{"_id":"612b23f20296103e112483ac","slug":"forgery-in-data-feeding-of-side-effects-vaccines-on-children-in-agra-notice-to-dm-and-cmo","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"खुलासा: आगरा में बच्चों पर टीकों के दुष्प्रभाव की डाटा फीडिंग में फर्जीवाड़ा, डीएम और सीएमओ को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुलासा: आगरा में बच्चों पर टीकों के दुष्प्रभाव की डाटा फीडिंग में फर्जीवाड़ा, डीएम और सीएमओ को नोटिस
Sun, 29 Aug 2021 11:37 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 29 Aug 2021 11:37 AM IST
सार
एचएमआईएस व एईएफआई के डाटा में भिन्नता, बच्चों पर टीके के बाद दुष्प्रभाव की होती है जांच
विज्ञापन
इंजेक्शन का सांकेतिक फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा में पांच साल से कम उम्र के बच्चों को नियमित लगाए जाने वाले टीकों के दुष्प्रभाव के डाटा फीडिंग में फर्जीवाड़ा हो गया। अप्रैल से जून माह तक हेल्थ मैनेजमेंट इन्फॉरमेशन सिस्टम (एचएमआईएस) और एडवर्स इवेंट्स फॉलोइंग इम्यूनाइजेशन (एईएफआई) के डाटा में भिन्नता मिलने पर यह खुलासा हुआ है। मिशन निदेशक ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को नोटिस जारी करते हुए डाटा फीडिंग की जांच व सही डाटा फीड कराने के निर्देश दिए हैं।
इस डाटा से ही टीकाकरण के बाद बच्चों की निगरानी होती है। एचएमईएस के डाटा में टीकाकरण के बाद 3,907 बच्चों पर दुष्प्रभाव के मामले सामने आए हैं, जबकि सीएमओ कार्यालय से की गई फीडिंग में शून्य मामले दर्शाए हैं। एचएमईएस के डाटा में किसी भी बच्चे की मृत्यु नहीं दर्ज है। एईएफआई के डाटा में दो बच्चों की मृत्यु दर्ज है। दोनों डाटा में भिन्निता से बच्चों की निगरानी नहीं हो पा रही है। इस संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने डीएम व सीएमओ को डाटा की गड़बड़ी में सुधार के निर्देश दिए हैं। आगरा जनपद में करीब 3.50 लाख से अधिक बच्चे हैं, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए नियमित सामुदायिक टीकाकरण किया जाता है। इस दौरान टीकाकरण के दुष्प्रभाव की राष्ट्रीय पोर्टल पर रिपोर्ट भेजी जाती है। इस रिपोर्ट में गड़बड़ी सामने आने के बाद अब टीकाकरण की रिपोर्टिंग पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है।
विज्ञापन
इस डाटा से ही टीकाकरण के बाद बच्चों की निगरानी होती है। एचएमईएस के डाटा में टीकाकरण के बाद 3,907 बच्चों पर दुष्प्रभाव के मामले सामने आए हैं, जबकि सीएमओ कार्यालय से की गई फीडिंग में शून्य मामले दर्शाए हैं। एचएमईएस के डाटा में किसी भी बच्चे की मृत्यु नहीं दर्ज है। एईएफआई के डाटा में दो बच्चों की मृत्यु दर्ज है। दोनों डाटा में भिन्निता से बच्चों की निगरानी नहीं हो पा रही है। इस संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने डीएम व सीएमओ को डाटा की गड़बड़ी में सुधार के निर्देश दिए हैं। आगरा जनपद में करीब 3.50 लाख से अधिक बच्चे हैं, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए नियमित सामुदायिक टीकाकरण किया जाता है। इस दौरान टीकाकरण के दुष्प्रभाव की राष्ट्रीय पोर्टल पर रिपोर्ट भेजी जाती है। इस रिपोर्ट में गड़बड़ी सामने आने के बाद अब टीकाकरण की रिपोर्टिंग पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है।
विज्ञापन
पांच टीकों की भेजते हैं रिपोर्ट
शून्य से पांच साल तक के बच्चों को टीवी की रोकथाम के लिए (बीसीजी) , ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी), खसरा (मिजल्स), रोटावायरस और यलो फीवर के टीके लगाए जाते हैं। टीकाकरण के बाद बच्चों में होने वाले दुष्प्रभाव की जांच होती है। जिसका डाटा पोर्टल पर फीड होता है। फीड डाटा के आधार पर ही ऐसे बच्चों की निगरानी की जाती है।
सीएमओ से मांगी है रिपोर्ट
मिशन निदेशक का पत्र मिला था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी व प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी गई है। पोर्टल को अपडेट कराया जा रहा है। - प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी
गड़बड़ी की हो रही जांच
बच्चों का नियमित टीकाकरण सभी केंद्रों पर हो रहा है। डाटा फीडिंग में कैसे गड़बड़ी हुई इसकी जांच करा रहे हैं। दोबारा सही डाटा पोर्टल पर फीड कराया जा रहा है। - अरुण श्रीवास्तव, सीएमओ
दीदार ए ताज: फिर लौटी ताजमहल पर पर्यटकों की 'रौनक', रिकॉर्ड 20 हजार सैलानियों ने देखा स्मारक
शून्य से पांच साल तक के बच्चों को टीवी की रोकथाम के लिए (बीसीजी) , ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी), खसरा (मिजल्स), रोटावायरस और यलो फीवर के टीके लगाए जाते हैं। टीकाकरण के बाद बच्चों में होने वाले दुष्प्रभाव की जांच होती है। जिसका डाटा पोर्टल पर फीड होता है। फीड डाटा के आधार पर ही ऐसे बच्चों की निगरानी की जाती है।
सीएमओ से मांगी है रिपोर्ट
मिशन निदेशक का पत्र मिला था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी व प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी गई है। पोर्टल को अपडेट कराया जा रहा है। - प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी
गड़बड़ी की हो रही जांच
बच्चों का नियमित टीकाकरण सभी केंद्रों पर हो रहा है। डाटा फीडिंग में कैसे गड़बड़ी हुई इसकी जांच करा रहे हैं। दोबारा सही डाटा पोर्टल पर फीड कराया जा रहा है। - अरुण श्रीवास्तव, सीएमओ
दीदार ए ताज: फिर लौटी ताजमहल पर पर्यटकों की 'रौनक', रिकॉर्ड 20 हजार सैलानियों ने देखा स्मारक