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कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर युवक की हत्या: जांच में पुलिस ने की ये बड़ी चूक, कोर्ट ने पांच आरोपियों को किया बरी
Wed, 23 Sep 2026 02:41 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Wed, 23 Sep 2026 02:41 PM IST
सार
कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या के मामले में कोर्ट ने पांच आरोपियों को बरी कर दिया। पुलिस की एक चूक की वजह से आरोपियों को संदेह का लाभ मिला। न्यायालय ने कहा कि संदेह चाहे कितना भी गहरा हो सबूत का स्थान नहीं ले सकता।
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कोर्ट
- फोटो : ANI
विस्तार
अवैध संबंध के कारण युवक की कुल्हाड़ी से हत्या के मामले में पुलिस ने बरामद हथियार पर अंगुल छाप नहीं लिए। संदेह के आधार पर न्यायालय ने पांच आरोपियों राजेंद्र उर्फ बंटी, उसकी पत्नी सोनिया उर्फ सोनू, पुत्र आशीष, अंकुश और आदित्य निवासी टीला बालूगंज को बरी कर दिया। अपने आदेश में एडीजे 19 लोकेश कुमार ने कहा संदेह चाहे कितना भी गहरा हो सबूत का स्थान नहीं ले सकता है।
वादी महेश कर्दम निवासी औलिया रोड का आरोप था कि उनके घर के सामने रहने वाले राजेंद्र उर्फ बंटी की पत्नी सोनिया उर्फ सोनू ने उनके बेटे सिकंदर कर्दम को अपने प्रेम जाल में फंसा रखा था। बेटा जो कमाता था, महिला पर खर्च कर देता था। आरोपी राजेंद्र उर्फ बंटी और उसके बेटे इस बात पर सिकंदर से रंजिश मानते थे। घटना वाले दिन सिकंदर अपने निर्माणाधीन मकान पर सो रहा था। इसी दौरान आरोपी राजेंद्र उर्फ बंटी, उसकी पत्नी और बेटे वहां आए।
कुल्हाड़ी से गला काटकर सिकंदर की हत्या कर दी। सुबह वह मिस्त्री के साथ मकान पर पहुंचे तो बेटे सिकंदर का लहूलुहान शव मिला। शक के आधार पर महेश कर्दम ने आरोपियों को नामजद कर प्राथमिकी दर्ज कराई। मामले में वादी सहित 10 गवाहों ने बयान दर्ज कराए। एडीजे 19 लोकेश कुमार ने आरोपियों के अधिवक्ता के तर्क और साक्ष्य की कड़ियां आपस में नहीं जुड़ने, हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी से पुलिस के आरोपियों के फिंगर प्रिंट का मिलान नहीं कराने पर संदेह के आधार पांचों आरोपियों को बरी करने के आदेश दिए।
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वादी महेश कर्दम निवासी औलिया रोड का आरोप था कि उनके घर के सामने रहने वाले राजेंद्र उर्फ बंटी की पत्नी सोनिया उर्फ सोनू ने उनके बेटे सिकंदर कर्दम को अपने प्रेम जाल में फंसा रखा था। बेटा जो कमाता था, महिला पर खर्च कर देता था। आरोपी राजेंद्र उर्फ बंटी और उसके बेटे इस बात पर सिकंदर से रंजिश मानते थे। घटना वाले दिन सिकंदर अपने निर्माणाधीन मकान पर सो रहा था। इसी दौरान आरोपी राजेंद्र उर्फ बंटी, उसकी पत्नी और बेटे वहां आए।
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कुल्हाड़ी से गला काटकर सिकंदर की हत्या कर दी। सुबह वह मिस्त्री के साथ मकान पर पहुंचे तो बेटे सिकंदर का लहूलुहान शव मिला। शक के आधार पर महेश कर्दम ने आरोपियों को नामजद कर प्राथमिकी दर्ज कराई। मामले में वादी सहित 10 गवाहों ने बयान दर्ज कराए। एडीजे 19 लोकेश कुमार ने आरोपियों के अधिवक्ता के तर्क और साक्ष्य की कड़ियां आपस में नहीं जुड़ने, हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी से पुलिस के आरोपियों के फिंगर प्रिंट का मिलान नहीं कराने पर संदेह के आधार पांचों आरोपियों को बरी करने के आदेश दिए।
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