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हिंदी दिवस: यहां कक्षा एक से ‘ककहरा’ सीख रहे सिक्किम के छात्र
हितेश सिंह, अमर उजाला, आगरा
Updated Fri, 14 Sep 2018 01:00 PM IST
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केंद्रीय हिंदी संस्थान की ओर से तैयार की गईं किताबें
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा का केंद्रीय हिंदी संस्थान देश के गैर हिंदी भाषी क्षेत्रों में हिंदी के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। संस्थान का मुख्य कार्य नवीकरण कराना है। गैर हिंदी भाषी शिक्षकों को प्रशिक्षित करना है। संस्थान इसके अलावा कई काम कर रहा है।
सिक्किम सरकार ने गत वर्ष कक्षा एक से हिंदी पढ़ाए जाने की व्यवस्था की है। सभी पाठ्य पुस्तकें केंद्रीय हिंदी संस्थान ने तैयार की है। केंद्रीय हिंदी संस्थान के निदेशक प्रो. नंदकिशोर पांडेय के मुताबिक पहले सिक्किम में कक्षा छह से हिंदी पढ़ाई जाती थी। अब कक्षा एक से पढ़ाई जाने लगी।
सिक्किम सरकार की मांग पर केंद्रीय हिंदी संस्थान ने कक्षा एक से पांच तक की पाठ्य पुस्तकें हिंदी में तैयार कराईं। पाठ्यक्रम के चयन में वहां के लोगों सहयोग लिया गया। शिक्षकों को हिंदी पढ़ाने में दिक्कत हो रही थी। इस पर केंद्रीय हिंदी संस्थान ने शिक्षक दिग्दर्शिका बनवाई है।
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सिक्किम सरकार ने गत वर्ष कक्षा एक से हिंदी पढ़ाए जाने की व्यवस्था की है। सभी पाठ्य पुस्तकें केंद्रीय हिंदी संस्थान ने तैयार की है। केंद्रीय हिंदी संस्थान के निदेशक प्रो. नंदकिशोर पांडेय के मुताबिक पहले सिक्किम में कक्षा छह से हिंदी पढ़ाई जाती थी। अब कक्षा एक से पढ़ाई जाने लगी।
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सिक्किम सरकार की मांग पर केंद्रीय हिंदी संस्थान ने कक्षा एक से पांच तक की पाठ्य पुस्तकें हिंदी में तैयार कराईं। पाठ्यक्रम के चयन में वहां के लोगों सहयोग लिया गया। शिक्षकों को हिंदी पढ़ाने में दिक्कत हो रही थी। इस पर केंद्रीय हिंदी संस्थान ने शिक्षक दिग्दर्शिका बनवाई है।
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वहीं, संस्थान 51 वर्षों से हिंदीतर क्षेत्रों के हिंदी शिक्षकों को प्रशिक्षित कर रहा है। अब तक एक लाख से अधिक हिंदी शिक्षक प्रशिक्षण ले चुके हैं। प्रति वर्ष करीब 400 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाता है।
संस्थान ने आठ अध्येता कोश बनाए
गैरहिंदी भाषी राज्यों और क्षेत्रों में हिंदी को पहुंचाने के लिए संस्थान प्रयास कर रहा है। कम बोली जाने वाली भाषाओं का संस्थान अध्येता कोश बना रहा है। 50 कोश तैयार किए जाने हैं। आठ कोशों हिंदी-मिजो, हिंदी-निशी, हिंदी-कॉकबरक, हिंदी-खासी, हिंदी गारो, हिंदी-मणिपुरी, हिंदी-नेपाली व हिंदी-ओड़िया अध्येता कोश प्रकाशित हो चुके हैं।
इनमें 11 कोश छपने के लिए दिए जा चुके हैं। नौ कोश को प्रकाशित करने की अनुमति मिलनी है। मिजोरम सरकार ने हिंदी-मिजो की 2000 प्रतियां खरीदकर पुस्तकालयों में भेजवाई हैं।
संस्थान ने आठ अध्येता कोश बनाए
गैरहिंदी भाषी राज्यों और क्षेत्रों में हिंदी को पहुंचाने के लिए संस्थान प्रयास कर रहा है। कम बोली जाने वाली भाषाओं का संस्थान अध्येता कोश बना रहा है। 50 कोश तैयार किए जाने हैं। आठ कोशों हिंदी-मिजो, हिंदी-निशी, हिंदी-कॉकबरक, हिंदी-खासी, हिंदी गारो, हिंदी-मणिपुरी, हिंदी-नेपाली व हिंदी-ओड़िया अध्येता कोश प्रकाशित हो चुके हैं।
इनमें 11 कोश छपने के लिए दिए जा चुके हैं। नौ कोश को प्रकाशित करने की अनुमति मिलनी है। मिजोरम सरकार ने हिंदी-मिजो की 2000 प्रतियां खरीदकर पुस्तकालयों में भेजवाई हैं।
इस बार 27 देशों के छात्र सीखेंगे हिंदी
हिंदी की क्लास में विदेशी छात्र
- फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय हिंदी संस्थान में इस वर्ष 27 देशों के छात्र हिंदी सीखेंगे। विदेशी भाषा विभाग में सौ सीटें हैं। श्रीलंका, थाईलैंड, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, तुर्की, बांग्लादेश, चीन, अफगानिस्तान, अर्मेनिया, रोमानिया, रूस, अजरबैजान, बुलगारिया, चड, इजिप्ट, गुयाना, हंगरी, इटली, जापान, मंगोलिया, पोलैंड, फिलिपींस, तजाकिस्तान, सूरीनाम, यूक्रेन, उजबेकिस्तान और वियतनाम के छात्रों का चयन किया गया है। कैमरून के छात्रों का चयन पहली बार किया गया है। करीब 50 विदेशी छात्र संस्थान में आ चुके हैं। इनकी कक्षाएं शुरू हो गई हैं।