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पत्नी की हत्या करने वाले पति को 10 साल की सजा
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मैनपुरी। थाना करहल क्षेत्र में आठ साल पहले दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पत्नी की हत्या करने के दोषी पति को दस साल की सजा सुनाई गई है। महिला के सास, ससुर और चचिया ससुर को भी सजा हुई है। उन पर 18-18 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद चारों को जेल भेजा गया है।
थाना करहल क्षेत्र के दरियापुर निवासी अवनीश की शादी जून 2009 में पिंकी उर्फ प्रीती के साथ हुई थी। शादी के बाद दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर प्रीती की गला दबाकर 11 जनवरी 2014 को हत्या कर दी गई। प्रीती के पिता नाहर सिंह ने पति अवनीश, सास सावित्री देवी, ससुर सत्यराम, चचिया ससुर रघुवीर सिंह के खिलाफ दर्ज करा दी। पुलिस ने चारों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई एफटीसी प्रथम की जज अनीता की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने तीनों केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर चारों को प्रीती की गला दबाकर हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी मुकुल रायजादा ने चारों को कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज अनीता ने चारों को दस-दस साल की सजा सुनाई है। उन पर 18-18 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
अवनीश को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। शुक्रवार को निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से ही अदालत में लाया गया। सजा होने पर उसको अदालत से ही जेल भेज दिया गया।
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थाना करहल क्षेत्र के दरियापुर निवासी अवनीश की शादी जून 2009 में पिंकी उर्फ प्रीती के साथ हुई थी। शादी के बाद दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर प्रीती की गला दबाकर 11 जनवरी 2014 को हत्या कर दी गई। प्रीती के पिता नाहर सिंह ने पति अवनीश, सास सावित्री देवी, ससुर सत्यराम, चचिया ससुर रघुवीर सिंह के खिलाफ दर्ज करा दी। पुलिस ने चारों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
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मुकदमे की सुनवाई एफटीसी प्रथम की जज अनीता की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने तीनों केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर चारों को प्रीती की गला दबाकर हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी मुकुल रायजादा ने चारों को कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज अनीता ने चारों को दस-दस साल की सजा सुनाई है। उन पर 18-18 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
अवनीश को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। शुक्रवार को निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से ही अदालत में लाया गया। सजा होने पर उसको अदालत से ही जेल भेज दिया गया।