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Agra News: आपस में मिले मन तो दूर हो गई दंपती की अनबन
Sun, 05 May 2024 06:40 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sun, 05 May 2024 06:40 PM IST
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आपस में मिले मन तो दूर हो गई दंपती की अनबन
प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय में हुई सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। दंपती के बीच चल रहे विवाद में आमने-सामने बैठने पर दंपती के आपस में मन मिले तो उनके बीच चली आ रही अनबन दूर हो गई। दंपती एक साथ रहने को राजी हो गए। न्यायालय में लिखित समझौता जमा करने पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय गुलाम उल मदार ने दंपती को समझौते की शर्तों का पालन करने की हिदायत देकर विदा कर दिया।
थाना दन्नाहार के दिलीपपुर के रहने वाले राजदीप पुत्र अशोक कठेरिया की शादी साधना पुत्री रामनाथ निवासी शरीफपुर थाना सौंरिख जिला कन्नौज के साथ हुई थे। शादी के बाद उनके दो पुत्र चंदन और अनुज हुए। बाद में दंपती के बीच विवाद शुरू हो गया। दोनों बच्चों को पिता के पास छोड़कर साधना मायके चली गई। वह दो साल से मायके में रह रही थी। राजदीप ने साधना को बुलाने के लिए कई बार पंचायत कराई लेकिन उनके बीच बात नहीं बनी।
राजदीप ने विवह विच्छेद कराने के लिए प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय में अपने वकील देवेंद्र सिंह कटारिया के न्यायालय में आवेदन किया। न्यायालय द्वारा भेजे गए नोटिस के बाद साधना न्यायालय में हाजिर हुई। न्यायालय के काउंसलर श्याम नारायण तिवारी, वकील देवेंद्र सिंह कटारिया ने दंपती को आमने सामने बिठाया। उनकी आपस में बात कराई गई तो रिश्तों पर जमी बर्फ पिघली। दोनों साथ रहने को राजी हो गए। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय गुलाम उल मदार ने दंपती को समझौते की शर्तों का पालन करने की हिदायत देकर विदा कर दिया।
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प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय में हुई सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। दंपती के बीच चल रहे विवाद में आमने-सामने बैठने पर दंपती के आपस में मन मिले तो उनके बीच चली आ रही अनबन दूर हो गई। दंपती एक साथ रहने को राजी हो गए। न्यायालय में लिखित समझौता जमा करने पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय गुलाम उल मदार ने दंपती को समझौते की शर्तों का पालन करने की हिदायत देकर विदा कर दिया।
थाना दन्नाहार के दिलीपपुर के रहने वाले राजदीप पुत्र अशोक कठेरिया की शादी साधना पुत्री रामनाथ निवासी शरीफपुर थाना सौंरिख जिला कन्नौज के साथ हुई थे। शादी के बाद उनके दो पुत्र चंदन और अनुज हुए। बाद में दंपती के बीच विवाद शुरू हो गया। दोनों बच्चों को पिता के पास छोड़कर साधना मायके चली गई। वह दो साल से मायके में रह रही थी। राजदीप ने साधना को बुलाने के लिए कई बार पंचायत कराई लेकिन उनके बीच बात नहीं बनी।
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राजदीप ने विवह विच्छेद कराने के लिए प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय में अपने वकील देवेंद्र सिंह कटारिया के न्यायालय में आवेदन किया। न्यायालय द्वारा भेजे गए नोटिस के बाद साधना न्यायालय में हाजिर हुई। न्यायालय के काउंसलर श्याम नारायण तिवारी, वकील देवेंद्र सिंह कटारिया ने दंपती को आमने सामने बिठाया। उनकी आपस में बात कराई गई तो रिश्तों पर जमी बर्फ पिघली। दोनों साथ रहने को राजी हो गए। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय गुलाम उल मदार ने दंपती को समझौते की शर्तों का पालन करने की हिदायत देकर विदा कर दिया।
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