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UP: महंगे डीजल की आग से झुलसेगी खेती, 10 फीसदी बढ़ेगा माल भाड़ा; आटा, चावल, दाल और सब्जियां भी होंगी महंगी
Sat, 16 May 2026 09:36 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 16 May 2026 09:36 AM IST
सार
पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने के बाद आगरा में किसानों और ट्रांसपोर्टरों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि इससे खेती की लागत और मालभाड़ा बढ़ेगा, जिसका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।
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पेट्रोल पंप आगरा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
तेल कंपनियों ने शुक्रवार की सुबह पेट्रोल और डीजल के दाम 3.25 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए। इस बढ़ोतरी का आम लोगों के साथ किसानों और ट्रांसपोर्टरों ने जमकर विरोध किया है। उनका कहना है कि पहले एलपीजी सिलिंडर की कीमतें बढ़ाने से खाने-पीने की सभी चीजें महंगी हो गई। अब डीजल के दाम बढ़ाने से खेती भी महंगाई की आग में झुलस जाएगी। पैदावार की लागत बढ़ेगी, वहीं माल भाड़ा बढ़ाना मजबूरी है। ट्रांसपोर्टर 10 फीसदी की बढ़ोतरी मालभाड़े में करने की घोषणा कभी भी कर सकते हैं।
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किसान राजवीर लवानिया ने डीजल मूल्य बढ़ोतरी का विरोध किया और इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि डीजल से चलने वाले ट्रैक्टर और मशीनों के कारण खेत की जुताई, बुवाई और कटाई का खर्च बढ़ जाएगा। छोटे और मध्यम किसानों पर असर ज्यादा पड़ेगा। खेतों की सिंचाई भी डीजल पंप से ज्यादा होती है। पहले ही खाद, बीज और कीटनाशक महंगे हो चुके हैं, अब डीजल की मार ने मुश्किलें और बढ़ा दी है।
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ट्रांसपोर्टर योगेंद्र सिंह ने बताया कि ट्रक, पिकअप और छोटे मालवाहक वाहन डीजल से चलते हैं। इससे चीजों को भेजना महंगा हो जाएगा। 10 फीसदी की बढ़ोतरी तत्काल करनी होगी, अन्यथा ट्रांसपोर्टर अपना खर्च ही नहीं निकाल सकेंगे। हाल में ही दूध समेत अन्य चीजों के दाम दो से पांच रुपये तक बढ़ाए गए हैं। इस बढ़ोतरी से आटा, दाल और चावल जैसी रोजमर्रा की चीजों के दाम भी मालभाड़ा बढ़ने से बढ़ सकते हैं।
भाड़ा 10 फीसदी बढ़ाना पड़ेगा
डीजल के दाम बढ़ने पर ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और व्यापारिक संगठनों ने चिंता जताई है। आगरा पब्लिक कैरियर एसोसिएशन के महासचिव देवेंद्र गुप्ता ने कहा कि डीजल महंगा होने पर कम से कम 10 फीसदी भाड़ा बढ़ाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पहले ही एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की महंगाई से ड्राइवरों के खाने-पीने का खर्च बढ़ गया है। ऐसे में डीजल के दाम और बढ़े तो मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।
डीजल के दाम बढ़ने पर ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और व्यापारिक संगठनों ने चिंता जताई है। आगरा पब्लिक कैरियर एसोसिएशन के महासचिव देवेंद्र गुप्ता ने कहा कि डीजल महंगा होने पर कम से कम 10 फीसदी भाड़ा बढ़ाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पहले ही एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की महंगाई से ड्राइवरों के खाने-पीने का खर्च बढ़ गया है। ऐसे में डीजल के दाम और बढ़े तो मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।
भाड़ा 10 फीसदी बढ़ाना पड़ेगा
डीजल के दाम बढ़ने पर ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और व्यापारिक संगठनों ने चिंता जताई है। आगरा पब्लिक कैरियर एसोसिएशन के महासचिव देवेंद्र गुप्ता ने कहा कि डीजल महंगा होने पर कम से कम 10 फीसदी भाड़ा बढ़ाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पहले ही एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की महंगाई से ड्राइवरों के खाने-पीने का खर्च बढ़ गया है। ऐसे में डीजल के दाम और बढ़े तो मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।
डीजल के दाम बढ़ने पर ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और व्यापारिक संगठनों ने चिंता जताई है। आगरा पब्लिक कैरियर एसोसिएशन के महासचिव देवेंद्र गुप्ता ने कहा कि डीजल महंगा होने पर कम से कम 10 फीसदी भाड़ा बढ़ाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पहले ही एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की महंगाई से ड्राइवरों के खाने-पीने का खर्च बढ़ गया है। ऐसे में डीजल के दाम और बढ़े तो मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।
डीजल के दाम बढ़ेंगे तो होगी दिक्कत
वहीं दीपक शर्मा ने कहा कि ट्रांसपोर्ट कारोबार पहले से ही टायरों और पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों से परेशान है। अब डीजल महंगा होने से भाड़ा बढ़ाना मजबूरी होगी। फिलहाल करीब 10 फीसदी भाड़ा बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है, लेकिन आगे डीजल के दाम बढ़े तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
वहीं दीपक शर्मा ने कहा कि ट्रांसपोर्ट कारोबार पहले से ही टायरों और पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों से परेशान है। अब डीजल महंगा होने से भाड़ा बढ़ाना मजबूरी होगी। फिलहाल करीब 10 फीसदी भाड़ा बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है, लेकिन आगे डीजल के दाम बढ़े तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
खेती पर पड़ेगा असर
पश्चिमी उ.प्र. संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने कहा कि डीजल महंगा होने का सीधा असर खेती पर पड़ेगा। किसान सिंचाई के लिए डीजल इंजन का इस्तेमाल करते हैं। इससे खेती की लागत बढ़ेगी और पैदावार को मंडियों तक पहुंचाने का भाड़ा भी महंगा हो जाएगा।
पश्चिमी उ.प्र. संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने कहा कि डीजल महंगा होने का सीधा असर खेती पर पड़ेगा। किसान सिंचाई के लिए डीजल इंजन का इस्तेमाल करते हैं। इससे खेती की लागत बढ़ेगी और पैदावार को मंडियों तक पहुंचाने का भाड़ा भी महंगा हो जाएगा।
क्रूड सस्ता तो फायदा नहीं दिया
डीजल के रेट बढ़ने से शहर के ट्रांसपोर्टर नाराज हैं। ट्रांसपोर्ट चैंबर और ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के सदस्यों ने बैठक की, जिसमें उन्होंने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता था, तब सरकार ने दाम घटाकर राहत नहीं दी। अब क्रूड ऑयल के रेट बढ़ने पर दाम तत्काल बढ़ा दिए। इससे पूरे देश में माल भाड़ा बढ़ जाएगा और खेती की लागत भी बढ़ेगी। इसका असर आम लोगों पर महंगाई के रूप में पड़ेगा। सह प्रवक्ता वीरेंद्र गुप्ता, अमरजीत सिंह और सतीश ठाकुर ने कहा कि तीन रुपये की बढ़ोतरी को वापस लिया जाना चाहिए, अन्यथा इसके दुष्परिणाम पूरे देश के लोगों को झेलने होंगे। गिरीश अग्रवाल, गोविंद बिंदल ने कहा कि पहले ही टोल टैक्स, ई-चालान, महंगे टायर, जीएसटी, परिवहन चेक पोस्ट पर भ्रष्टाचार और बीमा दरों में बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्टर परेशान हैं। उन्होंने डीजल बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने की मांग की। इस दौरान दीनदयाल मित्तल, अरुण चौहान, रामसेवक बिंदल, प्रमोद अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
डीजल के रेट बढ़ने से शहर के ट्रांसपोर्टर नाराज हैं। ट्रांसपोर्ट चैंबर और ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के सदस्यों ने बैठक की, जिसमें उन्होंने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता था, तब सरकार ने दाम घटाकर राहत नहीं दी। अब क्रूड ऑयल के रेट बढ़ने पर दाम तत्काल बढ़ा दिए। इससे पूरे देश में माल भाड़ा बढ़ जाएगा और खेती की लागत भी बढ़ेगी। इसका असर आम लोगों पर महंगाई के रूप में पड़ेगा। सह प्रवक्ता वीरेंद्र गुप्ता, अमरजीत सिंह और सतीश ठाकुर ने कहा कि तीन रुपये की बढ़ोतरी को वापस लिया जाना चाहिए, अन्यथा इसके दुष्परिणाम पूरे देश के लोगों को झेलने होंगे। गिरीश अग्रवाल, गोविंद बिंदल ने कहा कि पहले ही टोल टैक्स, ई-चालान, महंगे टायर, जीएसटी, परिवहन चेक पोस्ट पर भ्रष्टाचार और बीमा दरों में बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्टर परेशान हैं। उन्होंने डीजल बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने की मांग की। इस दौरान दीनदयाल मित्तल, अरुण चौहान, रामसेवक बिंदल, प्रमोद अग्रवाल आदि मौजूद रहे।