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बाजार का देसी घी खाने से पहले पढ़ें ये खबर, ताकि आपकी सेहत पर न पड़े बुरा असर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 08 Sep 2018 03:25 PM IST
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अगर आप बाजार से खरीदकर देसी घी खा रहे हैं तो सावधान हो जाएं। हो सकता है कि उस घी में मिलावट हो, जिससे आपकी सेहत को नुकसान हो सकता है। आगरा पुलिस ने नकली देसी घी बनाने वाले गिरोह को पकड़ा है।
इस गिरोह के लोग वनस्पति घी में खतरनाक केमिकल मिलाते थे। इसके बाद इसे देसी घी बताकर बाजार में बेच देते थे। यहां तक शादी व अन्य समारोह में भी नकली देसी घी की सप्लाई की जाती थी। मिलावट का खेल कई वर्षों से चल रहा था।
एत्माद्दौला के टेढ़ी बगिया में पुलिस ने शुक्रवार को छापा मारकर पांच लोगों को गिरफ्तार किया, जो नकली देसी घी बनाकर बाजार में बेचते थे। इनके पास भारी मात्रा में नकली देसी घी सहित रिफाइंड और केमिकल बरामद हुआ है।
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इस गिरोह के लोग वनस्पति घी में खतरनाक केमिकल मिलाते थे। इसके बाद इसे देसी घी बताकर बाजार में बेच देते थे। यहां तक शादी व अन्य समारोह में भी नकली देसी घी की सप्लाई की जाती थी। मिलावट का खेल कई वर्षों से चल रहा था।
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एत्माद्दौला के टेढ़ी बगिया में पुलिस ने शुक्रवार को छापा मारकर पांच लोगों को गिरफ्तार किया, जो नकली देसी घी बनाकर बाजार में बेचते थे। इनके पास भारी मात्रा में नकली देसी घी सहित रिफाइंड और केमिकल बरामद हुआ है।
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ये लोग हुए गिरफ्तार
इंस्पेक्टर कमलेश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों में किशन स्वरूप, मुकेश कुमार, वीरेंद्र सिंह, मुकेश कुमार और शेरवानी हैं। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि किशनस्वरूप और शेरवानी घी तैयार करते हैं।
दोनों की टेढ़ी बगिया पर दुकान हैं। घी के एक टिन में एक टिन रिफाइंड मिलाते थे, जिससे दो टिन घी तैयार हो जाता था। इस घी की सप्लाई शादी और पार्टियों में करते थे। ज्यादातर कैटरिंग वाले खरीदकर ले जाते थे। कम दाम में घी उपलब्ध कराते थे।
देसी घी की सुगंध लाने के लिए एसेंस का इस्तेमाल करते थे, जिससे किसी को शक नहीं होता था। अन्य आरोपी भी उक्त लोगों से घी खरीदकर ले जाते थे। सभी से 11 टिन शेड मिलावटी घी के बरामद हुए हैं।
दोनों की टेढ़ी बगिया पर दुकान हैं। घी के एक टिन में एक टिन रिफाइंड मिलाते थे, जिससे दो टिन घी तैयार हो जाता था। इस घी की सप्लाई शादी और पार्टियों में करते थे। ज्यादातर कैटरिंग वाले खरीदकर ले जाते थे। कम दाम में घी उपलब्ध कराते थे।
देसी घी की सुगंध लाने के लिए एसेंस का इस्तेमाल करते थे, जिससे किसी को शक नहीं होता था। अन्य आरोपी भी उक्त लोगों से घी खरीदकर ले जाते थे। सभी से 11 टिन शेड मिलावटी घी के बरामद हुए हैं।
200 में बेचते थे घी
इस मामले में कॉपी राइट एक्ट सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जानकारी एफएसडीए को दी गई है। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि देहात के छोटे दुकानदार घी ले जाते थे। 400 का घी 250 रुपये में देते थे।
यमुना पार में सिंथेटिक और मिलावटी घी, तेल बनाने का गोरखधंधा बड़े पैमाने पर चल रहा है। पिछले साल भी घी का कारखाना पकड़ा गया था। तब खुलासा हुआ था, यहां से कई लोगों को महीना दिया जाता था। इनके नाम भी एफएसडीए को दिए गए थे। बाद में मामला दबा दिया गया था।
यमुना पार में सिंथेटिक और मिलावटी घी, तेल बनाने का गोरखधंधा बड़े पैमाने पर चल रहा है। पिछले साल भी घी का कारखाना पकड़ा गया था। तब खुलासा हुआ था, यहां से कई लोगों को महीना दिया जाता था। इनके नाम भी एफएसडीए को दिए गए थे। बाद में मामला दबा दिया गया था।