मैनपुरी। जिले में जनप्रतिनिधियों की निधि से प्रस्तावित ऑक्सीजन प्लांट का काम शुरू होने से पहले ही रुक गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्यदायी संस्था को धनराशि स्थानांतरित न किए जाने के चलते प्लांट की तकनीकी स्वीकृति रुक गई है। इसके लिए कार्यदायी संस्था के अधिशासी अभियंता ने सीएमओ को पत्र भेजा है।
कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी से मरीजों को मुश्किल हुई। इसीलिए जिला अस्पताल परिसर में ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना के लिए जनप्रतिनिधियों ने डेढ़ करोड़ की धनराशि दी थी। इस धनराशि से प्लांट की स्थापना के लिए यांत्रिक खंड लोक निर्माण विभाग आगरा को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। जनप्रतिनिधियों से मिली धनराशि को स्वास्थ्य विभाग को भेज दिया गया था। मुख्य चिकित्साधिकारी को ये धनराशि कार्यदायी संस्था को स्थानांतरित करनी थी, लेकिन एक पखवाड़े से भी अधिक का समय बीतनेे के बाद भी ये धनराशि कार्यदायी संस्था को नहीं दी गई। इसके चलते ऑक्सीजन प्लांट की तकनीकी स्वीकृति रोक दी गई है। कई बार धनराशि के लिए कार्यदायी संस्था ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ऐसे में ऑक्सीजन प्लांट का काम लेट हो रहा है। इसी को देखते हुए कार्यदायी संस्था के अधिशासी अभियंता आरपी गिरि ने सीएमओ पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने धनराशि उपलब्ध न कराए जाने के चलते तकनीकी स्वीकृति न मिलने और काम में देरी होने की बात कही है।