{"_id":"5b6d9a164f1c1bb37b8b7610","slug":"flood-situation-in-kasganj","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ का कहर: कासगंज के कई गांवों में घुसा गंगा का पानी, हजारों बीघा फसल डूबी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ का कहर: कासगंज के कई गांवों में घुसा गंगा का पानी, हजारों बीघा फसल डूबी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला कासगंज
Updated Sat, 11 Aug 2018 10:14 AM IST
विज्ञापन
बाढ़ के पानी में डूबी झोपड़ियां
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज जिले की तीनों तहसीलें बाढ़ की चपेट में हैं। 20 से अधिक गांव तक बाढ़ के पानी की दस्तक जा चुकी है। सैकड़ों बीघा फसलें अब तक जलमग्न हो चुकी हैं। कई गांवों में पानी भरा है।
नगला हंसी, नगला जाटवान में पानी इतना अधिक है कि नाव डालनी पड़ी और बाढ़ प्रभावित कुछ परिवारों को नाव से बाहर लाया गया। अधिकारी भी नाव से दौरा करने को मजबूर हुए।
अजीत नगर मार्ग की बाढ़ के पानी से सड़क कट गई है, लेकिन अभी यातायात जारी है। शहवाजपुर पटियाली मार्ग पर सड़क के ऊपर पानी चल रहा है। गुरुवार की रात से ही बाढ़ के हालात पैदा होने लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगला हंसी, नगला जाटवान में पानी इतना अधिक है कि नाव डालनी पड़ी और बाढ़ प्रभावित कुछ परिवारों को नाव से बाहर लाया गया। अधिकारी भी नाव से दौरा करने को मजबूर हुए।
विज्ञापन
अजीत नगर मार्ग की बाढ़ के पानी से सड़क कट गई है, लेकिन अभी यातायात जारी है। शहवाजपुर पटियाली मार्ग पर सड़क के ऊपर पानी चल रहा है। गुरुवार की रात से ही बाढ़ के हालात पैदा होने लगे हैं।
विज्ञापन
गांव में घुसा बाढ़ का पानी
- फोटो : अमर उजाला
रात के समय कई गांव में बाढ़ के पानी की दस्तक पहुंच गई और सोते हुए ग्रामीण रात में ही सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे। अपने पशुओं को तमाम परिवारों ने सुरक्षित स्थान पर बांध दिया।
जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला तटवर्ती इलाकों में बना रहा। इसके चलते सहावर, पटियाली इलाके के तमाम गांव के लोगों की फसलें पानी में डूब गईं। बाढ़ का सर्वाधिक प्रभाव सिकंदरपुर ढाव, किसौल, किलौनी, रफातपुर, अजीत नगर, बमनपुरा, नागर, शहवाजपुर के इलाकों में पानी कई कई फुट तक भरा हुआ था।
नगरिया-धरमपुर की सड़क अजीतनगर गांव का संपर्क मार्ग पूरी तरह से कट गया है। इससे आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है। बाढ़ से सर्वाधिक परेशानी नगला हंसी, नगला जाटवान इलाकों में भी बाढ़ के पानी से काफी परेशानी पैदा हो गई।
जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला तटवर्ती इलाकों में बना रहा। इसके चलते सहावर, पटियाली इलाके के तमाम गांव के लोगों की फसलें पानी में डूब गईं। बाढ़ का सर्वाधिक प्रभाव सिकंदरपुर ढाव, किसौल, किलौनी, रफातपुर, अजीत नगर, बमनपुरा, नागर, शहवाजपुर के इलाकों में पानी कई कई फुट तक भरा हुआ था।
नगरिया-धरमपुर की सड़क अजीतनगर गांव का संपर्क मार्ग पूरी तरह से कट गया है। इससे आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है। बाढ़ से सर्वाधिक परेशानी नगला हंसी, नगला जाटवान इलाकों में भी बाढ़ के पानी से काफी परेशानी पैदा हो गई।
गांव में घुसा बाढ़ का पानी
- फोटो : अमर उजाला
गांव की आबादी के बीच में बाढ़ के पानी ने खाई के हालात बना दिए। कई फुट तक पानी भर गया। बाढ़ के पानी की चपेट में करीब 8 परिवार गांव के आ गए। बाढ़ के पानी का जलस्तर अधिक होने के कारण यहां नाव डालनी पड़ी।
झोपड़ियों में रहने वाले परिवार अपने आशियाने छोड़ने को तैयार नहीं थे, लेकिन पटियाली के एसडीएम, तहसीलदार नाव मंगाकर पीड़ित परिवारों के पास पहुंचे और उन्हें सुरक्षित स्थान पर लाया गया।
सोरों क्षेत्र के लहरा गांव में बाढ़ का पानी आ गया। वहीं उढ़ेर बांध पर बाढ़ का पानी उफान भर रहा था। जिससे कटान का खतरा बना हुआ था। दतलाना, बघेला, खड़ेरी व आस पास के गांव तक बाढ़ के पानी की दस्तक होने लगी।
झोपड़ियों में रहने वाले परिवार अपने आशियाने छोड़ने को तैयार नहीं थे, लेकिन पटियाली के एसडीएम, तहसीलदार नाव मंगाकर पीड़ित परिवारों के पास पहुंचे और उन्हें सुरक्षित स्थान पर लाया गया।
सोरों क्षेत्र के लहरा गांव में बाढ़ का पानी आ गया। वहीं उढ़ेर बांध पर बाढ़ का पानी उफान भर रहा था। जिससे कटान का खतरा बना हुआ था। दतलाना, बघेला, खड़ेरी व आस पास के गांव तक बाढ़ के पानी की दस्तक होने लगी।
उफान पर बह रही गंगा नदी
- फोटो : अमर उजाला
जिलाधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि जिले में मीडियम फ्लड के हालात होने के कारण कुछ ग्रामीण आबादी के बीच बाढ़ का पानी पहुंचा है। प्रशासन और पुलिस की टीम तैनात कर दी हैं।
किसी भी तरह की प्रभावित इलाकों के लोगों को दिक्कतें न हों इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। टीम और बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। शीघ्र ही गंगा के जलस्तर में कमी होने की संभावना है।
किसी भी तरह की प्रभावित इलाकों के लोगों को दिक्कतें न हों इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। टीम और बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। शीघ्र ही गंगा के जलस्तर में कमी होने की संभावना है।
पटियाली क्षेत्र में बाढ़
पटियाली क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों में एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने टीम के साथ निरीक्षण किया और बाढ़ के हालातों का जायजा लिया। एसडीएम ने बताया कि इस गांव के बाढ़ पीड़ितों के लिए पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया गया है।
इसके लिए ग्राम प्रधान को निर्देशित किया गया है। तहसीलदार तिमराज सिंह के द्वारा पीड़ितों को पट्टा देने की प्रक्रिया पूरी की जा रही थी। वहीं बाढ़ प्रभावित इलाके के लोग फसलों में हो रही बाढ़ के पानी से क्षति को लेकर बेहद परेशान हैं।
काफी इलाके में तो दो सप्ताह पहले से गंगा का पानी भरा हुआ है। यह पानी कुछ कम हो पाया था कि फिर से बाढ़ का प्रभाव हो जाने से फसलें जलमग्न हो गईं। ईख की फसल को छोड़कर मक्का, बाजरा की फसलों में काफी क्षति बताई गई है।
इसके लिए ग्राम प्रधान को निर्देशित किया गया है। तहसीलदार तिमराज सिंह के द्वारा पीड़ितों को पट्टा देने की प्रक्रिया पूरी की जा रही थी। वहीं बाढ़ प्रभावित इलाके के लोग फसलों में हो रही बाढ़ के पानी से क्षति को लेकर बेहद परेशान हैं।
काफी इलाके में तो दो सप्ताह पहले से गंगा का पानी भरा हुआ है। यह पानी कुछ कम हो पाया था कि फिर से बाढ़ का प्रभाव हो जाने से फसलें जलमग्न हो गईं। ईख की फसल को छोड़कर मक्का, बाजरा की फसलों में काफी क्षति बताई गई है।