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गुरु पूर्णिमा: श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी
Fri, 11 Jul 2025 12:17 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 11 Jul 2025 12:17 AM IST
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कासगंज/सोरोंजी/गंजडुंडवारा। गुरु पूर्णिमा पर्व पर श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया। सुबह से हर हर गंगे के जयकारे गंगाघाटों पर सुनाई देने लगे। भक्तिभाव के साथ गंगा में डुबकी लगाई। मां गंगा का दुग्धाभिषेक, पंचामृताभिषेक कर चुनरी मनोरथ किया। इस दौरान सभी गंगाघाटों पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु स्नान करने के लिए पहुंचे। गंगास्नान का यह सिलसिला घाटों पर पूरे दिन चलता रहा।
तीर्थनगरी में हरि की पौड़ी, लहरा, अल्लीपुर बरबारा, इस्माइलपुर, कादरगंज, सहवाजपुर व कछला गंगाघाट पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला पूर्णिमा की पूर्व संध्या से ही शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने तटों पर बनी धर्मशालाओं और आश्रमों में रात्रि विश्राम किया और भोर होते गंगास्नान करके पूजा अर्चना की। इन दिनों गंगा का जलस्तर अधिक हाेने के कारण प्रशासन ने लाल झंडियां लगा दी थीं, जिससे श्रद्धालु गहरे पानी में जाने से बच सकें। बड़ी संख्या में राजस्थान, मध्यप्रदेश के अलावा आस पास के इलाके के लोग गंगास्नान को पहुंचे। मां गंगा को भोग अर्पित किए। अभिषेक पूजन के साथ गंगा आरती भी की।
श्रद्धालुओं ने लगाई पंचकोसी परिक्रमा, मंदिरों में किए देवदर्शन, लगाया भोग, बच्चों का कराया मुंडन
गंगास्नान के बाद श्रद्धालुओं ने हरि की पौड़ी व शूकरक्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने हरिनाम का संकीर्तन किया। मार्ग में बैठे जरूरतमंदों को अनाज, कपड़ा, पैसा आदि दान किया। कासगंज में भी श्रद्धालुओ ने गरीबों, साधुओं को दान दक्षिणा दी और भोज कराया। श्रद्धालुओं ने आम व ठंडा शर्बत, लस्सी मंदिरों में दान किया।
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गंगास्नान के बाद श्रद्धालुओं ने वराह मंदिर पहुंचकर भगवान वराह की आरती उतारकर प्रसाद चढ़ाया और परिवार की खुशहाली का आशीष मांगा। वहीं रघुनाथजी, बालाजी दरबार, मानस मंदिर, सोमेश्वर, सिद्ध हनुमान, सिद्धिविनायक, श्याम वराह मंदिर, द्वारिकाधीश, गंगा माता, पंच महाशक्ति आदि मंदिरों में भी पहुंचकर श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ प्राप्त किया। वहीं आषाढ़ी पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने घर पर बनी खीर-पूड़ी से मातारानी का भोग लगाकर पूजा अर्चना की। शीतला माता, हरसिद्धि, ग्राम देवी, बटुकनाथ आदि मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने अपने बच्चों का मुंडन संस्कार भी कराया।
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तीर्थनगरी में हरि की पौड़ी, लहरा, अल्लीपुर बरबारा, इस्माइलपुर, कादरगंज, सहवाजपुर व कछला गंगाघाट पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला पूर्णिमा की पूर्व संध्या से ही शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने तटों पर बनी धर्मशालाओं और आश्रमों में रात्रि विश्राम किया और भोर होते गंगास्नान करके पूजा अर्चना की। इन दिनों गंगा का जलस्तर अधिक हाेने के कारण प्रशासन ने लाल झंडियां लगा दी थीं, जिससे श्रद्धालु गहरे पानी में जाने से बच सकें। बड़ी संख्या में राजस्थान, मध्यप्रदेश के अलावा आस पास के इलाके के लोग गंगास्नान को पहुंचे। मां गंगा को भोग अर्पित किए। अभिषेक पूजन के साथ गंगा आरती भी की।
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श्रद्धालुओं ने लगाई पंचकोसी परिक्रमा, मंदिरों में किए देवदर्शन, लगाया भोग, बच्चों का कराया मुंडन
गंगास्नान के बाद श्रद्धालुओं ने हरि की पौड़ी व शूकरक्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने हरिनाम का संकीर्तन किया। मार्ग में बैठे जरूरतमंदों को अनाज, कपड़ा, पैसा आदि दान किया। कासगंज में भी श्रद्धालुओ ने गरीबों, साधुओं को दान दक्षिणा दी और भोज कराया। श्रद्धालुओं ने आम व ठंडा शर्बत, लस्सी मंदिरों में दान किया।
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गंगास्नान के बाद श्रद्धालुओं ने वराह मंदिर पहुंचकर भगवान वराह की आरती उतारकर प्रसाद चढ़ाया और परिवार की खुशहाली का आशीष मांगा। वहीं रघुनाथजी, बालाजी दरबार, मानस मंदिर, सोमेश्वर, सिद्ध हनुमान, सिद्धिविनायक, श्याम वराह मंदिर, द्वारिकाधीश, गंगा माता, पंच महाशक्ति आदि मंदिरों में भी पहुंचकर श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ प्राप्त किया। वहीं आषाढ़ी पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने घर पर बनी खीर-पूड़ी से मातारानी का भोग लगाकर पूजा अर्चना की। शीतला माता, हरसिद्धि, ग्राम देवी, बटुकनाथ आदि मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने अपने बच्चों का मुंडन संस्कार भी कराया।