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स्वतंत्रता सेनानी को किया नजरबंद
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Oct 2016 12:22 AM IST
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समर्थकों के साथ जलसमाधि की तैयारी में थे चिम्मनलाल जैन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शराबबंदी की मांग कर रहे स्वतंत्रता सेनानी चिम्मनलाल को पुलिस ने उनके ही घर में नजरबंद कर दिया। वह अपने समर्थकों के साथ जलसमाधि की जिद पर अड़े थे। देर शाम पुलिसकर्मियों की नजर चूकते ही वह एक बार फिर जलसमाधि के लिए घर से निकल गए। काफी ढूंढने के बाद वह हाथी घाट के पास मिले।
स्वतंत्रता सेनानी चिम्मनलाल शराबबंदी के खिलाफ लंबे समय से शहर में आंदोलन चला रहे हैं। तमाम विरोध प्रदर्शनों के बाद भी जब उन्हें अपनी मांग पर सरकार का रुख सकारात्मक नहीं दिखा तो पिछले दिनों ने उन्होंने अपने समर्थकों के साथ गांधी जयंती पर जलसमाधि लेने की घोषणा कर दी थी।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत रविवार सुबह लगभग साढ़े दस बजे चिम्मनलाल जैन बेलनगंज, पथवारी स्थित अपने आवास से दर्जनभर समर्थकों के साथ यमुना में जलसमाधि के लिए निकले। पहले से तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें आवास के बाहर ही रोकने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। कुछ महिलाएं भी उनके काफिले में शामिल हो गईं। थोड़ा आगे चलने पर पुलिस ने उन्हें फिर से रोक दिया। इस पर चिम्मनलाल जैन और उनके समर्थक पथवारी मंदिर के पास ही सड़क पर धरने पर बैठ गए। वहां जमकर नारेबाजी हुई।
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लगभग आधा घंटे तक वह यहीं जमे रहे। इसके बाद पुलिस जबरन उन्हें जीप में बैठाकर उनके घर ले गई। वहीं पर उन्हें नजरबंद कर दिया। इधर, चिम्मनलाल ने एलान कर दिया कि पुलिस की नजर बचते ही वह फिर से जलसमाधि के लिए जाएंगे। शाम लगभग साढ़े छह बजे जैसे ही पुलिसकर्मी इधर-उधर हुए तो वह घर से निकल गए। परिवारीजनों को जब पता चला तो उनकी तलाश शुरू हुई। पुलिसकर्मी और आसपास के लोग उन्हें ढूंढते हुए यमुना किनारे पहुंच गए। वहां स्थित एक स्कूल के पास वह मिल गए और उन्हें घर ले जाया गया। निगरानी के लिए उनके आवास पर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का कहना है कि शराबबंदी के लिए शासन-प्रशासन तैयार होता नहीं दिख रहा, ऐसे में वह जलसमाधि लेने को मजबूर हैं।
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स्वतंत्रता सेनानी चिम्मनलाल शराबबंदी के खिलाफ लंबे समय से शहर में आंदोलन चला रहे हैं। तमाम विरोध प्रदर्शनों के बाद भी जब उन्हें अपनी मांग पर सरकार का रुख सकारात्मक नहीं दिखा तो पिछले दिनों ने उन्होंने अपने समर्थकों के साथ गांधी जयंती पर जलसमाधि लेने की घोषणा कर दी थी।
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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत रविवार सुबह लगभग साढ़े दस बजे चिम्मनलाल जैन बेलनगंज, पथवारी स्थित अपने आवास से दर्जनभर समर्थकों के साथ यमुना में जलसमाधि के लिए निकले। पहले से तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें आवास के बाहर ही रोकने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। कुछ महिलाएं भी उनके काफिले में शामिल हो गईं। थोड़ा आगे चलने पर पुलिस ने उन्हें फिर से रोक दिया। इस पर चिम्मनलाल जैन और उनके समर्थक पथवारी मंदिर के पास ही सड़क पर धरने पर बैठ गए। वहां जमकर नारेबाजी हुई।
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लगभग आधा घंटे तक वह यहीं जमे रहे। इसके बाद पुलिस जबरन उन्हें जीप में बैठाकर उनके घर ले गई। वहीं पर उन्हें नजरबंद कर दिया। इधर, चिम्मनलाल ने एलान कर दिया कि पुलिस की नजर बचते ही वह फिर से जलसमाधि के लिए जाएंगे। शाम लगभग साढ़े छह बजे जैसे ही पुलिसकर्मी इधर-उधर हुए तो वह घर से निकल गए। परिवारीजनों को जब पता चला तो उनकी तलाश शुरू हुई। पुलिसकर्मी और आसपास के लोग उन्हें ढूंढते हुए यमुना किनारे पहुंच गए। वहां स्थित एक स्कूल के पास वह मिल गए और उन्हें घर ले जाया गया। निगरानी के लिए उनके आवास पर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का कहना है कि शराबबंदी के लिए शासन-प्रशासन तैयार होता नहीं दिख रहा, ऐसे में वह जलसमाधि लेने को मजबूर हैं।