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शरद पूर्णिमा : गंगा स्नान कर श्रद्धालुओं ने मानी मनौती
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कासगंज में शरद पूर्णिमा के मौके पर कछला गंगाघाट पर डुबकी लगाते श्रद्घालु
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। शरद पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को गंगाघाटों पर आस्था उमड़ी। हर हर गंगे के स्वर से घाट गूंजे। रेल और यातायात मार्ग पर जाम लग गया।
शरद पूर्णिमा पर स्नान का विशेष महत्व है। लहरा गंगाघाट, कछला गंगाघाट और हरिपदी गंगा सोरों पर स्नान के लिए श्रद्धालु उमडे। राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों के अलावा प्रदेश के दूरदराज इलाकों से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया। हर हर गंगे के स्वर घाटों पर गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने गरीबों, ब्राह्मणों को दान पुण्य किया। पुलिस प्रशासन ने घाटों पर चाक चौबंद व्यवस्थाएं कीं। घाटों पर पुलिसबल तैनात रहा। गोताखोरों को भी तैनात किया गया। गंगाघाटों पर अनहोनी से बचने के लिए पुलिस प्रशासन ने संकेतक भी लगवाए।
इस बार रहा विशेष संयोग
पंडित रामखिलावन शास्त्री का कहना है कि इस बार शरद पूर्णिमा के अवसर पर विशेष संयोग है। रविवार को शरद पूर्णिमा होने के कारण मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसेगी। उन्होंने बताया कि इस दिन चंद्रमा पृथ्वी के अत्यधिक नजदीक होता है। मां लक्ष्मी खिले कमल पर पद्मासन मुद्रा में बैठती हैं। वेद विद्वान के मुताबिक मां लक्ष्मी के साथ कुबेर भी होते हैं। शरद पूर्णिमा की रात में मां लक्ष्मी के मंत्र का उच्चारण करने से धन की दिक्कत दूर होती है।
खीर पर बरसता है अमृत
कासगंज। साल में एक बार आने वाली शरद पूर्णिमा का पर्व बढ़ा ही उत्तम माना जाता है। इस दिन व्रत रखा जाता है। शरद पूर्णिमा की रात को दूध की खीर बनाकर खुले आसमान के नीचे रखने का विशेष महत्व है। खीर पर चंद्रमा से अमृत बरसता है। मान्यता है रातभर चांदनी पड़ने के बाद इस खीर का सेवन करने से शरीर आरोग्य होता है। शरद पूर्णिमा की रात में रखी हुई खीर का सेवन दमा के रोगियों को काफी लाभकारी माना जाता है।
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जगह जगह जाम, रूट डायवर्ट
कासगंज। शरद पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते सड़क मार्ग पर जगह जगह जाम रहा। पुलिस ने अमांपुर रोड से रूट डायवर्ट किया। इसके अलावा वाहनों को कैनाल बाईपास होते हुए निकाला गया। रेल की छतों और इंजन पर बैठकर श्रद्धालु गंगास्नान को पहुंचे। सड़क से लेकर रेलमार्ग तक श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी। पुलिस के अधिकारी भी गश्त करते रहे।
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शरद पूर्णिमा पर स्नान का विशेष महत्व है। लहरा गंगाघाट, कछला गंगाघाट और हरिपदी गंगा सोरों पर स्नान के लिए श्रद्धालु उमडे। राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों के अलावा प्रदेश के दूरदराज इलाकों से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया। हर हर गंगे के स्वर घाटों पर गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने गरीबों, ब्राह्मणों को दान पुण्य किया। पुलिस प्रशासन ने घाटों पर चाक चौबंद व्यवस्थाएं कीं। घाटों पर पुलिसबल तैनात रहा। गोताखोरों को भी तैनात किया गया। गंगाघाटों पर अनहोनी से बचने के लिए पुलिस प्रशासन ने संकेतक भी लगवाए।
इस बार रहा विशेष संयोग
पंडित रामखिलावन शास्त्री का कहना है कि इस बार शरद पूर्णिमा के अवसर पर विशेष संयोग है। रविवार को शरद पूर्णिमा होने के कारण मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसेगी। उन्होंने बताया कि इस दिन चंद्रमा पृथ्वी के अत्यधिक नजदीक होता है। मां लक्ष्मी खिले कमल पर पद्मासन मुद्रा में बैठती हैं। वेद विद्वान के मुताबिक मां लक्ष्मी के साथ कुबेर भी होते हैं। शरद पूर्णिमा की रात में मां लक्ष्मी के मंत्र का उच्चारण करने से धन की दिक्कत दूर होती है।
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खीर पर बरसता है अमृत
कासगंज। साल में एक बार आने वाली शरद पूर्णिमा का पर्व बढ़ा ही उत्तम माना जाता है। इस दिन व्रत रखा जाता है। शरद पूर्णिमा की रात को दूध की खीर बनाकर खुले आसमान के नीचे रखने का विशेष महत्व है। खीर पर चंद्रमा से अमृत बरसता है। मान्यता है रातभर चांदनी पड़ने के बाद इस खीर का सेवन करने से शरीर आरोग्य होता है। शरद पूर्णिमा की रात में रखी हुई खीर का सेवन दमा के रोगियों को काफी लाभकारी माना जाता है।
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जगह जगह जाम, रूट डायवर्ट
कासगंज। शरद पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते सड़क मार्ग पर जगह जगह जाम रहा। पुलिस ने अमांपुर रोड से रूट डायवर्ट किया। इसके अलावा वाहनों को कैनाल बाईपास होते हुए निकाला गया। रेल की छतों और इंजन पर बैठकर श्रद्धालु गंगास्नान को पहुंचे। सड़क से लेकर रेलमार्ग तक श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी। पुलिस के अधिकारी भी गश्त करते रहे।