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आगराः सज गया फूलों का बाजार, त्योहार पर महकेगा कारोबार
Mon, 02 Nov 2020 12:17 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 02 Nov 2020 12:17 AM IST
सार
आगरा में गेंदा, गुलाब, गुलदाऊदी के फूलों की खेती शमसाबाद, किरावली और फतेहपुर सीकरी के गांवों में की जाती है। सबसे ज्यादा
गेंदा फूल की उपज शमसाबाद में हो रही है। सात माह से मंदी के दौर से गुजर रहे फूल कारोबारियों की उम्मीदों को पंख लग गए हैं।
बालूगंज की हो या ताजगंज की फूल मंडी।
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फूलों का बाजार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सात माह से फूलों का कारोबार थम सा गया है। मंदिरों के बंद होने से न फूलबंगले सज रहे हैं और न ही भगवान के चरणों में पुष्प अर्पित किए जा रहे हैं। त्योहारी सीजन के शुरू होने से फूलों के महकने की उम्मीद भी बढ़ गई है। त्योहार के बाद सहालग भी शुरू हो रहे हैं।
आगरा में गेंदा, गुलाब, गुलदाऊदी के फूलों की खेती शमसाबाद, किरावली और फतेहपुर सीकरी के गांवों में की जाती है। सबसे ज्यादा गेंदा फूल की उपज शमसाबाद में हो रही है। सात माह से मंदी के दौर से गुजर रहे फूल कारोबारियों की उम्मीदों को पंख लग गए हैं।
बालूगंज की हो या ताजगंज की फूल मंडी। फूल व्यवसायियों का कहना है कि अब दीपावली पर बाजार में फूलों की खपत बढ़ जाएगी। उनका कहना है कि अब धर्मस्थलों को भी खोल देना चाहिए। सबसे ज्यादा फूलोें की खपत मंदिरों में होती है। मंदिरों में फूलबंगले सजाने के अलावा भी रोजाना भक्तगण फूल अर्पित करते हैं।
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आगरा में गेंदा, गुलाब, गुलदाऊदी के फूलों की खेती शमसाबाद, किरावली और फतेहपुर सीकरी के गांवों में की जाती है। सबसे ज्यादा गेंदा फूल की उपज शमसाबाद में हो रही है। सात माह से मंदी के दौर से गुजर रहे फूल कारोबारियों की उम्मीदों को पंख लग गए हैं।
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बालूगंज की हो या ताजगंज की फूल मंडी। फूल व्यवसायियों का कहना है कि अब दीपावली पर बाजार में फूलों की खपत बढ़ जाएगी। उनका कहना है कि अब धर्मस्थलों को भी खोल देना चाहिए। सबसे ज्यादा फूलोें की खपत मंदिरों में होती है। मंदिरों में फूलबंगले सजाने के अलावा भी रोजाना भक्तगण फूल अर्पित करते हैं।
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दीपावली पर सबसे ज्यादा बिकता है गेंदा फूल
मंडी में फिलहाल गेंदा फूल 10 रुपये किलो और गुलाब 20 से 25 रुपये किलो तक बेचा जा रहा है। दीपोत्सव पर गेंदा फूल और गुलाब के दामों में इजाफा होने की उम्मीद है। दीवाली पर सबसे ज्यादा मांग गेंदा फूल की होती है। अभी तक तो इसमें नुकसान ही उठाना पड़ रहा है। -रामकुमार, फूल व्यवसायी
मंदिर खुलें तो बात बने
मंदिरों के खुलने से फूलों की बिक्री निश्चित ही बढ़ेगी। अभी तक फूलों की खरीद बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन त्योहार के सीजन में खासकर दीपावली से इसमें बढ़ोतरी होगी। अभी तक बाजार मंदा ही है। -गज्जन सिंह, फूल कारोबारी
शादी समारोहों में होती है सजावट
सहालग नवंबर के आखिरी सप्ताह में शुरू हो रहे हैं। शादियों में मंडप से लेकर स्टेज तक सजाने के लिए फूलों की खरीदारी होती है। शादियों की सजावट में काम आने वाले फूलों को दिल्ली से मंगवाया जाता है। -मोहन कुमार, फूल व्यवसायी
मंडी में फिलहाल गेंदा फूल 10 रुपये किलो और गुलाब 20 से 25 रुपये किलो तक बेचा जा रहा है। दीपोत्सव पर गेंदा फूल और गुलाब के दामों में इजाफा होने की उम्मीद है। दीवाली पर सबसे ज्यादा मांग गेंदा फूल की होती है। अभी तक तो इसमें नुकसान ही उठाना पड़ रहा है। -रामकुमार, फूल व्यवसायी
मंदिर खुलें तो बात बने
मंदिरों के खुलने से फूलों की बिक्री निश्चित ही बढ़ेगी। अभी तक फूलों की खरीद बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन त्योहार के सीजन में खासकर दीपावली से इसमें बढ़ोतरी होगी। अभी तक बाजार मंदा ही है। -गज्जन सिंह, फूल कारोबारी
शादी समारोहों में होती है सजावट
सहालग नवंबर के आखिरी सप्ताह में शुरू हो रहे हैं। शादियों में मंडप से लेकर स्टेज तक सजाने के लिए फूलों की खरीदारी होती है। शादियों की सजावट में काम आने वाले फूलों को दिल्ली से मंगवाया जाता है। -मोहन कुमार, फूल व्यवसायी
गुलदस्ते के फूलों की बिक्री बढ़ी
भगवान टाकीज पर फूलों के गुलदस्ते (बुके) विक्रय करने वाले सुमित बताते हैं कि बुके तो अब भी मांग में हैं, लेकिन सहालग में मांग बढ़ेगी। इसमें कई तरह के फूलों का प्रयोग होता है। कई किस्म के फूल शहर के बाहर से मंगवाए जाते हैं।
फूलों से बनाते हैं खाद
बालूगंज फूल मंडी के व्यापारियों ने बताया कि लॉकडाउन के बाद भी फूलों की खपत कम ही चल रही है। ऐसे में नगर निगम में फूलों को ले जाया जाता है। वहां फूलों से खाद बनाई जाती है। निगम की गाड़ी प्रतिदिन फूल लेकर जाती है।
भगवान टाकीज पर फूलों के गुलदस्ते (बुके) विक्रय करने वाले सुमित बताते हैं कि बुके तो अब भी मांग में हैं, लेकिन सहालग में मांग बढ़ेगी। इसमें कई तरह के फूलों का प्रयोग होता है। कई किस्म के फूल शहर के बाहर से मंगवाए जाते हैं।
फूलों से बनाते हैं खाद
बालूगंज फूल मंडी के व्यापारियों ने बताया कि लॉकडाउन के बाद भी फूलों की खपत कम ही चल रही है। ऐसे में नगर निगम में फूलों को ले जाया जाता है। वहां फूलों से खाद बनाई जाती है। निगम की गाड़ी प्रतिदिन फूल लेकर जाती है।