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की-होल सर्जरी के जरिए हृदय का वॉल्व बदला
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आगरा। आयुष्मान कार्ड धारकोंके लिए अच्छी खबर है। उन्हें हृदय की बाईपास सर्जरी के लिए बाहर नहीं जाना होगा। उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल में 24 घंटे सेवा उपलब्ध है। अस्पताल में आयुष्मान कार्ड धारक दो महिलाओं की हृदय की सर्जरी की गई। की-होल सर्जरी के जरिए हृदय का वॉल्व बदला गया। छोटा सा चीरा लगाकर वॉल्व लगाया गया। दोनों मरीज ठीक हैं।
अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के मुख्य सर्जन डॉ. शशिकांत वीवी ने बताया कि दोनों मरीजों में मिनी स्टेर्नोटोमी तकनीक की मदद से वॉल्व बदला गया। यह काम अभी देश के चुनिंदा अस्पतालों में ही किया जाता है। वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. वीनेश जैन और रीजनल बिजनेस हेड दिव्य प्रशांत बजाज ने बताया कि उजाला सिग्नस रेनबो कार्डियक केयर में एचडी आईवस जैसे अत्याधुनिक उपकरण और उन्नत संपूर्ण उपचार उपलब्ध है। डॉ. राजीव लोचन शर्मा व महाप्रबंधक राकेश आहूजा ने बताया कि लाभार्थी योजना में शामिल कोई भी पात्र व्यक्ति अस्पताल में पहुंचकर आयुष्मान कार्ड बनवा सकता है।
मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल में बाईपास सर्जरी की अच्छी सुविधा उपलब्ध होने का लाभ और भी गरीब परिवार के आयुष्मान कार्ड धारक उठा सकेंगे। एसीएमओ डॉ. सुकेश गुप्ता ने कहा कि आयुष्मान कार्ड से वंचित पात्र व्यक्ति जन सुविधा केंद्र, पैनल में शामिल अस्पतालों और पंचायत सहायकाें के माध्यम से कार्ड बनवा सकता है।
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अस्पताल में 30 वर्षीय महिला को सांस फूलने के साथ ही हार्ट अटैक के लक्षणों के साथ एक सप्ताह पहले दिखाया गया। डॉ. शशिकांत ने जांचें कराईं तो वॉल्व रिप्लेसमेंट की जरूरत सामने आई। सर्जरी के तीन दिन बाद ही हालत अच्छी होने पर महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वहीं, फिरोजाबाद की एक 53 वर्षीय महिला का भी हृदय का वॉल्व बदला गया है। चार दिन बाद उसे बुधवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉ. शशिकांत वीवी, डॉ. वीनेश जैन के साथ डॉ. पुष्पेंद्र, शिवचरण मीणा, कार्डियक एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण श्राफ, टेक्नोलॉजिस्ट अजय पाल, अमृता शर्मा, डॉ. तनविक अग्रवाल, डॉ. सलिल कुमार, डॉ. करीना उपाध्याय, अतीक अहमद, हिमांशु सोलंकी ने सर्जरी में सहयोग दिया।
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अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के मुख्य सर्जन डॉ. शशिकांत वीवी ने बताया कि दोनों मरीजों में मिनी स्टेर्नोटोमी तकनीक की मदद से वॉल्व बदला गया। यह काम अभी देश के चुनिंदा अस्पतालों में ही किया जाता है। वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. वीनेश जैन और रीजनल बिजनेस हेड दिव्य प्रशांत बजाज ने बताया कि उजाला सिग्नस रेनबो कार्डियक केयर में एचडी आईवस जैसे अत्याधुनिक उपकरण और उन्नत संपूर्ण उपचार उपलब्ध है। डॉ. राजीव लोचन शर्मा व महाप्रबंधक राकेश आहूजा ने बताया कि लाभार्थी योजना में शामिल कोई भी पात्र व्यक्ति अस्पताल में पहुंचकर आयुष्मान कार्ड बनवा सकता है।
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मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल में बाईपास सर्जरी की अच्छी सुविधा उपलब्ध होने का लाभ और भी गरीब परिवार के आयुष्मान कार्ड धारक उठा सकेंगे। एसीएमओ डॉ. सुकेश गुप्ता ने कहा कि आयुष्मान कार्ड से वंचित पात्र व्यक्ति जन सुविधा केंद्र, पैनल में शामिल अस्पतालों और पंचायत सहायकाें के माध्यम से कार्ड बनवा सकता है।
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अस्पताल में 30 वर्षीय महिला को सांस फूलने के साथ ही हार्ट अटैक के लक्षणों के साथ एक सप्ताह पहले दिखाया गया। डॉ. शशिकांत ने जांचें कराईं तो वॉल्व रिप्लेसमेंट की जरूरत सामने आई। सर्जरी के तीन दिन बाद ही हालत अच्छी होने पर महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वहीं, फिरोजाबाद की एक 53 वर्षीय महिला का भी हृदय का वॉल्व बदला गया है। चार दिन बाद उसे बुधवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉ. शशिकांत वीवी, डॉ. वीनेश जैन के साथ डॉ. पुष्पेंद्र, शिवचरण मीणा, कार्डियक एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण श्राफ, टेक्नोलॉजिस्ट अजय पाल, अमृता शर्मा, डॉ. तनविक अग्रवाल, डॉ. सलिल कुमार, डॉ. करीना उपाध्याय, अतीक अहमद, हिमांशु सोलंकी ने सर्जरी में सहयोग दिया।