आगरा: जन्माष्टमी के माहौल के बीच याद आई कृष्ण-सुदामा की दोस्ती, कई दोस्तों ने की एक-दूसरे की मदद
ताजनगरी के रहने वाले कई मित्र भी दोस्ती की नई इबारत लिख रहे हैं। किसी ने विपरीत परिस्थितियों में दोस्त का साथ न छोड़ा तो किसी ने उसका व्यापार जमाने में मदद की।
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आगरा में इस समय जन्माष्टमी का माहौल चल रहा है। बाजारों में रौनक है। ऐसे में भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा की दोस्ती भला कैसे न याद की जाए। ताजनगरी के रहने वाले कई मित्र भी दोस्ती की नई इबारत लिख रहे हैं। किसी ने विपरीत परिस्थितियों में दोस्त का साथ न छोड़ा तो किसी ने उसका व्यापार जमाने में मदद की।
संजय ने निभाया दोस्ती का फर्ज
पुष्पांजली गार्डेनिया के रहने वाले संजीव कपूर के लिए उनके दोस्त संजय झंजी जीवन में काफी अहमियत रखते हैं। संजीव कहते हैं कि उस दौर में जब वे अपने व्यापार को खड़ा करने का प्रयास कर रहे थे, तब बालूगंज के रहने वाले उनके बचपन के दोस्त संजय झांजी ने आर्थिक रूप से सहायता कर व्यापार को खड़ा किया। आज उनके पास टेलीकॉम क्षेत्र की कई फ्रेंचाइजी हैं। वे कहते हैं कि यह सब संजय के कारण ही संभव हो सका।
दोस्त के कारण आज खड़ा है कारोबार
दयालबाग निवासी पंकज मलिक और राम नगर कॉलोनी के रहने वाले सोनू कक्कड़ बचपन से ही घनिष्ठ दोस्त हैं। पंकज बताते हैं कि एक दिन जब सोनू को पता चला कि मैं व्यापार को लेकर काफी परेशान हूं, तो उन्होंने मुझे बहुत डांटा। हम दोनों गले मिलकर खूब रोए। इसके बाद सोनू ने मेरी आर्थिक रूप से मदद की। सोनू ने मुझे सोल का व्यापार शुरू कराया। उस समय सोनू के मिले सहयोग से मेरा व्यापार अच्छा चल रहा है।
40 साल पुराने ट्रांसपोर्ट व्यवसाय में जब आवास विकास कॉलोनी के रहने वाले रोहित कत्याल को परेशानी होने लगी, तब साकेत कॉलोनी के रहने वाले उनके बचपन के मित्र दीपक डाबर ने दोस्ती का फर्ज निभाया। रोहित कहते हैं कि मेरे लिए दीपक भगवान बनकर आया। उसने मुझसे पूछा अगर कोई परेशानी है तो बताओ। परेशानी सुनने के दीपक ने मुझे आर्थिक रूप से सहयोग करने के साथ ही मेरा मनोबल बढ़ाया। दोस्त के कारण आज मेरा व्यवसाय काफी अच्छा चल रहा है।
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