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बदल रहा खानपान बच्चों को भी बना रहा डायबिटिक

Wed, 13 Nov 2019 10:48 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 13 Nov 2019 10:48 PM IST
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13एमएनपी-26-जिला अस्पताल में मरीजों की जांच करते डॉक्टर - फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। बदली दिनचर्या और खानपान से डायबिटीज के मरीजों में काफी इजाफा हुआ है। हाल ये है अब मधुमेह बच्चों को भी चपेट में ले रहा है। फास्ट फूड और मोटापा इसका बड़ा कारण है।
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जिला अस्पताल से लेकर शहर के प्राइवेट अस्पतालों में अच्छी खासी संख्या में बड़ों के साथ ही बच्चे भी मधुमेह के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में तैनात बालरोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक दुबे बताते हैं कि दस सालों में डायबिटीज का दायरा बढ़ा है। बड़ों के साथ ही अब बच्चे भी इसका शिकार हो रहे हैं। मोटापा से भी शुगर बढ़ रही है। अधिक वजन वाले बच्चों में इंसुलिन प्रतिरोध बढ़ जाता, इससे उनमें ब्लड शुगर की संभावना बढ़ जाती है। बच्चों में इसके लक्षण धीरे धीरे विकसित होते हैं। डायबिटीज का सबसे ज्यादा असर आंखों और किडनी पर पड़ता है।
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यह है इंसुलिन
इंसुलिन एक प्रकार का हार्मोन है जिसका निर्माण अग्नाशय में होता है। हमारा शरीर कार्बनिक पदार्थों को रक्त शर्करा में परिवर्तित करता है। हम जो खाना खाते हैं उसे हमारा पाचनतंत्र कार्बनिक पदार्थों में परिवर्तित कर देता है। इसी प्रक्रिया के तहत शरीर में ग्लूकोज यानी शर्करा बनती है। शरीर की कोशिकाएं इसका उपयोग करके शरीर को ताकत देती हैं। ग्लूकोज रक्त वाहिनियों में बहता हुआ हर एक कोशिका तक पहुंचता है। कोशिकाओं तक ग्लूकोज पहुंचाने के लिए इंसुलिन हार्मोन की जरूरत होती है।
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दो तरह की होती है डायबिटीज
डायबिटीज दो प्रकार की होती है। टाइप-एक में अग्नाशय इंसुलिन निर्माण बंद कर देता है। ऐसी स्थिति में पीड़ित को बाहर से इंसुलिन देना पड़ता है। टाइप-टू में अग्नाशय से इंसुलिन का निर्माण कम मात्रा में किया जाता है। ऐसी स्थिति में शरीर अल्प मात्रा में बने इंसुलिन को पहचान नहीं पाता है।
इन बातों का रखे ख्याल
अगर बच्चे को बार-बार पेशाब आती है, उसे बार-बार प्यास और भूख लगती है। तो बच्चे को चेकअप कराएं। क्यों कि यह डायबिटीज के ही लक्षण हैं। डायबिटीज से बचने के लिए वजन कम रखें, नियमित रूप से व्यायाम करें।

खानपान बदलने से बच्चे भी डायबिटीज का शिकार हो रहे हैं। हमारी सलाह है कि भोजन को संतुलित करें। फास्ट फूड से दूरी बनाएं। स्वस्थ्य रहने के लिए आउटडोर गेम पर भी ध्यान दें।
- डॉ. अभिषेक दुबे, बालरोग विशेषज्ञ।
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