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मिली कनेक्टीविटी, इलैक्ट्रिक इंजन से फर्राटा भरने लगीं ट्रेनें
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कासगंज। कासगंज-बरेली रेल ट्रैक पर अब ट्रेन का सफर और सुहाना हो गया है। एक साल पूर्व इस ट्रैक पर विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों की रफ्तार को हरी झंडी मिल गई। कनेक्टिीविटी मिलते ही ट्रेनों ने इलेक्ट्रिक इंजन से फर्राटा भरना शुरू कर दिया है। डीजल इंजन की अपेक्षा इलेक्ट्रिक इंजन से जहां रेलवे को राजस्व में बचत होगी वहीं ट्रेनों की रफ्तार में तेजी आएगी।
कासगंज जंक्शन रेलवे स्टेशन से मथुरा और कानपुर की ओर तो पहले ही इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन और मालगाडिय़ां दौड़ रही हैं। बरेली ट्रैक पर एक वर्ष पूर्व विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद मुख्य संरक्षा आयुक्त ने हरी झंडी दे दी थी, तब भी यहां इलैक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें नहीं दौड़ पा रहीं थीं। इसके पीछे कारण था की बरेली सिटी से पीलीभीत ट्रैक के विद्युतीकरण का काम पूरा नहीं हो पाया था। अब काम पूरा होने के बाद बरेली सिटी स्टेशन पर कासगंज की ओर से इलैक्ट्रिक इंजन दौड़ाने के लिए कनेक्टिविटी मिल गई है। कनेक्टिविटी मिलते ही रेलवे ने इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें और मालगाड़ियां चलाना शुरू कर दिया है। इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें चलने से बरेली तक का सफर कम समय में पूरा होगा। अब तक डीजल इंजन से ट्रेन लगभग तीन घंटे में बरेली पहुंच पाती थी, जबकि इलेक्ट्रिक इंजन से ढाई घंटे में ही सफर पूरा हो सकेगा।
आंकड़े की नजर से-
- 105 किलोमीटर की दूरी कासगंज से बरेली के बीच।
- 2 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चल रहीं बरेली-कासगंज के बीच।
- 2 जोड़ी सुपरफास्ट ट्रेनें दौड़ रहीं कासगंज बरेली तक।
वर्जन-
- इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें चलाने के लिए सीआरएस पूर्व में ही हरी झंडी दे चुके थे, लेकिन कनेक्टिविटी न मिलने के कारण ट्रेनें नहीं चल पा रहीं थीं। अब कनेक्टिविटी मिलने पर इलेक्ट्रिक इंजन से कासगंज-बरेली के बीच ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है।- कृष्णमोहन विश्वकर्मा, प्रबंधक, रेल विकास निगम लिमिटेड
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कासगंज जंक्शन रेलवे स्टेशन से मथुरा और कानपुर की ओर तो पहले ही इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन और मालगाडिय़ां दौड़ रही हैं। बरेली ट्रैक पर एक वर्ष पूर्व विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद मुख्य संरक्षा आयुक्त ने हरी झंडी दे दी थी, तब भी यहां इलैक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें नहीं दौड़ पा रहीं थीं। इसके पीछे कारण था की बरेली सिटी से पीलीभीत ट्रैक के विद्युतीकरण का काम पूरा नहीं हो पाया था। अब काम पूरा होने के बाद बरेली सिटी स्टेशन पर कासगंज की ओर से इलैक्ट्रिक इंजन दौड़ाने के लिए कनेक्टिविटी मिल गई है। कनेक्टिविटी मिलते ही रेलवे ने इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें और मालगाड़ियां चलाना शुरू कर दिया है। इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें चलने से बरेली तक का सफर कम समय में पूरा होगा। अब तक डीजल इंजन से ट्रेन लगभग तीन घंटे में बरेली पहुंच पाती थी, जबकि इलेक्ट्रिक इंजन से ढाई घंटे में ही सफर पूरा हो सकेगा।
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आंकड़े की नजर से-
- 105 किलोमीटर की दूरी कासगंज से बरेली के बीच।
- 2 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चल रहीं बरेली-कासगंज के बीच।
- 2 जोड़ी सुपरफास्ट ट्रेनें दौड़ रहीं कासगंज बरेली तक।
वर्जन-
- इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें चलाने के लिए सीआरएस पूर्व में ही हरी झंडी दे चुके थे, लेकिन कनेक्टिविटी न मिलने के कारण ट्रेनें नहीं चल पा रहीं थीं। अब कनेक्टिविटी मिलने पर इलेक्ट्रिक इंजन से कासगंज-बरेली के बीच ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है।- कृष्णमोहन विश्वकर्मा, प्रबंधक, रेल विकास निगम लिमिटेड
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