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गली गली में खुली मिली झोलाछाप की दुकानें, हाईस्कूल पास कर रहे थे मरीजों की सर्जरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 25 Aug 2018 09:46 AM IST
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मरीज के हाथ पर पट्टी करता युवक
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में स्वास्थ्य विभाग टीम की छापामार कार्रवाई जारी है। गुरुवार को देवरी रोड स्थित कई क्लीनिक पर छापे मारे गए। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट पास मरीजों की सर्जरी और इलाज करते पाए गए। चार क्लीनिक सील की गई। संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
टीम ने सबसे पहले निरूपल राय क्लीनिक पर छापा मारा। यहां 10वीं का छात्र कृष्णा शर्मा मरीज को इंजेक्शन लगा रहा था। 10 मरीज भर्ती थे। संचालक निरूपल राय टीम आने के कुछ देर पहले ही चला गया था, उसे फोन करके बुलाया गया, पर पहुंचा नहीं। क्लीनिक में बवासीर आदि का ऑपरेशन किया जाता था। बड़ी मात्रा में मेडिकल वेस्ट क्लीनिक में मिला। क्लीनिक को टीम ने सील कर दिया।
दया क्लीनिक, शांति नगर का संचालन मध्य प्रदेश का दयाशंकर शर्मा कर रहा था। बोर्ड पर टाइफाइड विशेषज्ञ लिखा रखा था। एलोपैथी के साथ आयुर्वेदिक इलाज किया जा रहा था। क्लीनिक पर कुछ जड़ी बूटियां भी मिलीं। दयाशंकर शर्मा ने पूछताछ में खुद को हाईस्कूल पास बताया। क्लीनिक में दो-तीन मरीज भर्ती थे। क्लीनिक को सील कर दिया गया है।
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टीम ने सबसे पहले निरूपल राय क्लीनिक पर छापा मारा। यहां 10वीं का छात्र कृष्णा शर्मा मरीज को इंजेक्शन लगा रहा था। 10 मरीज भर्ती थे। संचालक निरूपल राय टीम आने के कुछ देर पहले ही चला गया था, उसे फोन करके बुलाया गया, पर पहुंचा नहीं। क्लीनिक में बवासीर आदि का ऑपरेशन किया जाता था। बड़ी मात्रा में मेडिकल वेस्ट क्लीनिक में मिला। क्लीनिक को टीम ने सील कर दिया।
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दया क्लीनिक, शांति नगर का संचालन मध्य प्रदेश का दयाशंकर शर्मा कर रहा था। बोर्ड पर टाइफाइड विशेषज्ञ लिखा रखा था। एलोपैथी के साथ आयुर्वेदिक इलाज किया जा रहा था। क्लीनिक पर कुछ जड़ी बूटियां भी मिलीं। दयाशंकर शर्मा ने पूछताछ में खुद को हाईस्कूल पास बताया। क्लीनिक में दो-तीन मरीज भर्ती थे। क्लीनिक को सील कर दिया गया है।
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क्लीनिक को किया सील
देवरी रोड पर ही स्थित प्रीतम क्लीनिक में एक मरीज भर्ती था। संचालक प्रीतम सिंह उसका इलाज कर रहा था, उसने अपना शैक्षणिक प्रमाणपत्र नहीं दिखाया। जुकाम, खासी, बुखार का इलाज कर रहा था। अंत में टीम सेमरी का ताल, सेवला जाट स्थित सचिन कुमार उर्फ बंटी के क्लीनिक पर पहुंची, यहां तीन मरीज भर्ती थे। सचिन कुमार ने खुद को इंटरमीडिएट उत्तीर्ण बताया। इसको भी सील कर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम के सदस्यों ने झोलाछापों की क्लीनिक में भर्ती मरीजों से भी बातचीत की। उन्होंने बताया कि सस्ते इलाज के चक्कर में वह इन क्लीनिक में इलाज कराते हैं। अपंजीकृत हॉस्पिटल के नोडल प्रभारी डॉ. नंदन सिंह ने बताया कि छापे में चार क्लीनिक झोलाछापों की ओर से संचालित पाई गईं। सभी को सील कर दिया गया। रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी जाएगी। संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की टीम के सदस्यों ने झोलाछापों की क्लीनिक में भर्ती मरीजों से भी बातचीत की। उन्होंने बताया कि सस्ते इलाज के चक्कर में वह इन क्लीनिक में इलाज कराते हैं। अपंजीकृत हॉस्पिटल के नोडल प्रभारी डॉ. नंदन सिंह ने बताया कि छापे में चार क्लीनिक झोलाछापों की ओर से संचालित पाई गईं। सभी को सील कर दिया गया। रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी जाएगी। संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।