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डूबे खेत, बाढ़ से चार कदम दूर यमुना
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आगरा। यमुना के बढ़े पानी में खेत डूब रहे हैं। कालिंदी सोमवार को लाल निशान से चार कदम दूर बह रही है। वाटरवर्क्स पर इस साल का सबसे अधिक जलस्तर 491.4 फीट पर पहुंच गया है। गोकुल बैराज से रिकॉर्ड 46433 क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया है। जिला प्रशासन ने राजस्व टीमों को आकस्मिक स्थिति से निबटने के लिए अलर्ट पर रखा है।
दयालबाग के निचले इलाके मनोहरपुर, खासपुर, बाईंपुर एहतिमाली सहित सात गांव में खेत यमुना के उफान से जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ के खतरे का निशान 495 फीट है। वाटरवर्क्स पर यमुना 491.4 फीट पर पहुंच गई है। पहाड़ों पर बारिश थमने से थोड़ी राहत मिली है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बैराजों और नदियों के जलस्तर की निगरानी हो रही है। जिला प्रशासन के मुताबिक बाढ़ की आशंका नहीं हैं, लेकिन नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्कता बरतने को कहा गया है।
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने कहा, ताजेवाला बैराज से डिस्चार्ज में कमी आई है। चार दिन पहले छोड़े गए पानी से जलस्तर बढ़ा है। पहाड़ों पर बारिश होने की स्थिति में ही आगरा में यमुना पर दबाव बढ़ सकता है।
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बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभारी उदल सिंह ने बताया कि गोकुल बैराज के 14 गेट खुले हुए हैं। सोमवार को रिकॉर्ड 46433 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रविवार की अपेक्षा चार हजार क्यूसेक डिस्चार्ज में बढ़ोतरी हुई है। ओखला बैराज से 33400 क्यूसेक और ताजेवाला (हथिनीकुंड) बैराज से यमुना में 14900 क्यूसेक डिस्चार्ज चल रहा है। यमुना नदी में उफान से तटवर्ती 40 गांवों में पानी फैलने का खतरा है। रुनकता, सिकंदरा, दयालबाग के अलावा फतेहाबाद के निचले इलाकों में पानी भरने से संपर्क में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
पिनाहट में उफान पर चंबल
चंबल नदी में जलस्तर घटने, बढ़ने का सिलसिला सप्ताहभर से जारी है। सोमवार को पिनाहट में चंबल का जलस्तर 120.65 मीटर हो गया। मंगलवार को इसमें दो फीट वृद्धि हो सकती है। उधर, धौलपुर में चंबल 120.70 मीटर पर बह रही है। पिनाहट में चंबल का लाल निशान 130 मीटर है।
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दयालबाग के निचले इलाके मनोहरपुर, खासपुर, बाईंपुर एहतिमाली सहित सात गांव में खेत यमुना के उफान से जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ के खतरे का निशान 495 फीट है। वाटरवर्क्स पर यमुना 491.4 फीट पर पहुंच गई है। पहाड़ों पर बारिश थमने से थोड़ी राहत मिली है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बैराजों और नदियों के जलस्तर की निगरानी हो रही है। जिला प्रशासन के मुताबिक बाढ़ की आशंका नहीं हैं, लेकिन नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्कता बरतने को कहा गया है।
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जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने कहा, ताजेवाला बैराज से डिस्चार्ज में कमी आई है। चार दिन पहले छोड़े गए पानी से जलस्तर बढ़ा है। पहाड़ों पर बारिश होने की स्थिति में ही आगरा में यमुना पर दबाव बढ़ सकता है।
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बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभारी उदल सिंह ने बताया कि गोकुल बैराज के 14 गेट खुले हुए हैं। सोमवार को रिकॉर्ड 46433 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रविवार की अपेक्षा चार हजार क्यूसेक डिस्चार्ज में बढ़ोतरी हुई है। ओखला बैराज से 33400 क्यूसेक और ताजेवाला (हथिनीकुंड) बैराज से यमुना में 14900 क्यूसेक डिस्चार्ज चल रहा है। यमुना नदी में उफान से तटवर्ती 40 गांवों में पानी फैलने का खतरा है। रुनकता, सिकंदरा, दयालबाग के अलावा फतेहाबाद के निचले इलाकों में पानी भरने से संपर्क में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
पिनाहट में उफान पर चंबल
चंबल नदी में जलस्तर घटने, बढ़ने का सिलसिला सप्ताहभर से जारी है। सोमवार को पिनाहट में चंबल का जलस्तर 120.65 मीटर हो गया। मंगलवार को इसमें दो फीट वृद्धि हो सकती है। उधर, धौलपुर में चंबल 120.70 मीटर पर बह रही है। पिनाहट में चंबल का लाल निशान 130 मीटर है।