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लोकसभा चुनाव से पहले बसपा को बड़ा झटका, पूर्व विधायक संग यह दिग्गज नेता भाजपा में शामिल
Tue, 12 Mar 2019 06:39 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 12 Mar 2019 06:39 PM IST
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गुटियारी लाल दुवेश भाजपा में हुए शामिल
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आगरा में लगातार दूसरे दिन बसपा को एक और बड़ा झटका लगा। बसपा के छावनी क्षेत्र से दो बार विधायक रहे गुटियारी लाल दुवेश ने बसपा का दामन छोड़ भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने लखनऊ कार्यालय में उन्हें पार्टी में शामिल किया। दुवेश के साथ फतेहाबाद से बसपा प्रत्याशी रह चुके उमेश सैंथिया भी भाजपा में शामिल हो गए।
लोकसभा चुनाव का बिगुल बजते ही नेताओं के दल बदल का सिलसिला शुरू हो गया। बहुजन समाज पार्टी से दो बार विधायक और जोन कार्डिनेटर जैसे पदों पर रहे गुटियारी लाल दुवेश ने पार्टी छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया। वह दो दिन पहले तक बसपा के कार्यकर्ता सम्मेलनों में शामिल हो रहे थे। शाम को उनके भाजपा में शामिल होने की खबर आई तो बसपा में हड़कंप मच गया।
दुवेश आगरा लोकसभा सीट पर प्रमुख दावेदारों में से एक थे। उन्हें 2007 में आगरा पश्चिम से बसपा ने उम्मीदवार बनाया था। तब उन्होंने 39,951 वोट पाकर भाजपा के पूर्व मंत्री रहे डा. रामबाबू हरित को हराया था। 2012 में परिसीमन के बाद वह आगरा छावनी से लड़े और भाजपा के डा. जीएस धर्मेश को हराया। तब उन्हें 67,786 वोट मिले थे, लेकिन 2017 में मोदी लहर में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
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लोकसभा चुनाव का बिगुल बजते ही नेताओं के दल बदल का सिलसिला शुरू हो गया। बहुजन समाज पार्टी से दो बार विधायक और जोन कार्डिनेटर जैसे पदों पर रहे गुटियारी लाल दुवेश ने पार्टी छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया। वह दो दिन पहले तक बसपा के कार्यकर्ता सम्मेलनों में शामिल हो रहे थे। शाम को उनके भाजपा में शामिल होने की खबर आई तो बसपा में हड़कंप मच गया।
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दुवेश आगरा लोकसभा सीट पर प्रमुख दावेदारों में से एक थे। उन्हें 2007 में आगरा पश्चिम से बसपा ने उम्मीदवार बनाया था। तब उन्होंने 39,951 वोट पाकर भाजपा के पूर्व मंत्री रहे डा. रामबाबू हरित को हराया था। 2012 में परिसीमन के बाद वह आगरा छावनी से लड़े और भाजपा के डा. जीएस धर्मेश को हराया। तब उन्हें 67,786 वोट मिले थे, लेकिन 2017 में मोदी लहर में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
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'स्थानीय नेतृत्व ठीक नहीं'
पूर्व विधायक गुटियारी लाल दुवेश ने कहा कि बसपा में स्थानीय नेतृत्व ठीक नही चल रहा है। बसपा कार्यकर्ताओं के साथ हम सभी को घुटन महसूस रही थी। भाजपा की नीति, नेतृत्व को देखते हुए हम निस्वार्थ शामिल हुए हैं।
बसपा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी सुनील कुमार चित्तौड़ ने कहा कि वह दो दिन पहले तक हमारे साथ थे। पार्टी में किसी दिक्कत की बात कभी नहीं की। आगरा के वोटर सब समझ रहे हैं। कौन बाबा साहब के मिशन के साथ है। चुनावी समय में लोग इधर से उधर जाते हैं। कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
फतेहाबाद से प्रत्याशी रहे सैंथिया भी भाजपाई
सप्ताह भर पहले बसपा छोड़ चुके उमेश सैंथिया ने भी मंगलवार को लखनऊ में हुए कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष के सामने भाजपा की सदस्यता ले ली। वह बसपा नेताओं से कई दिनों से नाराज थे। पार्टी छोड़ने के बाद से ही उनके भाजपा में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे। उन्हें 2017 के विधानसभा चुनाव में 37 हजार वोट मिले थे।
बसपा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी सुनील कुमार चित्तौड़ ने कहा कि वह दो दिन पहले तक हमारे साथ थे। पार्टी में किसी दिक्कत की बात कभी नहीं की। आगरा के वोटर सब समझ रहे हैं। कौन बाबा साहब के मिशन के साथ है। चुनावी समय में लोग इधर से उधर जाते हैं। कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
फतेहाबाद से प्रत्याशी रहे सैंथिया भी भाजपाई
सप्ताह भर पहले बसपा छोड़ चुके उमेश सैंथिया ने भी मंगलवार को लखनऊ में हुए कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष के सामने भाजपा की सदस्यता ले ली। वह बसपा नेताओं से कई दिनों से नाराज थे। पार्टी छोड़ने के बाद से ही उनके भाजपा में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे। उन्हें 2017 के विधानसभा चुनाव में 37 हजार वोट मिले थे।