं हैं लाचार हैं। शिवालिनी ने तात से बड़ा न कोई मर्द हुआ जग में कविता पढ़ी। प्रेमचंद्र शाक्य, उत्कर्ष शाक्य, जसवीर यादव, आदित्य प्रकाश, राकेश सरल, रघुवर दयाल मौजूद रहे।
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साहित्यिक संस्था का गठन हुआ
काव्य गोष्ठी से पहले साहित्यिक संस्था का गठन हुआ। अमर सिंह यादव, केदार सिंह, राजवीर सिंह को संरक्षक, पदम सिंह अध्यक्ष, राजवीर सिंह उपाध्यक्ष, प्रेमचंद्र शाक्य महामंत्री, महाराम सिंह उपमंत्री, उदयवीर सिंह कोषाध्यक्ष, राजेंद्र सिंह यादव ऑडीटर, सतीश कुमार समर्थ मीडिया प्रभारी, हरिओम सिंह विमल, बीनेश कुमार, शिवालिनी, रामबाबू गौतम सदस्य चुने गए।
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काव्य गोष्ठी में पदम सिंह ने हर नन्हा सा फूल चमन की शोभा है, हरिओम सिंह विमल ने स्वार्थ में इतना हुआ अंधा विमल कौन इसको कल कहेगा आदमी। राजवीर सिंह ने तम को हटा के चमके निर्बाध हो गगन में। सतीश समर्थ ने नन्हें मुन्ने प्यारे बच्चे दीपक ये उजियारे हैं। राजेंद्र सिंह रजत ने आंखों में अश्रु भरकर वह हमसे पूछती है कविता पढ़ी।
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राजवीर सिंह करहल ने सुन करुण वेदना की पुकार, दिल मचल मचल जाता है। वीनेश कुमार ने वक्त काटते हरखू, होरी समय बिताए पन्नी में। उदयवीर सिंह उदय ने निशा को उजाला नहीं दे सको यदि, दिवस का अंधेरा मिटालो बहुत है कविता सुनाई। ताहिर चांद ने चौराहे पर खड़ीं बेटियां सहमीं हैं लाचार हैं। शिवालिनी ने तात से बड़ा न कोई मर्द हुआ जग में कविता पढ़ी। प्रेमचंद्र शाक्य, उत्कर्ष शाक्य, जसवीर यादव, आदित्य प्रकाश, राकेश सरल, रघुवर दयाल मौजूद रहे।
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साहित्यिक संस्था का गठन हुआ
काव्य गोष्ठी से पहले साहित्यिक संस्था का गठन हुआ। अमर सिंह यादव, केदार सिंह, राजवीर सिंह को संरक्षक, पदम सिंह अध्यक्ष, राजवीर सिंह उपाध्यक्ष, प्रेमचंद्र शाक्य महामंत्री, महाराम सिंह उपमंत्री, उदयवीर सिंह कोषाध्यक्ष, राजेंद्र सिंह यादव ऑडीटर, सतीश कुमार समर्थ मीडिया प्रभारी, हरिओम सिंह विमल, बीनेश कुमार, शिवालिनी, रामबाबू गौतम सदस्य चुने गए।