{"_id":"613657428ebc3e69ab40f1b6","slug":"ganga-ghat-resonated-with-the-voices-of-har-har-ganges-devotees-gathered-kasganj-news-agr506504839","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर हर गंगे के स्वरों से गूंजयमान हुए गंगाघाट, उमड़े श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर हर गंगे के स्वरों से गूंजयमान हुए गंगाघाट, उमड़े श्रद्धालु
विज्ञापन
कासगंज के कछला गंगाघाट पर स्नान को पहुंचे श्रद्घालुओं की भीड़
- फोटो : KASGANJ
कासगंज। सोमवती अमावस्या पर सुबह से ही गंगाघाटों पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। हर हर गंगे, हर हर महादेव के जयकारों से गंगाघाट गूंजायमान हो गए। सोरों के हरिपदी, लहरा, कछला एवं कादरगंज घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने गंगास्नान कर साधु संतों को भोजन कराया और उन्हें दान दक्षिणा दी। मंदिरों में पहुंच देव दर्शन किए। दिनभर वातावरण भक्तिमय रहा।
राजस्थान, मध्यप्रदेश सहित प्रदेश के दूरदराज इलाकों से रविवार की शाम को ही श्रद्धालु गंगाघाटों पर पहुंचने लगे थे। आसपास के श्रद्धालु सोमवार सुबह से ही गंगाघाटों पर पहुंच गए। भोर की पहली किरण के साथ ही श्रद्धालुओं ने गंगानदी में डुबकी लगाई। सुबह से दोपहर तक गंगाघाटों पर श्रद्धालु पहुंचते रहे। गंगास्नान से पूर्व बच्चों के मुंडन संस्कार कराए गए और तीर्थपुरोहितों से अपने पितरों की आत्मशांति के लिए पूजन अनुष्ठान कराया। गंगास्नान के दौरान श्रद्धालुओं ने हरिपदी गंगा में दूध चढ़ाकर आरती उतारी। मां गंगा की पैरावनी की। हरिपदी की परिक्रमा कर मार्ग पर गरीबों, साधु-संतों को भोजन कराया और वस्त्र दान किए।
मंदिरों में देवदर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। प्रसाद चढ़ाया और अपने परिवार की खुशहाली के लिए आशीष मांगा। सोरों में वराह मंदिर, रघुनाथजी मंदिर, बालाजी मंदिर, श्यामवराह मंदिर, पंचमहाशक्ति मंदिर, मानस मंदिर, सिद्धिविनायक मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर, साईं बाबा मंदिर, गंगा माता मंदिर, जगन्नाथजी मंदिर, भादवा माता, योगेश्वर, सोमेश्वर आदि मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा की।
विज्ञापन
गंगास्नान के दौरान घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। लोगों के वाहन जगह-जगह खड़े हुए थे। बड़ी संख्या में वाहन होने के कारण सड़क पर यातायात का दबाव रहा। जाम से निपटने के लिए पुलिस ने मशक्कत की। कैनाल बाईपास से रूट डायवर्ट कर वाहनों को निकाला गया। अमांपुर रोड से अमरपुर घाट की ओर वाहनों को निकाला गया।
गंगाघाटों पर पूजा सामग्री एवं खेल खिलौनों की दुकानें भी सजीं। जिन पर लोग खरीदारी करते रहे। भीड़भाड़ अधिक रहने से दुकानदारों के चेहरे खिले नजर आए। श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की।
विज्ञापन
राजस्थान, मध्यप्रदेश सहित प्रदेश के दूरदराज इलाकों से रविवार की शाम को ही श्रद्धालु गंगाघाटों पर पहुंचने लगे थे। आसपास के श्रद्धालु सोमवार सुबह से ही गंगाघाटों पर पहुंच गए। भोर की पहली किरण के साथ ही श्रद्धालुओं ने गंगानदी में डुबकी लगाई। सुबह से दोपहर तक गंगाघाटों पर श्रद्धालु पहुंचते रहे। गंगास्नान से पूर्व बच्चों के मुंडन संस्कार कराए गए और तीर्थपुरोहितों से अपने पितरों की आत्मशांति के लिए पूजन अनुष्ठान कराया। गंगास्नान के दौरान श्रद्धालुओं ने हरिपदी गंगा में दूध चढ़ाकर आरती उतारी। मां गंगा की पैरावनी की। हरिपदी की परिक्रमा कर मार्ग पर गरीबों, साधु-संतों को भोजन कराया और वस्त्र दान किए।
विज्ञापन
मंदिरों में देवदर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। प्रसाद चढ़ाया और अपने परिवार की खुशहाली के लिए आशीष मांगा। सोरों में वराह मंदिर, रघुनाथजी मंदिर, बालाजी मंदिर, श्यामवराह मंदिर, पंचमहाशक्ति मंदिर, मानस मंदिर, सिद्धिविनायक मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर, साईं बाबा मंदिर, गंगा माता मंदिर, जगन्नाथजी मंदिर, भादवा माता, योगेश्वर, सोमेश्वर आदि मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा की।
विज्ञापन
गंगास्नान के दौरान घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। लोगों के वाहन जगह-जगह खड़े हुए थे। बड़ी संख्या में वाहन होने के कारण सड़क पर यातायात का दबाव रहा। जाम से निपटने के लिए पुलिस ने मशक्कत की। कैनाल बाईपास से रूट डायवर्ट कर वाहनों को निकाला गया। अमांपुर रोड से अमरपुर घाट की ओर वाहनों को निकाला गया।
गंगाघाटों पर पूजा सामग्री एवं खेल खिलौनों की दुकानें भी सजीं। जिन पर लोग खरीदारी करते रहे। भीड़भाड़ अधिक रहने से दुकानदारों के चेहरे खिले नजर आए। श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की।