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आगरा: झोलाछाप के इलाज से निमोनिया पीड़ित बच्ची की मौत, दुकान बंदकर भागा आरोपी

Wed, 11 Dec 2019 12:18 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 11 Dec 2019 12:18 AM IST
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girl dies due to treatment of jholachhap in agra
पिता की गोद में बेटी की शव - फोटो : अमर उजाला
आगरा के कस्बा बरहन में झोलाछाप के इंजेक्शन से निमोनिया पीड़ित बच्ची की मौत हो गई। मृत बच्ची को लेकर परिजन झोलाछाप के पास लौटकर पहुंचे, तो उसमें सांस बताकर आगरा ले जाने को कह दिया। परिजनों के वहां से हटते ही झोलाछाप दुकान बंद कर भाग गया। इस पर परिजनों ने हंगामा किया। पीड़ित थाने में झोलाछाप के खिलाफ तहरीर देने की तैयारी कर रहे हैं।
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हाथरस के सहपऊ निवासी जितेंद्र कुमार अपनी ससुराल बरहन के नगला बीरी में पत्नी और बच्ची काजल (ढाई महीना) के साथ आए हुए थे। बच्ची की तबियत खराब होने पर मंगलवार की दोपहर आंवलखेड़ा मार्ग स्थित झोलाछाप विनय चौधरी की दुकान पर ले गया। 
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जितेंद्र ने बताया कि झोलाछाप ने बच्ची को निमोनिया बताकर इंजेक्शन और भाप लगाई। तीन-चार सीरप पिला दिए और बाकी की डोज घर पिलाने के लिए कह दिया। दवाओं के अतिरिक्त भाप लगाने के 300 रुपये भी वसूले। घर पहुंचते ही बच्ची की तबीयत और बिगड़ गई।
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परिजनों ने वहीं सीरप पिला दिए, जो झोलाछाप के दिए थे। इसके तुरंत बाद बच्ची की मौत हो गई। इस पर वो लौटकर झोलाछाप की दुकान पर गए तो उसने बताया कि इसमें सांस है आगरा ले जाओ। परिजनों के यहां से हटते ही झोलाछाप दुकान बंद कर भाग गया। परिजनों को हकीकत समझ में आई तो उन्होंने हंगामा किया। 

दुकान सील करने नहीं गई टीम, सिर्फ नोटिस भेजा

उधर, सूचना मिलने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एत्मादपुर प्रभारी ने दुकान सील करने के बजाय नोटिस दिया है। इसमें विनय चौधरी पर बिना किसी अधिकृत योग्यता एवं पंजीकरण के इलाज करने पर इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट 1956 की धारा 15 , 3 के तहत दंडनीय बताया। 

उसे तीन दिन में चिकित्सकीय प्रमाण पत्र और दुकान का पंजीकरण दिखाने को कहा है। ऐसा न करने पर एफआइआर और दुकान सील करने की चेतावनी दी गई है।

पीड़ित पर समझौता करने का दबाव

बच्ची की मौत होने के बाद झोलाछाप पीड़ित पर समझौता करने का दबाव बना रहा है। इसके लिए उसने पीड़ित के ससुराल में भी भेजे। पुलिस का कहना है कि अभी तक पीड़ित की ओर से तहरीर नहीं मिली है। 

'रिपोर्ट मंगाता हूं'

सीएमओ डॉ मुकेश वत्स ने कहा कि झोलाछाप के इलाज से बच्ची की मौत की जांच करने के लिए सीएचसी एत्मादपुर को कहा है। वह मौके पर जाकर दुकान क्यों सील नहीं की है, उसे नोटिस ही क्यों भेजा है, इसकी रिपोर्ट तलब करता हूं। 

'झोलाछाप के खिलाफ ठंडा पड़ा अभियान'

झोलाछाप के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान ठंडा पड़ गया है। मरीज की मौत होने के बाद ही टीम विभागों से निकल रही है। हालत यह है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम 26 नवंबर के बाद से छापे को नहीं गई। इनकी इस लापरवाही से एक और शिशु की मौत हो गई।
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