यमुना पुल हादसा: आगरावासी एक साथ चार आफत से हुए आहत
आगरा में यमुना पर निर्माणाधीन तीसरे पुल से गिरे तीनों गर्डरों को हटाए जाने में कुछ दिन और लग सकते हैं। इस दौरान शहर को चार मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। रूट डायवर्जन के कारण संकरों और जाम भरे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। मिनटों के सफर में घंटों लग रहे हैं। सीएनजी पाइप लाइन बंद हो गई है। इसका फायदा प्राइवेट गाड़ी वाले उठा रहे हैं। सफल महंगा हो गया है। 10 रुपये की जगह 150 रुपये वसूले जा रहे हैं।
आगरा-इटावा सिक्सलेन प्रोजेक्ट के तहत वाटर वर्क्स फ्लाईओवर के सामने यमुना नदी पर बनाए जा रहे तीसरे पुल के तकरीबन 600 टन वजनी तीन गर्डर
मंगलवार को शिफ्टिंग के दौरान गिर गए थे। इनमें से तीनों गर्डर एक दूसरे के ऊपर टिके हुए हैं।
तीसरा गर्डर नजदीक स्थित जवाहर पुल की पाइप लाइनों के पास टिका हुआ है। हादसे के बाद निर्माणदायी कंपनी के अधिकारियों ने आगरा में डेरा जमा लिया। वजनी गर्डरों को यमुना नदी की ओर गिराना भी संभव नहीं है, क्योंकि इससे पैदा होने वाले कंपन या इसके टकराने से बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए इन गर्डरों को हटाने के लिए बुधवार को पूरे दिन इंजीनियरों की टीमों ने रणनीति तैयार की।
गुरुवार सुबह से ही गार्डर को हटाने का काम शुरू कर दिया गया। इंजीनियरों का कहना है कि जल्दी ही पुल को चालू कर दिया जाएगा। पुल के संचालन के साथ ही सीएनजी गैस समेत अन्य बाधाएं भी दूर हो जाएंगी।
तो कंपन से गिर जाएगा जवाहर पुल
गर्डरों के जमीन पर गिरने से होने वाले संभावित नुकसान को कम करने के लिए टीम ने जवाहर पुल और निर्माणाधीन पुल के बीच बालू की दीवार खड़ी करने का काम किया। इसके साथ ही बीच में लटके गर्डरों को किसी तरह के कंपन से बचाने के लिए वेल्डिंग आदि का कार्य किया जाता रहा।
इन गर्डरों को जवाहर पुल को बगैर नुकसान पहुंचाए ही यहां से तोड़कर हटाना है। इसके लिए लखनऊ से तकनीकी विशेषज्ञों की टीम देर शाम आगरा पहुंची है। अब यह टीम वजनी गर्डरों को हटाने के लिए कार्य योजना बनाएगी।
जीनियरों का कहना है कि इन गर्डरों को अब दोबारा प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। इसके लिए इन्हें तोड़कर हटाया जाएगा। इसके लिए नुकसान से बचाने को ही बालू की दीवार बनाई गई है।
एक साथ चार आफत
1. रूट डायवर्जन : इससे रास्ता लंबा हो गया है। वाहनों को चौड़ी सड़कों के बजाय संकरे रास्तों से निकाला जा रहा है।
2. ट्रैफिक जाम : सीधा रास्ता बंद हो जाने से ट्रैफिक जाम है। आधा घंटे का सफर तीन घंटे में पूरा हो रहा है। हाल बेहाल है।
3. सीएनजी ठप : पुल के नीचे पाइप लाइन बंद हो गई है। सीएनजी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। लोग परेशान हैं।
4. महंगा हुआ सफर : रूट डायवर्जन का ऑटो वाले फायदा उठा रहे हैं। 10 रुपये की जगह 150 रुपये किराया वसूला जा रहा है।