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आशा ज्योति केंद्र में रीता बहुगुणा को मिली निराशा

Sat, 29 Apr 2017 12:48 AM IST
आशा ज्योति केंद्र में रीता बहुगुणा को मिली निराशा
आशा ज्योति केंद्र में रीता बहुगुणा को मिली निराशा Updated Sat, 29 Apr 2017 12:48 AM IST
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आशा ज्योति केंद्र में रीता बहुगुणा को मिली निराशा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी को सपा सरकार की महत्वाकांक्षी योजना रानी लक्ष्मीबाई आशा ज्योति केंद्र में निराशा मिली। रजिस्टर में काफी शिकायतें पेंडिंग थीं। समाधान किसी का न होते देख प्रभारी की क्लास ली। इसकी रिपोर्ट तलब करते हुए कार्रवाई की बात कही।
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दोपहर करीब ढाई बजे महिला, परिवार, मातृ एवं शिशु कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा ने आशा ज्योति केंद्र का निरीक्षण किया। पता चला कि कानूनी, चिकित्सकीय, काउंसलिंग सबकी खानापूर्ति हो रही है। रजिस्टर देखा तो इसमें शिकायतों का अंबार लगा हुआ था, सबसे ज्यादा घरेलू हिंसा के मामले थे। इनका समाधान न होने पर उन्होंने प्रभारी से वजह जानी। उन्होंने बताया कि शिकायत पर पति को फोन कर बुलाया जाता है, वह आता नहीं है। पुलिस प्रभारी से पूछा तो बताया कि वह एंटी रोमिया स्क्वैड की सदस्य हैं, समय नहीं मिलता। इस पर मंत्री ने सख्ती से स्टाफ से पूछा कि महीने में कितने बार केंद्र आते हो, तो सभी एकदूसरे को देखने लगे। इस पर उन्होंने सभी को सुधर जाने की नसीहत दी।
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मंत्री ने किए सवाल:
मंत्री: शिकायत का निस्तारण क्यों नहीं हो रहा...
प्रभारी: शिकायत के बाद फोन कर पति को बुलाते हैं, वह आता नहीं...
मंत्री: पुलिस को बताया, वो पकड़ कर लाएगी
प्रभारी: पुलिस सुनती नहीं है...
मंत्री( पुलिस इंचार्ज से): आप क्या करती हो, आरोपी पति को क्यों पकड़ कर नहीं लाते
पुलिस प्रभारी: एंटी रोमिया स्क्वैड में हूं, पूरे दिन वहां रहना पड़ता है, इनकी ओर से लिखित में शिकायत भी नहीं मिलती...
मंत्री: सब एक-दूसरे पर टाल रहे हैं, ऐसेे कार्य होने से तो उस बेचारी महिला पर और आफत आ जाती होगी।  पहले पति दो थप्पड़ मारता होगा, शिकायत के बाद तो उसे चार थप्पड़ खाने पड़ रहे होंगे...बहुत हो गया, बिना कार्रवाई सुधरोगे नहीं
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ये कैसा अस्पताल? न दवाएं, न वेंटिलेटर
आगरा। चिकित्सकीय सेवाएं भले ही योगी सरकार की प्राथमिकता में हैं। इसके बावजूद इनमें सुधार हो रहा है। बीते दिनों कमिश्नर ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया तो तमाम खामियां सामने आईं। ऐसी ही खामियां कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी को लेडी लायल में मिलीं। बोलीं, ये कैसा अस्पताल है न पूरी दवाएं है और न वेंटिलेटर की सुविधा।
मंत्री यहां करीब दो बजे निरीक्षण करने पहुंचीं। प्रसव कक्ष में मरीजों से बात की। मरीजों ने दवाओं की कमी बताई। सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट में गई तो यहां बेड खाली थे, इक्का-दुक्का मरीज ही भर्ती थे। वेंटिलेटर भी नहीं था। एक मरीज ने एंबुलेंस नहीं मिलने की शिकायत की। मंत्री ने खामियाें को सुधारने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने प्रसूता से रुपये मांगने की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की बात कही। हालांकि लेडी लायल में साफ-सफाई से मंत्री संतुष्ट नजर आईं।
पिछली सरकार पर कसा तंज
- मंत्री ने पिछली सपा सरकार पर तंज कसा। कहा कि यहां बताया गया है कि 50 फीसदी स्टाफ की कमी है, इसका प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है लेकिन पिछली सरकार ने भर्ती नहीं की। ऐसे में अब एक संस्थान में सर्जरी, एनेस्थीसिया समेत आवश्यक सभी डाक्टर और नर्सिंग स्टाफ की संविदा पर भर्ती की बात कही है। स्वास्थ्य सेवाओं की खामियों की वजह को भी पिछली सरकार की लापरवाही बताया।

गांव में तैनात डाक्टरों को मिलेगी सौगात
योगी सरकार गांवों में तैनात डाक्टरों को सौगत दे सकती है।  रीता बहुगुणा ने कहा कि गांवों में सेवा देने वाले डाक्टरों की वेतन वृद्धि की जाएगी। आशाओं का मानदेय भी बढ़ाया जाएगा। वेंटिलेटर सुविधा, 102, 108 सेवा का संचालन दुुरुस्त कराने के अलावा जननी सुरक्षा योजना सभी पात्रों को मिले, इस पर फोकस रहेगा।
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