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साइबर अपराधियों से रहें सावधान, इस तरह बना रहे ठगी का शिकार
Mon, 17 Jun 2019 04:09 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 17 Jun 2019 04:09 PM IST
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ऑनलाइन शॉपिंग और बैंकिंग के लिए पेमेंट एप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं। साइबर अपराधियों ने लोगों से रकम ट्रांसफर कराने का नया तरीका निकाला है। पेमेंट एप्स में रकम भेजने के बहाने अपने वॉलेट में मनी ट्रांसफर कराकर लोगों को चूना लगा रहे हैं।
साइबर अपराधी लोगों को कॉल करके खाते और एटीएम कार्ड की जानकारी लेकर ठगी तो कर ही रहे हैं। अब उन्होंने एक और तरीका निकाला है। साइबर क्राइम सेल के प्रभारी अमित कुमार के मुताबिक, पेमेंट एप में एक ऑप्शन होता है।
इससे आप पेमेंट एप से किसी दूसरे व्यक्ति के पेमेंट एप से पैसा लेने के लिए निवेदन कर सकते हैं। इसको रिक्वेस्ट मनी कहते हैं। साइबर अपराधी रिक्वेस्ट मनी करके लोगों को झांसे में लेते हैं। पेमेंट एप में पैसा ट्रांसफर करने के बहाने रिक्वेस्ट मनी करते हैं।
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इससे एप में एक मैसेज या लिंक पहुंचता है। इसके बाद लोगों को फिर से कॉल करके कहते हैं कि पैसा भेज दिया हैै। बस आपको ओके करना है। लोग रुपये ट्रांसफर करने के निवेदन को समझ नहीं पाते और ओके कर देते हैं। इससे पैसा लोगों के खाते में आने के बजाय, साइबर अपराधी के खाते में पहुंच जाता है।
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साइबर अपराधी लोगों को कॉल करके खाते और एटीएम कार्ड की जानकारी लेकर ठगी तो कर ही रहे हैं। अब उन्होंने एक और तरीका निकाला है। साइबर क्राइम सेल के प्रभारी अमित कुमार के मुताबिक, पेमेंट एप में एक ऑप्शन होता है।
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इससे आप पेमेंट एप से किसी दूसरे व्यक्ति के पेमेंट एप से पैसा लेने के लिए निवेदन कर सकते हैं। इसको रिक्वेस्ट मनी कहते हैं। साइबर अपराधी रिक्वेस्ट मनी करके लोगों को झांसे में लेते हैं। पेमेंट एप में पैसा ट्रांसफर करने के बहाने रिक्वेस्ट मनी करते हैं।
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इससे एप में एक मैसेज या लिंक पहुंचता है। इसके बाद लोगों को फिर से कॉल करके कहते हैं कि पैसा भेज दिया हैै। बस आपको ओके करना है। लोग रुपये ट्रांसफर करने के निवेदन को समझ नहीं पाते और ओके कर देते हैं। इससे पैसा लोगों के खाते में आने के बजाय, साइबर अपराधी के खाते में पहुंच जाता है।
लोहिया नगर, बल्केश्वर निवासी हैंडीक्राफ्ट व्यवसायी सुनील अग्रवाल के बेटे आयुष अग्रवाल ने ओएलएक्स पर पुरानी वाशिंग मशीन बेचने के लिए विज्ञापन दिया था। 13 जून को आयुष के पास एक व्यक्ति का कॉल आया। उसने मशीन की 4800 रुपये कीमत लगाई।
इसके बाद पेमेंट एप से पैसा भेजने के लिए कहा। आयुष के भीम एप पर रिक्वेस्ट मनी का मैसेज आया। उसके पास फिर से कॉल आया। इस बार उससे ओके करने के लिए कहा गया। सुनील के ओके करते ही रकम ट्रांसफर हो गई।
रकम नहीं आने का झांसा देकर उससे दो बार मैसेज भेजकर ओके पर क्लिक करा लिया। जब आयुष को पता चला तो उसने रकम वापस मांगी। मगर, इस बार कॉल करने वाले ने कहा कि वह एक ओटीपी भेज रहा है। ओटीपी बताने पर रकम ट्रांसफर कर देगा। मगर, छात्र के एप से 15 हजार रुपये और ट्रांसफर हो गए।
इसके बाद पेमेंट एप से पैसा भेजने के लिए कहा। आयुष के भीम एप पर रिक्वेस्ट मनी का मैसेज आया। उसके पास फिर से कॉल आया। इस बार उससे ओके करने के लिए कहा गया। सुनील के ओके करते ही रकम ट्रांसफर हो गई।
रकम नहीं आने का झांसा देकर उससे दो बार मैसेज भेजकर ओके पर क्लिक करा लिया। जब आयुष को पता चला तो उसने रकम वापस मांगी। मगर, इस बार कॉल करने वाले ने कहा कि वह एक ओटीपी भेज रहा है। ओटीपी बताने पर रकम ट्रांसफर कर देगा। मगर, छात्र के एप से 15 हजार रुपये और ट्रांसफर हो गए।
साइबर क्राइम सेल के प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि वॉलेट में पेमेंट लेने के लिए किसी ऑप्शन, मैसेज और लिंक पर क्लिक नहीं करना होता है। अगर, कोई व्यक्ति पेमेंट लेने के लिए मैसेज भेजता है तो वह धोखाधड़ी कर रहा है। इस पर कभी भी क्लिक नहीं करना चाहिए।