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पांच वर्षीय बेटे ने दी पिता की चिता को मुखाग्नि, छलक पड़ी लोगों की आंखें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मैनपुरी
Updated Wed, 24 Oct 2018 07:34 PM IST
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पिता के पार्थिव शरीर पर फूल चढ़ाता बेटा
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी के बरनाहल में नायब सूबेदार का शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। सैनिक के शव को सेना के जवानों ने राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। पांच वर्षीय पुत्र ने मुखाग्नि दी।
थाना क्षेत्र के गांव नवाटेड़ा निवासी 35 वर्षीय अमित प्रताप सिंह चौहान पिता की इकलौती संतान थे। वर्ष 2002 में वो सेना में भर्ती हुए थे। फीरोजनगर राजस्थान मे पोस्टिंग के दौरान 13 अक्तूबर को उनकी प्रोन्नति नायब सूबेदार के पद पर हो गई थी।
उनका तबादला अहमदनगर महाराष्ट्र हो गया था। मंगलवार सुबह को वह फिजिकल बैठल ट्रेनिंग कर रहे थे, तभी अचानक जमीन पर गिर गए थे। उपचार के लिए आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां से सिविल अस्पताल ले जाया गया, वहां उनका निधन हो गया।
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बुधवार सुबह नायब सूबेदार का शव गांव में पहुंचते ही कोहराम मच गया। साथ आए नायब सूबेदार रामकिशन व अन्य सैनिकों ने राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई थी। शव को मुखाग्नि पांच वर्षीय पुत्र शौर्य ने दी है। सैनिकों ने अंतिम सलामी दी।
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थाना क्षेत्र के गांव नवाटेड़ा निवासी 35 वर्षीय अमित प्रताप सिंह चौहान पिता की इकलौती संतान थे। वर्ष 2002 में वो सेना में भर्ती हुए थे। फीरोजनगर राजस्थान मे पोस्टिंग के दौरान 13 अक्तूबर को उनकी प्रोन्नति नायब सूबेदार के पद पर हो गई थी।
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उनका तबादला अहमदनगर महाराष्ट्र हो गया था। मंगलवार सुबह को वह फिजिकल बैठल ट्रेनिंग कर रहे थे, तभी अचानक जमीन पर गिर गए थे। उपचार के लिए आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां से सिविल अस्पताल ले जाया गया, वहां उनका निधन हो गया।
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बुधवार सुबह नायब सूबेदार का शव गांव में पहुंचते ही कोहराम मच गया। साथ आए नायब सूबेदार रामकिशन व अन्य सैनिकों ने राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई थी। शव को मुखाग्नि पांच वर्षीय पुत्र शौर्य ने दी है। सैनिकों ने अंतिम सलामी दी।