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130 लोगों से 1.70 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी, दो आरोपी किए गिरफ्तार
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कासगंज सिढ़पुरा पुलिस द्वारा पकड़े गए धोखाधड़ी के आरोपी
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। सिढ़पुरा में 1 करोड़, 70 लाख रुपये की कमेटी चलाकर धोखाधड़ी करने के मुख्य आरोपी को पुलिस ने उसके एक साथी के साथ गिरफ्तार किया है। कुल 9 लोगों के खिलाफ पुलिस ने रविवार की रात में रिपोर्ट दर्ज की। इसमें से 7 आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है।
सिढ़पुरा के अरविंद कुमार गुप्ता ने थाना पुलिस को धोखाधड़ी के मामले में तहरीर दी। स्वयं अरविंद गुप्ता के भी चार लाख, आठ हजार रुपये कमेटी संचालक पर हैं। इसके अलावा कस्बे के 129 अन्य निवेशकों का भी उस पर लाखों रुपये बकाया है। बताया कि वर्ष 2017 में सिढ़पुरा के ही राकेश कुमार ने धन संग्रह के लिए एक कमेटी बनाई थी।
राकेश कुमार के अलावा नितिन कुमार, प्रदीप कुमार, कशिश, अजय कुमार, ग्रंद, जगदीश, राजू और विदुषी सक्सेना उसके सहयोगी रहे। बताया कि धोखाधड़ी करते हुए कमेटी संचालक राकेश कुमार पिछले महीने फरार हो गया। इससेे हर महीने पैसे जमा करने वाले कस्बे लोगों में खलबली मच गई। उन्होंने पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने लोगों को कार्रवाई का भरोसा भी दिया, लेकिन रविवार को कमेटी संचालक राकेश कुमार और उसका दिल्ली का सहयोगी अजय कुमार को निवेशकों के सहयोग से पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजा है।
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हर महीने डायरी पर चढ़ाई जाती थी जमा राशि
एफआईआर दर्ज कराने वाले अरविंद गुप्ता ने पुलिस को आरोपियों द्वारा धन संग्रह के संबंध में साक्ष्य दिए हैं। एक डायरी पर कमेटी संचालक प्राप्त धन दर्ज करते थे। लोग अपनी जरूरत के अनुसार यह कमेटी भी उठाते थे। पुलिस डायरियों में दर्ज ब्योरा की जानकारी जुटा रही है।
घोटाले से त्रस्त हैं सिढ़पुरा के लोग
सिढ़पुरा में लगातार घोटाले सामने आ रहे हैं। पहले केनरा बैंक शाखा को गोल्ड लोन घोटाला सामने आया। इसमें लोगों के साथ लाखों की धोखाधड़ी हुई। इस मामले से लोगों को राहत नहीं मिल पाई कि तब तक कमेटी संचालक 1 करोड़ 70 लाख रुपये लेकर फरार हो गया। कमेटी संचालक पर 130 लोगों का धन फंसा हुआ है।
- सिढ़पुरा पुलिस ने धोखाधड़ी के इस बड़े मामले को गंभीरता से लेते हुए मामला दर्ज करते हुए लोगों के सहयोग से दो आरोपियों की गिरफ्तारी की है। इस मामले में सात आरोपी फरार हैं। जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस के प्रयास जारी हैं।
- राजकुमार सिंह, थाना प्रभारी, सिढ़पुरा।
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सिढ़पुरा के अरविंद कुमार गुप्ता ने थाना पुलिस को धोखाधड़ी के मामले में तहरीर दी। स्वयं अरविंद गुप्ता के भी चार लाख, आठ हजार रुपये कमेटी संचालक पर हैं। इसके अलावा कस्बे के 129 अन्य निवेशकों का भी उस पर लाखों रुपये बकाया है। बताया कि वर्ष 2017 में सिढ़पुरा के ही राकेश कुमार ने धन संग्रह के लिए एक कमेटी बनाई थी।
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राकेश कुमार के अलावा नितिन कुमार, प्रदीप कुमार, कशिश, अजय कुमार, ग्रंद, जगदीश, राजू और विदुषी सक्सेना उसके सहयोगी रहे। बताया कि धोखाधड़ी करते हुए कमेटी संचालक राकेश कुमार पिछले महीने फरार हो गया। इससेे हर महीने पैसे जमा करने वाले कस्बे लोगों में खलबली मच गई। उन्होंने पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने लोगों को कार्रवाई का भरोसा भी दिया, लेकिन रविवार को कमेटी संचालक राकेश कुमार और उसका दिल्ली का सहयोगी अजय कुमार को निवेशकों के सहयोग से पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजा है।
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हर महीने डायरी पर चढ़ाई जाती थी जमा राशि
एफआईआर दर्ज कराने वाले अरविंद गुप्ता ने पुलिस को आरोपियों द्वारा धन संग्रह के संबंध में साक्ष्य दिए हैं। एक डायरी पर कमेटी संचालक प्राप्त धन दर्ज करते थे। लोग अपनी जरूरत के अनुसार यह कमेटी भी उठाते थे। पुलिस डायरियों में दर्ज ब्योरा की जानकारी जुटा रही है।
घोटाले से त्रस्त हैं सिढ़पुरा के लोग
सिढ़पुरा में लगातार घोटाले सामने आ रहे हैं। पहले केनरा बैंक शाखा को गोल्ड लोन घोटाला सामने आया। इसमें लोगों के साथ लाखों की धोखाधड़ी हुई। इस मामले से लोगों को राहत नहीं मिल पाई कि तब तक कमेटी संचालक 1 करोड़ 70 लाख रुपये लेकर फरार हो गया। कमेटी संचालक पर 130 लोगों का धन फंसा हुआ है।
- सिढ़पुरा पुलिस ने धोखाधड़ी के इस बड़े मामले को गंभीरता से लेते हुए मामला दर्ज करते हुए लोगों के सहयोग से दो आरोपियों की गिरफ्तारी की है। इस मामले में सात आरोपी फरार हैं। जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस के प्रयास जारी हैं।
- राजकुमार सिंह, थाना प्रभारी, सिढ़पुरा।