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साधारण बाढ़ के हालात से ही किसानों की चिंता बढ़ी
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कासगंज के कछला गंगाघाट पर पर बढ़ा हुआ जलस्तर
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। गंगानदी में भले ही दो दिन से पानी स्थिर हो, लेकिन प्रवाह तेज है। साधारण बाढ़ के हालात बरकरार बने हुए हैं। गुरुवार को बैराजों से छोड़े गए पानी ने संकेत दिए हैं कि शुक्रवार को जलस्तर बढ़ जाएगा। राजस्व और सिंचाई विभाग की टीमें गंगा नदी किनारे डेरा जमाए हुए हैं। सुबह शाम रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जा रही है।
जिले में नहर और नदियों का जाल है। बैराजों के पानी ने नहर और नदियों में काफी दबाव बढ़ा दिया है। कछला गंगानदी में बीते दो दिन से साधारण बाढ़ के हालात बने हुए हैं। गंगा में जलस्तर काफी हद तक बढ़ जाने से उफान आने लगा है। हालांकि अभी बाढ़ से कोई खतरा नहीं है, लेकिन जिला प्रशासन पूरी तरह नजर बनाए हुए है। जिले भर में तराई क्षेत्र के लेखपाल और पंचायत सचिवों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। राजस्व और सिंचाई विभाग की टीम सुबह शाम और रात में गंगानदी की निगरानी कर रही हैं। ग्रामीण भी सतर्कता बनाए हुए हैं। गुरुवार को बैराजों से हजारों क्यूसेक पानी एक साथ छोड़ा गया है जिससे शुक्रवार को गंगा का जलस्तर बढने की पूरी संभावना है। बुधवार की अपेक्षा गुरुवार को कछला पुल पर 10 सेंटीमीटर तक पानी की मामूली वृद्धि हुई। बुधवार और गुरुवार को पानी लगभग स्थिर रहा, लेकिन प्रवाह काफी तेज है जिससे कटान का डर है। कछला गंगानदी पर गुरुवार को 163 मीटर तक पानी का स्तर रहा।
61349 क्यूसेक पानी हरिद्वार से छोड़ा गया।
72398 क्यूसेक पानी बिजनौर से छोड़ा गया।
52787 क्यूसेक पानी नरौरा से छोड़ा गया।
77 किलोमीटर क्षेत्रफल में कासगंज जिले से गुजरती है कछला नदी।
- गंगा में साधारण बाढ़ है, लेकिन खतरा नहीं है। पूरी निगरानी की जा रही है। शुक्रवार को गंगानदी में पानी बढ़ सकता है- संजय शर्मा, बाढ़ प्रभारी।
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जिले में नहर और नदियों का जाल है। बैराजों के पानी ने नहर और नदियों में काफी दबाव बढ़ा दिया है। कछला गंगानदी में बीते दो दिन से साधारण बाढ़ के हालात बने हुए हैं। गंगा में जलस्तर काफी हद तक बढ़ जाने से उफान आने लगा है। हालांकि अभी बाढ़ से कोई खतरा नहीं है, लेकिन जिला प्रशासन पूरी तरह नजर बनाए हुए है। जिले भर में तराई क्षेत्र के लेखपाल और पंचायत सचिवों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। राजस्व और सिंचाई विभाग की टीम सुबह शाम और रात में गंगानदी की निगरानी कर रही हैं। ग्रामीण भी सतर्कता बनाए हुए हैं। गुरुवार को बैराजों से हजारों क्यूसेक पानी एक साथ छोड़ा गया है जिससे शुक्रवार को गंगा का जलस्तर बढने की पूरी संभावना है। बुधवार की अपेक्षा गुरुवार को कछला पुल पर 10 सेंटीमीटर तक पानी की मामूली वृद्धि हुई। बुधवार और गुरुवार को पानी लगभग स्थिर रहा, लेकिन प्रवाह काफी तेज है जिससे कटान का डर है। कछला गंगानदी पर गुरुवार को 163 मीटर तक पानी का स्तर रहा।
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61349 क्यूसेक पानी हरिद्वार से छोड़ा गया।
72398 क्यूसेक पानी बिजनौर से छोड़ा गया।
52787 क्यूसेक पानी नरौरा से छोड़ा गया।
77 किलोमीटर क्षेत्रफल में कासगंज जिले से गुजरती है कछला नदी।
- गंगा में साधारण बाढ़ है, लेकिन खतरा नहीं है। पूरी निगरानी की जा रही है। शुक्रवार को गंगानदी में पानी बढ़ सकता है- संजय शर्मा, बाढ़ प्रभारी।