Ratan Tata: ...जब ताज देखकर रतन टाटा बोले- मेरे दिल में है ताज, 2013 में ताजमहल के दीदार के लिए आए थे आगरा
एक सितंबर 2013 को रतन टाटा जब ताज देखने आए तो कहा कि ताजमहल उनके दिल में है। 11 साल पहले ताज के दीदार के लिए रतन टाटा ग्रुप के को-ऑपरेटिव वाइस चेयरमैन डीके बेरी और मैक्सिको के उद्योगपति के साथ आए थे।
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टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा का बुधवार रात निधन हो गया। आगरा में वह 11 साल पहले ताजमहल का दीदार करने के लिए आए थे और तब यहां के उद्यमियों से भी मुलाकात की थी। एक सितंबर 2013 को रतन टाटा जब ताज देखने आए तो कहा कि ताजमहल उनके दिल में है। विजिटर बुक में लिखा कि ‘इंजीनियरिंग और वास्तुकला की महानतम प्रस्तुति' ताजमहल है। यह न आज और न कल इस तरह दोबारा नहीं बन सकता है।
11 साल पहले ताज के दीदार के लिए रतन टाटा ग्रुप के को-ऑपरेटिव वाइस चेयरमैन डीके बेरी और मैक्सिको के उद्योगपति के साथ आए थे। वह एक घंटे तक ताजमहल में रहे। उन्होंने ताज की वास्तुकला और पच्चीकारी की जानकारी साथ चल रहे गाइड डॉ. मुकुल पांड्या से ली थी। आगरा की टाटा मोटर्स की डीलर डॉ. रंजना बंसल, चिकित्सक डॉ. डीवी शर्मा के साथ वह ताज में रहे।
डॉ. रंजना बंसल से उन्होंने काफी देर बातें की थीं। रतन टाटा के दिल में ताज था, इसी वजह से वह ताजमहल के संरक्षण से भी जुड़े रहे थे। साल 2003 में टाटा ग्रुप ने ताजमहल कन्जरवेशन कोलेबरेटिव (टीएमसीसी) के जरिए ताजमहल विजिटर सेंटर को शुरू करने के लिए फंडिंग की थी, लेकिन पूर्वी गेट पर उनका संरक्षण का सपना पूरा नहीं हो सका था।
रतन टाटा के निधन से देश ने अपने एक रतन को खो दिया है। उनकी नेतृत्व क्षमता अभूतपूर्व थी। लोगों के साथ उनके दुखदर्द में खड़े रहना और देश के लिए उनका प्यार, योगदान अविस्मरणीय है। ताजमहल उनके दिल में हमेशा रहा। जब वह आए, तब ताज में हम साथ थे। -डॉ. रंजना बंसल, उद्यमी