फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   GRP arrested cartridge supplier from amroha

फिरोजाबाद: कारतूस सप्लायर ने उगले राज, कई वर्षों से दे रहा था सप्लाई, आरोपी के पिता की है शस्त्र की दुकान

Mon, 25 Apr 2022 12:19 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, टूंडला (फिरोजाबाद)
संवाद न्यूज एजेंसी, टूंडला (फिरोजाबाद) Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 25 Apr 2022 12:19 AM IST
सार

आरोपी प्रतीक के पिता की हसनपुर में मैसर्स हरदयाल सिंह एडं संस के नाम से शस्त्र लाइसेंस की दुकान हैं। आरोपी भी दुकान पर बैठता है। यहां शस्त्रधारक कारतूस खरीदने आते थे।  वह उनको कम कारतूस देकर उनके लाइसेंस पर ज्यादा कारतूस की एंट्री कर देता था। 

विज्ञापन
GRP arrested cartridge supplier from amroha
आरोपी की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी देते एसपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फिरोजाबाद के टूंडला रेलवे स्टेशन पर राजकीय रेलवे पुलिस द्वारा पकड़े गए 25 हजार के इनामी कारतूस सप्लायर ने पूछताछ में कई राज उगले हैं। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। सप्लायर से पुलिस ने 22 कारतूस बरामद किए हैं।

विज्ञापन


शुक्रवार को जीआरपी ने टूंडला जंक्शन से दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर किया था। उनके पास से 700 जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। पुलिस ने कारतूस तस्करों से पूछताछ के बाद सरगनाओं के ठिकानों पर छापेमारी की। पुलिस टीमें शिकोहाबाद, दिल्ली व बिहार सहित अन्य स्थानों पर डेरा जमाए हुए हैं।
विज्ञापन


पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि पुलिस कारतूसों की सप्लाई देने वाले 25 हजार के इनामी सप्लायर प्रतीक सक्सेना निवासी मोहल्ला कायस्थान, थाना हसनपुर, अमरोहा को शनिवार गिरफ्तार कर ले आई। पूछताछ में उसने कारोबार से जुड़े अपराधियों की जानकारी दी है। पुलिस गैंग से जुड़े अपराधियों की तलाश कर रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

पिता की है शस्त्र की दुकान 

प्रतीक के पिता सुशीलचन्द्र सक्सेना की हसनपुर में मैसर्स हरदयाल सिंह एडं संस के नाम से शस्त्र लाइसेस की दुकान हैं। वह पिता के साथ दुकान पर ही बैठता है। दुकान पर शस्त्र लाइसेंस धारक कारतूस खरीदने आते हैं। उस समय वह उनको कम कारतूस देकर उनके लाइसेंस पर ज्यादा कारतूस की एंट्री कर देता था और कारतूस के खाली पैकेट रख लेता था। इस प्रकार अतिरिक्त कारतूस इकठ्ठे हो जाते थे और उन्हें शादाब, फैजान और अन्य लोगों को मंहगे दामों पर बेच देता था। 

पांच हजार प्रतिमाह की डिमांड

प्रतीक ने बताया कि गिरोह के लोगों की कारतूसों की डिमांड प्रति माह लगभग पांच हजार से अधिक रहती थी। इससे उसे काफी मुनाफा हो रहा था। 

खाली कारतूस भरवाता 

कारतूसों की डिमांड जब बढ़ने लगी तो प्रतीक ने खाली कारतूसों को अवैध रूप से भरने वाले लोगों को भी शामिल कर लिया था। इनसे हर महीने लगभग तीन से चार हजार खाली कारतूस भरवाता था और उन्हें भरे हुए कारतूसों को असली दिखाने के लिए पूर्व में खाली हुए डिब्बो में रखकर बेच देता था। 

यूपी, बिहार, दिल्ली में करता था सप्लाई

प्रतीक ने बताया कि वह साथियों व सादाब, फैजान व अन्य की मदद से आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से संगठित होकर अवैध रूप से कारतूस यूपी, बिहार और दिल्ली में सप्लाई करते थे। वह पिछले दो साल से अधिक सक्रिय हुआ है। 

एसपी रेलवे मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि कारतूसों की सप्लाई देने वाले सप्लायर को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई है। उसने अहम राज उगले हैं। पुलिस टीमें उन पर कार्य करते हुए इस गैंग से जुड़े अपराधियों की तलाश कर रही है। जल्द ही केस से जुड़े अन्य अपराधी भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed